
प्रवासी भारतीय सम्मान अवॉर्ड प्रदान (सौजन्यः सोशल मीडिया)
दिल्ली: भारत अतिथि देवो भवः और वसुधैव कुटुबकम की संज्ञा को मानने वाला देश है। इसी को साकार करने के लिए वह लगातार प्रयासरत भी रहता है। भारत को अपने विशाल विदेशी समुदाय से जोड़ने तथा उनके ज्ञान, विशेषज्ञता और कौशल को एक साझा मंच पर लाने के उद्देश्य से प्रवासी भारतीय दिवस सम्मेलन विदेश मंत्रालय का प्रमुख कार्यक्रम – 2003 से हर वर्ष 7-9 जनवरी को आयोजित किया जाता है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आगामी प्रवासी भारतीय दिवस सम्मेलन के समापन सत्र के दौरान प्रवासी भारतीय सम्मान अवॉर्ड यानी पीबीएसए प्रदान करेंगी। विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को इस वर्ष के पुरस्कार विजेताओं के नामों की घोषणा करते हुए यह जानकारी दी। बता दें कि यह पुरस्कार विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाले प्रवासी भारतीयों को दिया जाता है।
प्रवासी भारतीय दिवस सम्मेलन का 18वां संस्करण 8 से 10 जनवरी तक ओडिशा के भुवनेश्वर में आयोजित किया जाएगा। विदेश मंत्रालय ने कहा, “प्रवासी भारतीय दिवस समारोह के समापन सत्र में भारत की माननीय राष्ट्रपति द्वारा प्रवासी भारतीय सम्मान अवॉर्ड प्रदान किए जाएंगे।” मंत्रालय ने कहा कि पुरस्कार विजेताओं में ब्रिटेन से ऊषा कुमारी पराशर राजनीति के क्षेत्र में और अमेरिका से डॉ. शर्मिला फोर्ड सामुदायिक सेवा के लिए शामिल हैं। कुछ संस्थानों को भी यह पुरस्कार दिया जाएगा।
पीबीएसए-2025 के लिए नामों की सिफारिश जूरी-सह-पुरस्कार समिति द्वारा की गई थी। पीबीएसए प्रवासी भारतीयों को दिया जाने वाला सर्वोच्च सम्मान है। विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि यह पुरस्कार प्रवासी भारतीय दिवस सम्मेलन के भाग के रूप में राष्ट्रपति द्वारा प्रदान किया जाता है।
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प्रवासी भारतीय सम्मान अवॉर्ड-2025 प्रदान करने के लिए समिति द्वारा अनुशंसित पुरस्कार विजेताओं की सूची में जगह बनाने वालों में ऑस्ट्रेलिया से प्रोफेसर अजय राणे सामुदायिक सेवा के लिए, ऑस्ट्रिया से डॉ. मारियालेना जोन फर्नांडीस शिक्षा के क्षेत्र में, रोमानिया से जग्गन्नाथ शेखर अस्थाना व्यवसाय के क्षेत्र समेत अन्य शामिल हैं। सामुदायिक सेवा के लिए सम्मान अर्जित करने वाले रूस के संगठन ‘हिंदुस्तानी समाज’ के अलावा गुयाना का सरस्वती विद्या निकेतन भी इस सूची में शामिल है।
(एजेंसी इनपुट के साथ)






