अब आम जनता भी पूछ सकेगी सदन में सवाल! केरल विधानसभा में ऐतिहासिक पहल पर चर्चा, स्पीकर ने क्या कहा?

Kerala Assembly: केरल विधानसभा में आम नागरिकों को सवाल पूछने का मौका मिल सकता है। विधानसभा अध्यक्ष थिरुवनचूर राधाकृष्णन ने सदन में जनभागीदारी बढ़ाने के लिए नए प्रस्ताव पर विचार की बात कही।
Now, the general public can also ask questions in the House! The Kerala Assembly discussed this historic initiative. What did the Speaker say?
केरल विधानसभा (सोर्स- सोशल मीडिया)
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Kerala Assembly Public Questions: केरल विधानसभा में लोकतांत्रिक भागीदारी को नया आयाम देने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया जा सकता है। विधानसभा अध्यक्ष थिरुवनचूर राधाकृष्णन ने संकेत दिया है कि आम नागरिकों को भी सदन में सवाल पूछने का अवसर देने की संभावना पर विचार किया जा रहा है। उनका मानना है कि विधानसभा केवल निर्वाचित जनप्रतिनिधियों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि उन नागरिकों को भी लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भागीदारी का अवसर मिलना चाहिए जो अपने प्रतिनिधियों का चुनाव करते हैं।

प्रेस क्लब इंस्टीट्यूट ऑफ जर्नलिज्म में एक वॉयस एक्टिंग कोर्स और स्टूडियो कॉम्प्लेक्स के उद्घाटन समारोह में बोलते हुए उन्होंने कहा कि विधानसभा में सार्वजनिक भागीदारी को मजबूत करने के लिए कुछ ऐतिहासिक फैसलों पर विचार किया जा रहा है। यदि यह व्यवस्था लागू होती है तो जनता और विधानसभा के बीच संवाद का स्वरूप बदल सकता है और नागरिकों की लोकतांत्रिक भागीदारी पहले से अधिक मजबूत हो सकती है।

जनता को सवाल पूछने का मौका देने पर विचार

थिरुवनचूर राधाकृष्णन ने कहा, "जैसे कुछ विदेशी विधायिकाओं में होता है, वैसे ही जनता को भी सवाल पूछने का अवसर मिलना चाहिए।" उन्होंने कहा कि किसी भी व्यवस्था को अंतिम रूप देने से पहले विशेषज्ञों से चर्चा की जाएगी। स्पीकर ने कहा कि केरल विधानसभा को जनता के लिए अधिक सुलभ और जुड़ा हुआ बनाने के लिए कई पहलें की जा रही हैं। उन्होंने बताया कि 138 साल पुरानी यह संस्था बदलती लोकतांत्रिक जरूरतों के अनुसार लगातार विकसित होनी चाहिए।

सदन में नागरिकों की भागीदारी बढ़ाने पर मंथन

यह प्रस्ताव विधायी कार्यप्रणाली को आधुनिक बनाने और नागरिकों को लोकतांत्रिक प्रक्रिया के और करीब लाने के व्यापक प्रयासों का हिस्सा है। यदि यह लागू होता है, तो यह राज्य की सर्वोच्च विधायी संस्था और जनता के बीच संवाद के तरीके में बड़ा बदलाव ला सकता है। स्पीकर के इस बयान के बाद विधायी मामलों में चुनाव के बाद भी नागरिक भागीदारी बढ़ाने पर चर्चा शुरू हो गई है।

विधानसभा को अधिक सुलभ बनाने की तैयारी

उन्होंने यह भी कहा कि सार्वजनिक पहुंच को बढ़ाने के प्रयासों के तहत विधानसभा अपनी पुस्तकों और दस्तावेजों के संग्रह को ऑडियोबुक में बदलने की संभावना भी तलाश रही है। केरल विधानसभा में 140 सदस्य हैं, इसमें से 71 नए विधायकों के लिए बुधवार को दो दिन का ओरिएंटेशन कोर्स भी शुरू होगा, ताकि उन्हें सदन की कार्यप्रणाली से परिचित कराया जा सके। हाल के समय में इतनी बड़ी संख्या में पहली बार चुने गए विधायकों का होना एक तरह का रिकॉर्ड माना जा रहा है।

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