छठ-दीवाली से पहले रेलवे ने दिया गिफ्ट, रेल मंत्रालय ने जारी किया लेटर, यात्रियों को होगा बड़ा फायदा

Indian Railway News: प्लेटफॉर्म और ट्रेनों में मिलने वाली रेल नीर की बोतलें अब पहले से सस्ती हो गई हैं। इसकी वजह जीएसटी में कटौती बताई जा रही है। जानिए अब रेल नीर की बोतल कितने रूपये की मिलेगी।
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कॉन्सेप्ट फोटो (डिजाइन)
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Rail Neer Price Cut: भारतीय रेलवे ने रेल यात्रियों को बड़ी राहत दी है। प्लेटफॉर्म और ट्रेनों में मिलने वाली रेल नीर की बोतलें अब पहले से सस्ती हो गई हैं। इसकी वजह जीएसटी में कटौती बताई जा रही है। रेलवे की इस पहल का असर दूसरी कंपनियों पर भी पड़ सकता है।

पहले यात्रियों को एक लीटर की बोतल के लिए 15 रूपये देने पड़ते थे, वहीं अब वही बोतल सिर्फ़ रूपये में मिलेगी। इसी तरह, आधा लीटर की बोतल अब 10 रूपये की जगह 9 रूपये में मिलेगी। नई दरें 22 सितंबर से लागू होंगी। रेलवे का कहना है कि यात्रियों की जेब पर बोझ कम करने के लिए यह कदम उठाया गया है।

लाखों यात्रियों को मिलेगी राहत

इंडियन रेलवे के अनुसार, हर साल लाखों लोग रेल नीर खरीदते हैं और इस छोटे से बदलाव से लाखों यात्रियों को राहत मिलेगी। यह फैसला खासकर लंबी दूरी के यात्रियों के लिए बेहद अहम साबित होगा। रेलवे ने यह भी सुनिश्चित किया है कि नई दरों का बोतलों की गुणवत्ता और शुद्धता पर कोई असर न पड़े।

यात्री लंबे समय से कर रहे थे मांग

काफी समय से यात्रियों की ओर से रेल नीर की कीमत कम करने की मांग की जा रही थी। यात्रियों ने चिंता व्यक्त की है कि बाहर से पानी खरीदने पर उन्हें अक्सर नकली बोतलें मिलती हैं या ज़्यादा कीमत चुकानी पड़ती है। इसलिए, रेलवे को उन्हें विश्वसनीय पानी उपलब्ध कराना चाहिए। इसी मांग को देखते हुए रेलवे ने कीमतों में यह कमी लागू की है।

अब, जब यात्री प्लेटफॉर्म पर या ट्रेनों में रेल नीर खरीदेंगे, तो उन्हें नई दरों का लाभ मिलेगा। 22 सितंबर से लागू होने वाले इस फैसले का सीधा असर रोज़ाना लाखों बोतलों की बिक्री पर पड़ेगा। उम्मीद है कि इस बदलाव से और भी ज़्यादा यात्री रेल नीर को प्राथमिकता देंगे।

अन्य कंपनियों पर पड़ेगा असर!

रेल मंत्रालय और आईआरसीटीसी का यात्रियों का विश्वास को मजबूत ही होगा। साथ ही अन्य कंपनियों पर भी असर देखने को मिलेगा। क्योंकि, आमतौर पर छोटे उत्पादों पर टैक्स बढ़ने पर दाम तो बढ़ाए जाते हैं लेकिन सरकार जब टैक्स में कटौती करती है तो कंपनिया दामों में कटौती नहीं करती हैं।

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