
युमनाम खेमचंद सिंह (सोर्स- सोशल मीडिया)
Yumnam Khemchand Singh: भारतीय जनता पार्टी के नेता युमनाम खेमचंद सिंह को मणिपुर में विधायक दल का नेता चुना गया है। अब वह राज्य के नए मुख्यमंत्री होंगे। गौरतलब है कि मणिपुर में दो साल से ज्यादा चली हिंसा के बाद यहां राष्ट्रपति शासन लगा दिया गया था।
आपको बता दें कि 13 फरवरी 2025 को भारत के राष्ट्रपति ने संविधान के अनुच्छेद 356 के तहत मणिपुर में राष्ट्रपति शासन लागू कर दिया था। संविधान के अनुसार, राष्ट्रपति शासन की यह घोषणा छह महीने के लिए वैध थी। जिसके बाद 5 अगस्त को इसे फिर से 6 महीने के लिए बढ़ा दिया गया था।
युमनाम खेमचंद सिंह को मुख्यमंत्री चुनना राज्य में स्थिरता लाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। बीजेपी विधायक दल की बैठक में नॉर्थ ईस्ट को-ऑर्डिनेटर संबित पात्रा, मणिपुर बीजेपी प्रभारी अजीत गोपछाड़े और ऑब्जर्वर तरुण चुघ खास तौर पर मौजूद थे।
#BREAKING: BJP Leader Yumnam Khemchand Singh has been elected as the leader of the legislative party and will be the new Chief Minister of Manipur pic.twitter.com/fqz0HuV06e — IANS (@ians_india) February 3, 2026
युमनाम खेमचंद पहले मणिपुर विधानसभा के स्पीकर और कैबिनेट मंत्री के तौर पर अहम भूमिका निभा चुके हैं। उनकी नियुक्ति से राज्य में नेतृत्व परिवर्तन को लेकर लंबे समय से चला आ रहा सस्पेंस आखिरकार खत्म हो गया है। ऐसी अटकलें लगाई जा रही हैं कि वह जल्द ही सरकार बनाने का दावा पेश करने के लिए राजभवन जाएंगे और उनके कैबिनेट का गठन भी जल्द ही साफ हो जाएगा।
युमनाम खेमचंद सिंह को मणिपुर में एक अनुभवी और प्रभावशाली नेता माना जाता है। सिंगजामेई निर्वाचन क्षेत्र से आने वाले खेमचंद सिंह का मुख्यमंत्री की कुर्सी तक का सफर काफी शानदार रहा है। वह मणिपुर विधानसभा के स्पीकर रह चुके हैं और अपनी निष्पक्ष कार्यशैली के लिए लोकप्रिय रहे हैं। मौजूदा सरकार में उन्होंने ग्रामीण विकास और पंचायती राज जैसे अहम मंत्रालय संभाले थे।
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मणिपुर में जातीय हिंसा 3 मई 2023 को शुरू हुई थी जो अब तक जारी है। दो साल से ज्यादा समय से चल रही इस हिंसा में 260 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है और 60,000 से ज्यादा लोग विस्थापित हुए हैं। राज्य में लंबे समय तक अशांति और रुक-रुक कर झड़पें हो रही हैं।






