फैसला इनके मुंह पर तमाचे जैसा, मोदी-शाह इस्तीफा दें! नेशनल हेराल्ड केस में कांग्रेस का भाजपा पर हमला

National Herald Case में अदालत से Sonia Gandhi और Rahul Gandhi को मिली राहत ने सियासी हलचल बढ़ा दी। अदालत द्वारा ED की चार्जशीट पर संज्ञान लेने से इनकार करने के बाद कांग्रेस ने हमला बोला।
National Herald Case after relax court Sonia Gandhi Rahul Gandhi congress demand Modi Shah Resignation
नेशनल हेराल्ड केस में कांग्रेस ने पीएम मोदी और गृहमंत्री शाह का इस्तीफा मांगा (फोटो- सोशल मीडिया)
Published on
Updated on

National Herald Case Congress Attack on PM Modi and Amit Shah: नेशनल हेराल्ड मामले में दिल्ली की अदालत से सोनिया गांधी और राहुल गांधी को मिली बड़ी राहत ने अब सियासी हलचल बढ़ा दी है। अदालत द्वारा ईडी की चार्जशीट पर संज्ञान लेने से इनकार करने के बाद कांग्रेस पार्टी आक्रामक मूड में आ गई है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने इसे मोदी सरकार के चेहरे पर तमाचा बताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से तुरंत इस्तीफे की मांग कर दी है। उनका कहना है कि यह पूरा मामला केवल गांधी परिवार को परेशान करने के लिए बनाया गया था।

अदालत के फैसले ने स्पष्ट कर दिया है कि यह मामला कानूनी आधार पर नहीं टिकता। स्पेशल जज विशाल गोगने ने अपने फैसले में माना कि जांच एजेंसी की शिकायत सुब्रमण्यम स्वामी की निजी शिकायत पर आधारित थी, न कि किसी FIR पर। इसलिए मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों पर संज्ञान लेना कानूनन गलत है। खरगे ने कहा कि सत्य की जीत हुई है और 1938 में स्वतंत्रता सेनानियों द्वारा शुरू किए गए अखबार को भाजपा ने बदनाम करने की कोशिश की। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार राजनीतिक फायदे के लिए एजेंसियों का इस्तेमाल कर डराने का काम करती रही है। कांग्रेस  के सांसदों ने इस मसले पर सांसद में भी हंगामा खड़ा कर दिया और अन्य शहरों में भी जोरदार प्रदर्शन हुए।

इस्तीफे की गूंज और तीखा हमला

इस फैसले के बाद कांग्रेस अध्यक्ष ने तीखा हमला बोलते हुए कहा कि भविष्य में लोगों को सताने का काम बंद होना चाहिए। उन्होंने प्रधानमंत्री और गृह मंत्री से इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि यह फैसला उनके लिए एक सबक है। वहीं वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक सिंघवी ने बताया कि बिना किसी एफआईआर के कांग्रेस नेताओं से 80 घंटे पूछताछ की गई। उनका कहना है कि यह मुकदमा बिना किसी कानूनी नींव के खड़ा किया गया था जो अब अपने ही बोझ से गिर गया है, क्योंकि इसमें न तो पैसे का लेनदेन हुआ और न ही संपत्ति का हस्तांतरण।

सड़क से संसद तक लड़ाई

संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने साफ कर दिया है कि पार्टी अब चुप नहीं बैठेगी। पिछले सात सालों से शीर्ष नेतृत्व को निशाना बनाए जाने से हर कार्यकर्ता गुस्से में है और अब वे इस राजनीतिक प्रतिशोध को बेनकाब करने के लिए सड़कों पर उतरेंगे। खरगे ने भी हुंकार भरी है कि वे संसद के भीतर और बाहर दोनों जगह लड़ेंगे और सरकार को सबक सिखाएंगे। कांग्रेस का कहना है कि एजेंसियों के दुरुपयोग का पूरे देश में पुरजोर विरोध किया जाएगा और कार्यकर्ता अपनी ताकत दिखाएंगे।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com