- Hindi News »
- India »
- Karthigai Deepam Row Explained Political Chessboard Set In Tamil Nadu Bjp Dmk Face Off
क्या है कार्तिगई दीपम विवाद? जिसने तमिलनाडु में बिछाई सियासी बिसात, चुनाव में BJP को मिलेगा फायदा!
Tamil Nadu Politics: अपनी द्रविड़ राजनीति और धर्मनिरपेक्ष छवि के लिए मशहूर तमिलनाडु इन दिनों एक पहाड़ी पर दीप जलाने को लेकर धार्मिक राजनीति और कानूनी संघर्ष का गवाह बन रहा है।
- Written By: अभिषेक सिंह

कॉन्सेप्ट फोटो (AI जनरेटेड एंड मोडिफाइड)
Karthigai Deepam Controversy: अपनी द्रविड़ राजनीति और धर्मनिरपेक्ष छवि के लिए मशहूर तमिलनाडु इन दिनों एक पहाड़ी पर दीप जलाने को लेकर धार्मिक राजनीति और कानूनी संघर्ष का गवाह बन रहा है। मदुरै के पास स्थित तिरुपरंकुंद्रम पहाड़ी पर ‘कार्तिगई दीपम’ (कार्तिक पूर्णिमा पर जलाया जाने वाला विशाल दीपक) जलाने का मुद्दा अब केवल आस्था तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह न्यायपालिका, सरकार और आगामी चुनावों के लिए एक निर्णायक मोड़ बन गया है।
मंगलवार को मद्रास हाईकोर्ट ने अपने पुराने फैसले को बरकरार रखते हुए पर्व के दिन ‘कार्तिगई दीपम’ जलाने का आदेश दे दिया है। मद्रास हाईकोर्ट की मदुरै बेंच ने कहा है कि दीपथून पर दीपक प्रज्वलित किया जाना चाहिए और मंदिर प्रशासन को इसके लिए आवश्यक व्यवस्था करनी चाहिए। तमिलनाडु की डीएमके सरकार ने इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम अदालत का दरवाजा खटखटाने का फैसला किया है।
क्या है तिरुपरंकुंद्रम दीपम विवाद?
तिरुपरंकुंद्रम मंदिर, भगवान मुरुगन (कार्तिकेय) के छह प्रमुख स्थलो में से पहला माना जाता है। यह मंदिर मदुरै के पास एक पहाड़ी की तलहटी में स्थित है। विवाद की जड़ इसी पहाड़ी की चोटी है। पहाड़ी के ऊपर सिकंदर शाह की दरगाह स्थित है। मुस्लिम पक्ष का दावा है कि पहाड़ी का ऊपरी हिस्सा वक्फ बोर्ड की संपत्ति है और वहां दरगाह का नियंत्रण है।
सम्बंधित ख़बरें
योगी को PM की रेस से बाहर करने की साजिश…शंकराचार्य विवाद को बनाया गया मोहरा? यहां समझिए पूरी ‘क्रोनोलॉजी’
भाजपा ने कांग्रेस के खिलाफ चलाया ‘कॉम्प्रोमाइज्ड कांग्रेस’ अभियान, सोशल मीडिया पर पोस्टस् का सैलाब
Nitin Nabin का कांग्रेस पर हमला, नेहरू से लेकर राहुल गांधी तक किसी को नहीं छोड़ा
‘मदरसा आतंकवादी तैयार करने का अड्डा’, मालेगांव नमाज विवाद पर नितेश राणे की विवादित टिप्पणी
‘कार्तिगई दीपम’ पुरानी परंपरा
दूसरी हिंदू पक्ष का दावा है कि यह पहाड़ी प्राचीन काल से हिंदुओं की है और ‘कार्तिगई दीपम’ के अवसर पर पहाड़ी की चोटी पर महादीप जलाना उनकी सदियों पुरानी परंपरा है। विवाद तब गहरा गया जब मुस्लिम जमात ने पहाड़ी की चोटी पर हिंदुओं द्वारा दीप जलाने का विरोध किया और पुलिस ने कानून-व्यवस्था का हवाला देकर दीप जलाने पर रोक लगा दी।
दीपम विवाद की शुरुआत कैसे हुई?
हालांकि यह विवाद दशकों पुराना है, लेकिन हाल के वर्षों में इसने तूल पकड़ लिया। ऐतिहासिक रूप से स्थानीय हिंदू समुदाय ‘कार्तिगई दीपम’ के त्योहार पर पहाड़ी की चोटी पर एक विशाल कड़ाही में दीपक जलाता रहा है, जो मीलों दूर से दिखाई देता है। समस्या तब शुरू हुई जब दरगाह प्रबंधन और स्थानीय मुस्लिम समुदाय ने इस पर आपत्ति जताई।
प्रशासन ने हिंदुओं को क्यों रोका?
उन्होंने तर्क दिया कि पहाड़ी का शिखर वक्फ संपत्ति है और वहां मूर्ति पूजा या दीप जलाना इस्लामी मान्यताओं के खिलाफ है। इसके बाद जिला प्रशासन और पुलिस ने सांप्रदायिक तनाव से बचने के लिए हिंदू भक्तों को ऊपर जाने और दीप जलाने से रोकना शुरू कर दिया। हिंदू संगठनों ने इसे अपनी धार्मिक स्वतंत्रता का हनन बताया और मामला अदालत की चौखट तक पहुंच गया।
मद्रास हाईकोर्ट ने क्या फैसला दिया?
