MIDC Projects: औद्योगिक विकास को रफ्तार देने के लिए भूमि अधिग्रहण तेज करने के सीएम ने दिए निर्देश

Devendra Fadnavis: मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने महाराष्ट्र में औद्योगिक विकास और मजबूत बुनियादी ढांचे के लिए भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया को तेज, पारदर्शी और समयबद्ध बनाने के निर्देश दिए हैं।
Maharashtra land acquisition
industrial development Maharashtra (सोर्सः सोशल मीडिया)
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Maharashtra Land Acquisition: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने राज्य में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और औद्योगिक विकास को गति देने के उद्देश्य से भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को पारदर्शी, समयबद्ध और तेज करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि परियोजनाओं के लिए भूमि देने वाले नागरिकों को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए और उनके हितों की पूरी तरह रक्षा की जाए।

मुख्यमंत्री ने अपने सरकारी निवास ‘वर्षा’ में आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक में महाराष्ट्र औद्योगिक विकास निगम (एमआईडीसी) और महाराष्ट्र राज्य सड़क विकास निगम (एमएसआरडीसी) की विभिन्न परियोजनाओं के लिए चल रहे भूमि अधिग्रहण कार्यों की समीक्षा की।

सुदृढ़ बुनियादी ढांचा और औद्योगिक विकास पर सरकार का फोकस

बैठक में जानकारी दी गई कि राज्य में औद्योगिक विकास के लिए विभिन्न विभागों के माध्यम से 8,969 एकड़ भूमि पहले से उपलब्ध है, जबकि 20,431 एकड़ भूमि का नया अधिग्रहण किया जा चुका है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में बढ़ती औद्योगिक निवेश मांग को देखते हुए एमआईडीसी को एक लाख एकड़ भूमि उपलब्ध कराने का लक्ष्य निर्धारित करना चाहिए। उन्होंने बताया कि मुंबई-पुणे-नागपुर बेल्ट के साथ-साथ नासिक, छत्रपति संभाजीनगर और सोलापुर जैसे क्षेत्रों में भी निवेशकों द्वारा औद्योगिक भूमि की मांग लगातार बढ़ रही है।

बैठक में उद्योग मंत्री डॉ. उदय सामंत (वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से), मुख्य सचिव राजेश अग्रवाल, विभिन्न विभागों के अतिरिक्त मुख्य सचिव, तथा एमआईडीसी और एमएसआरडीसी के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। उद्योग मंत्री ने जानकारी दी कि कोंकण क्षेत्र में भूमि अधिग्रहण के दौरान कहीं भी वन भूमि का उपयोग नहीं किया गया है।

प्रमुख निर्देश और फैसले

1 लाख एकड़ भूमि का लक्ष्य

मुख्यमंत्री ने एमआईडीसी को निर्देश दिए कि राज्य में औद्योगिक निवेश की बढ़ती मांग को देखते हुए 1 लाख एकड़ भूमि उपलब्ध कराने की दीर्घकालिक योजना तैयार की जाए।

प्रमुख एक्सप्रेस-वे परियोजनाओं की समीक्षा

बैठक में शक्तिपीठ एक्सप्रेस-वे, विरार-अलिबाग मल्टीमॉडल कॉरिडोर, नागपुर-गोंदिया, जालना-नांदेड और नागपुर-चंद्रपुर एक्सप्रेस-वे जैसी परियोजनाओं के भूमि अधिग्रहण की प्रगति की समीक्षा की गई।

तीन वर्ष की समयसीमा

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि राज्य की सभी चालू बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को अगले तीन वर्षों में पूर्ण करने की स्पष्ट समयसीमा तय की जाए।

रोजगार और निवेश को बढ़ावा

औद्योगिक उपयोग के लिए सरकारी भूमि निःशुल्क हस्तांतरित करने का प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए गए, ताकि उद्यमियों को कम लागत पर भूखंड मिल सकें और राज्य में रोजगार के नए अवसर सृजित हों।

सभी प्रोजेक्ट्स को अगले 3 साल में पूरा करने की योजना

इस मीटिंग में एमएसआरडीसी के प्रोजेक्ट्स जैसे शक्तिपीठ एक्सप्रेस वे, विरार-अलीबाग मल्टीमॉडल कॉरिडोर, नागपुर-गोंदिया एक्सप्रेस वे, भंडारा-गढ़चिरौली एक्सप्रेसवे, नागपुर चंद्रपुर एक्सप्रेस वे, नवेगांव- सूरजगढ़ मिनरल कॉरिडोर, जालना नांदेड़ एक्सप्रेस वे वगैरह के चल रहे जमीन अधिग्रहण प्रोसेस का भी मुख्यमंत्री फडणवीस ने रिव्यू किया। राज्य में चल रहे सभी प्रोजेक्ट्स को अगले 3 साल में पूरा करने की योजना बनाई जाने पर जोर दिया गया।

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