नागपुर में RSS बौद्धिक कार्यक्रम, CM फडणवीस और शिंदे समेत NDA विधायक शामिल; NCP को नहीं मिला न्योता

RSS Nagpur Program: नागपुर के RSS कार्यक्रम में BJP और शिवसेना के विधायक शामिल हुए, जबकि अजित पवार की NCP को न्योता नहीं मिला। जानें पूरी राजनीतिक तस्वीर।
RSS Nagpur Program: नागपुर के RSS कार्यक्रम में BJP और शिवसेना के विधायक शामिल हुए, जबकि अजित पवार की NCP को न्योता नहीं मिला। जानें पूरी राजनीतिक तस्वीर।
RSS मुख्यालय में सीएम फडणवीस और एकनाथ शिंदे (सौजन्य-एक्स)
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Mahayuti Politics Maharashtra: नागपुर में रविवार (14 दिसंबर) को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की ओर से बौद्धिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। इस कार्यक्रम में महायुति के घटक दलों में शामिल भाजपा और शिवसेना (शिंदे गुट) के कई वरिष्ठ नेता और विधायक शामिल हुए हैं। इनमें से कई नेता रेशमबाग स्थित डॉ. हेडगेवार स्मृति भवन में पहुंच चुके हैं। इस दौरान विधायकों को संघ के कार्यों और विचारधारा से अवगत कराया जाएगा।

हालांकि, इस बार महायुति के एक अन्य घटक दल अजित पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) को इस कार्यक्रम के लिए आमंत्रित नहीं किया गया है। बताया गया है कि पिछले वर्ष न्योता दिए जाने के बावजूद पार्टी के विधायक कार्यक्रम में शामिल नहीं हुए थे। इसी पृष्ठभूमि में इस वर्ष NCP को आमंत्रण नहीं भेजा गया। इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए NCP विधायक अमोल मिटकरी ने कहा कि संघ के बौद्धिक कार्यक्रम में जाने का सवाल ही नहीं उठता।

RSS बौद्धिक में शामिल BJP–शिवसेना विधायक

रेशमबाग स्थित स्मृति भवन पहुंचे नेताओं में मंत्री और विधायक मंगलप्रभात लोढ़ा, शिवेंद्रराजे भोसले, विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर, विक्रम पचपुते, राम शिंदे, नीलेश राणे, नितेश राणे, योगेश कदम, राजू तोड़सम, राणा जगजीतसिंह, अमित गोरखे, शंकर जगताप, बबनराव लोणीकर, तुकाराम काटे, सुधीर मुनगंटीवार, मेघना बोर्डिकर, श्रीकांत भारतीय, अशोक उइके, अतुल सावे, योगेश सागर, चंद्रकांतदादा पाटिल, अर्जुन खोतकर, पंकज भोयर, चरणसिंह ठाकुर, अमित साटम, मुरजी पटेल, दिलीप बोरसे और काशीराम पावरा शामिल हैं।

एकनाथ शिंदे का बयान

नागपुर में चल रहे विधानसभा के शीतकालीन सत्र के अंतिम दिन उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे भी RSS मुख्यालय पहुंचे। उन्होंने कहा कि संघ मुख्यालय में आकर देशभक्ति की प्रेरणा मिलती है और नई ऊर्जा का अनुभव होता है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस भी इस दौरान अन्य नेताओं के साथ मौजूद रहे।

औपचारिक बौद्धिक नहीं, संवाद और भ्रमण

सूत्रों के अनुसार, इस वर्ष कोई औपचारिक बौद्धिक सत्र आयोजित नहीं किया गया है। महर्षि व्यास ऑडिटोरियम के ग्राउंड फ्लोर पर स्थित समाधि स्थल का दर्शन, अल्पाहार और स्थानीय संघ पदाधिकारियों तथा वरिष्ठ स्वयंसेवकों के साथ संवाद कार्यक्रम का हिस्सा है।

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