राहुल गांधी का Hydrogen Bomb फटने के लिए तैयार, PM मोदी के 75वें जन्मदिन करेंगे बड़ा धमाका

Rahul Gandhi हाल ही में वोट चोरी को लेकर Hydrogen Bomb फोड़ने की बात कही थी, इससे पहले भी राहुल ने Karnataka में एक PPT शेयर करके बवाल खड़ा किया था। इसी कड़ी में 17 सितंबर को PM मोदी पर हमला बोलेंगे।
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कांग्रेस नेता राहुल गांधी (फोटो- सोशल मीडिया)
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Rahul Gandhi Hydrogen Bomb on PM Modi: बिहार विधानसभा चुनाव से पहले देश की सियासत एक बार फिर गरमा गई है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने 'वोट चोरी' के आरोपों को लेकर जिस "हाइड्रोजन बम" फोड़ने का वादा किया था, उसे लेकर अब बड़ी खबर सामने आ रही है। सूत्रों के मुताबिक, राहुल गांधी यह बड़ा खुलासा 17 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 75वें जन्मदिन के मौके पर कर सकते हैं। इस कदम से वह न केवल चुनाव आयोग बल्कि सीधे तौर पर प्रधानमंत्री मोदी को घेरने की भी तैयारी में हैं।

कांग्रेस लगातार भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और चुनाव आयोग पर वोटों में हेराफेरी का आरोप लगा रही है, हालांकि चुनाव आयोग इन आरोपों को खारिज कर चुका है। इसी कड़ी में राहुल गांधी अब हरियाणा और बनारस में हुई कथित वोट चोरी के आंकड़े एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए देश के सामने रख सकते हैं। अपने रायबरेली दौरे पर भी राहुल ने कहा था कि भाजपा के लोग ज्यादा आंदोलित न हों, क्योंकि जब हाइड्रोजन बम फटेगा तो सब कुछ साफ हो जाएगा और वह जल्द ही गारंटी के साथ इसके सबूत पेश करेंगे।

'75 साल पर आडवाणी रिटायर, मोदी क्यों नहीं?'

कांग्रेस प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिन पर उन्हें उम्र के मुद्दे पर भी घेरने की रणनीति बना रही है। भाजपा में लंबे समय से 75 साल की उम्र में नेताओं के रिटायर होने की एक अघोषित परंपरा रही है। इसी नियम के तहत लालकृष्ण आडवाणी और मुरली मनोहर जोशी जैसे दिग्गज नेताओं को सक्रिय राजनीति से हटना पड़ा था। अब जब 17 सितंबर को प्रधानमंत्री मोदी खुद 75 साल के हो जाएंगे, तो कांग्रेस यह सवाल उठा रही है कि क्या नियम सिर्फ दूसरों के लिए थे? कांग्रेस का आरोप है, "आडवाणी और जोशी को रिटायर करने वाले मोदी के लिए अलग नियम क्यों हैं? क्या उन्हें सत्ता से इतना प्यार है?"

सत्ता में बने रहने के लिए संघ का 'यू-टर्न'?

कांग्रेस का आरोप है कि भाजपा किसी भी कीमत पर सत्ता में बने रहना चाहती है और इसीलिए 'वोट चोरी' का सहारा ले रही है। टीम राहुल गांधी के मुताबिक, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत ने भी हाल ही में 75 साल के नियम पर बयान दिया था, लेकिन बाद में संघ ने अपने रुख से पलटी मार ली। कांग्रेस का दावा है कि मोदी ने संघ की शरण में जाकर इस बयान को बदलवाया। पार्टी ने साफ कर दिया है कि वह इस मुद्दे को आसानी से छोड़ने वाली नहीं है और इसे जनता के बीच जोर-शोर से उठाएगी। अब देखना यह है कि 17 सितंबर को राजनीति का ऊंट किस करवट बैठता है।

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