

Bihar News: बिहार की राजधानी पटना में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार एक कार्यक्रम में शिरकत करने गए थे। यहां उनको भारी विरोध का सामना करना पड़ा, दर्जनों युवाओं ने कार्यक्रम में अपना विरोध जताते हुए जमकर बवाल किया। घटना गुरुवार दोपहर की है। मुख्यमंत्री बापू सभागार में राज्य मदरसा शिक्षा बोर्ड के शताब्दी समारोह को संबोधित करने पहुंचे थे।
बापू सभागार में मदरसे के कुछ शिक्षक अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा। इस दौरान शिक्षकों ने मांग कि की शिक्षकों का लंबे समय से लंबित वेतन सरकार आज ही जारी करे। इसको लेकर शिक्षक सीएम के पास जाकर स्वयं ज्ञापन सौंपकर अपनी बात रखना चाहते थे, लेकिन सुरक्षाकर्मियों ने शिक्षकों को सीएम तक नहीं पहुंचने दिया।
इसके बाद नाराज शिक्षकों ने हंगामा कर दिया। सीएम के सामने सुरक्षाकर्मियों और प्रदर्शनकारी शिक्षकों में धक्का-मुक्की हो गई। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कार्यक्रम में मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि खुशी बात है कि राज्य मदरसा शिक्षा बोर्ड के 100 वर्ष पूरे हो गए। उन्होंने पहले कुछ नहीं था। कोई काम नहीं हुआ। इससे पहले लोगों को बुरा हाल था। हम लोग सरकार में आए तो काम करना शुरू किया आज बिहार में कानून का राज है।
पूर्व की लालू प्रसाद यादव व राजद की सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि 2005 से पहले मुस्लिम समुदाय के लिए काम नहीं किया जाता था। एनडीए की सरकार बनने के बाद मुसलमानों के लिए काम किया गया। पहले झगड़ा बहुत होता था। अब कानून का राज है। वहीं उन्होंने अल्पसंख्यकों के लिए किए कार्यों को गिनाते हुए बताया कि कब्रिस्तानों की हमने घेराबंदी कराई। मदरसा शिक्षकों को सरकारी शिक्षकों के बराबर वेतन दिया। पहले मदरसा शिक्षकों को वेतन कम मिलता था। हमने इसे समान वेतन किया।