
पुतिन के सलाहकार से मिले अजित डोभाल (सोर्स- सोशल मीडिया)
India Russia Relations: भारत-रूस संबंधों में इन दिनों असामान्य रूप से तेज़ गतिविधि देखी जा रही है। एक ओर विदेश मंत्री एस. जयशंकर रूस के दौरे पर हैं और मॉस्को में रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव से विस्तृत वार्ता कर रहे हैं। दूसरी ओर रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के सबसे भरोसेमंद सलाहकार और रूस की सुरक्षा परिषद के सचिव निकोलाय पत्रुशेव अचानक भारत पहुँचे और उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल से लंबी बैठक की।
यह सब ऐसे समय में हो रहा है जब भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील, गैस कॉन्ट्रैक्ट और इंडो-पैसिफिक रणनीति पर बातचीत चरम पर है। ऐसे में सवाल उठना स्वाभाविक है कि क्या यह सामान्य कूटनीति है या किसी बड़े रणनीतिक कदम की तैयारी। पत्रुशेव की भारत यात्रा को साधारण दौरा नहीं माना जा रहा। वे पुतिन के बहुत करीबी हैं और रूस की सुरक्षा तथा विदेश नीति के अहम फैसलों में शामिल रहते हैं।
पुतिन की संभावित भारत यात्रा से कुछ दिन पहले उनका डोभाल से मिलना इस बात का संकेत है कि रूस चाहता है कि दौरे से पहले सभी मुद्दों पर स्पष्टता और तालमेल सुनिश्चित किया जाए। बताया जा रहा है कि इस बैठक में सुरक्षा सहयोग, रणनीतिक समन्वय, डिफेंस प्रोजेक्ट और ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े अहम बिंदुओं पर गहन विचार-विमर्श हुआ।
🇷🇺🇮🇳 On November 17, Aide to the President of #Russia & Chairman of the Maritime Board of Russia Nikolay Patrushev held #RussiaIndia consultations on #MaritimeCooperation in #NewDelhi. More details 👉🏻 https://t.co/p0oI7pajlw#DruzhbaDosti pic.twitter.com/DKlhZApMq5 — Russia in India 🇷🇺 (@RusEmbIndia) November 17, 2025
वहीं दूसरी तरफ मॉस्को में जयशंकर और लावरोव के बीच हुई वार्ता का मुख्य केंद्र भी पुतिन की आगामी भारत यात्रा और 23वें वार्षिक भारत-रूस शिखर सम्मेलन की तैयारियाँ रहीं। जयशंकर ने कहा कि दोनों देशों के बीच कई महत्वपूर्ण समझौते अंतिम चरण में हैं और यह मुलाकात द्विपक्षीय साझेदारी में नई गति लाएगी। बातचीत में यूक्रेन युद्ध, मध्य पूर्व संकट और अफगानिस्तान की स्थिति पर भी खुलकर चर्चा हुई। भारत ने दोहराया कि वह संघर्ष विराम और स्थायी समाधान का समर्थक है और सभी पक्षों से रचनात्मक भूमिका की अपेक्षा करता है।
#WATCH मॉस्को में रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव के साथ अपनी बैठक के दौरान विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने कहा, “…मेरे लिए यह विशेष अवसर और भी महत्वपूर्ण है क्योंकि हम राष्ट्रपति पुतिन की 23वें वार्षिक शिखर सम्मेलन के लिए भारत यात्रा की तैयारी कर रहे हैं। विभिन्न क्षेत्रों में… pic.twitter.com/DlSw93WPCl — ANI_HindiNews (@AHindinews) November 17, 2025
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पुतिन की यात्रा 5 दिसंबर के आसपास हो सकती है, जो 2021 के बाद उनका पहला भारत दौरा होगा। यह यूक्रेन युद्ध के बीच उनके दुर्लभ विदेश दौरों में से एक है, इसलिए इसका प्रतीकात्मक महत्व भी काफी है। इस दौरान ऊर्जा और गैस पर नए करार, रक्षा सहयोग और को-प्रोडक्शन के समझौते तथा रुपए-रूबल लेनदेन पर महत्वपूर्ण प्रगति की उम्मीद है।