एक दिसंबर 2025 को मद्रास हाईकोर्ट की मदुरै बेंच ने इस मामले में एक ऐतिहासिक फैसला सुनाया, जिसने हिंदू पक्ष को बड़ी राहत दी। जस्टिस जी.आर. स्वामीनाथन की एकल पीठ ने आदेश दिया कि कार्तिगई दीपम के अवसर पर तिरुपरंकुंद्रम पहाड़ी की चोटी पर दीपक जलाने की अनुमति दी जानी चाहिए। कोर्ट ने अपने फैसले में कई महत्वपूर्ण तर्क दिए।
- जमीन का स्वामित्व: कोर्ट ने स्पष्ट किया कि पूरी पहाड़ी वक्फ बोर्ड की संपत्ति नहीं है। पहाड़ी के कई हिस्से राजस्व विभाग (सरकारी भूमि) के अंतर्गत आते हैं।
- पुरातात्विक प्रमाण: कोर्ट ने भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) के रिकॉर्ड्स का हवाला दिया, जिसमें बताया गया कि पहाड़ी पर जैन बिस्तर और प्राचीन तमिल-ब्राह्मी शिलालेख मौजूद हैं, जो ईसा पूर्व दूसरी शताब्दी के हैं। यह सिद्ध करता है कि दरगाह के अस्तित्व में आने से सदियों पहले से यह पहाड़ी धार्मिक गतिविधियों का केंद्र थी।
- धार्मिक अधिकार: जस्टिस स्वामीनाथन ने कहा कि केवल दरगाह के होने से हिंदुओं को उनकी पारंपरिक प्रथाओं से रोका नहीं जा सकता। संविधान का अनुच्छेद 25 सभी को अपने धर्म के पालन का अधिकार देता है।
GR स्वामीनाथन की आलोचना क्यों?
इस फैसले के साथ-साथ फैसला सुनाने वाले जज जस्टिस जी.आर. स्वामीनाथन भी विवादों और चर्चा के केंद्र में आ गए। संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान डीएमके जस्टिस जीआर स्वामीनाथन के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव लेकर आई जिस पर 100 से ज्यादा सांसदों ने हस्ताक्षर भी किए थे।

फैसले से पहले जस्टिस स्वामीनाथन ने स्वयं पहाड़ी पर चढ़कर स्थिति का मुआयना किया था। उन्होंने दरगाह और उस स्थान को देखा जहां दीप जलाया जाता है। जजों का इस तरह मौके पर जाना दुर्लभ होता है, जिसकी हिंदू पक्ष ने सराहना की, लेकिन आलोचकों ने इसे ‘ज्युडिशियल एक्टिविज्म’ करार दे डाला।
DMK ने लगाया था ये बड़ा आरोप
तमिलनाडु की सत्ताधारी पार्टी DMK और उनके सहयोगी दलों के समर्थकों ने सोशल मीडिया पर जज के खिलाफ अभियान चलाया। उन पर आरोप लगाया गया कि वे एक विशेष विचारधारा (हिंदुत्व) के प्रति झुकाव रखते हैं। उनके पुराने फैसलों और टिप्पणियों को भी इसी चश्मे से देखा गया। आलोचकों का कहना था कि जज ने ‘तथ्यों से ज्यादा भावनाओं’ को महत्व दिया।
DMK सरकार की क्या तैयारी है?
मद्रास हाईकोर्ट के इस फैसले के खिलाफ तमिलनाडु की एमके स्टालिन सरकार अब सुप्रीम अदालत का दरवाजा खटखटाने का प्लान बना रही है। सियासी विश्लेषकों का कहना है कि DMK सरकार ऐसे समय में सुप्रीम कोर्ट पहुंचेगी कि जब तक अदालत का फैसला आए तब तक राज्य में चुनाव खत्म हो जाएं।
तमिलनाडु चुनाव पर होगा असर?
इस साल तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव होने हैं और तिरुपरंकुंद्रम विवाद का उस पर गहरा असर पड़ना तय माना जा रहा है। भारतीय जनता पार्टी तमिलनाडु में अपनी जड़ें जमाने की कोशिश कर रही है। वह इस मुद्दे को ‘हिंदुओं के अधिकारों के दमन’ के रूप में पेश कर रही है। यह मुद्दा भाजपा को हिंदू वोटों को एकजुट करने में मदद कर सकता है। ठीक वैसे ही जैसे उत्तर भारत में राम मंदिर या अन्य मुद्दों ने किया।
विरोध क्यों कर रही है DMK?
दूसरी तरफ राज्य की सत्ताधारी पार्टी डीएमके इसके विरोध में इसलिए है क्योंकि समर्थन से अल्पसंख्यक (मुस्लिम) वोट बैंक नाराज हो सकता है। जिनका उन्हें पहले से समर्थन प्राप्त है। इसके साथ ही वहां के कुछ दलित भी नाराज हो सकते हैं। अगर ऐसा हुआ तो चुनावों में डीएमके के लिए मुश्किल होगी।
यह भी पढ़ें: सियासत-ए-बंगाल: जिस इमारत से फेंका गया बाहर, वहीं CM बनकर पहुंची ममता; चौंका देगी ‘दीदी’ की ये कहानी
अधर में क्यों लटकी AIADMK?
इन दोनों से इतर राज्य की मुख्य विपक्षी पार्टी अन्नाद्रमुक (AIADMK) के लिए यह फैसला ‘सांप और छछुंदर’ जैसी स्थिति में ला खड़ा किया है। प्रमुख विपक्षी पार्टी AIADMK इस मुद्दे पर सतर्क है। वे न तो पूरी तरह भाजपा के साथ दिखना चाहते हैं और न ही हिंदुओं की भावनाओं के खिलाफ।
Frequently Asked Questions
-
Que: मुस्लिमों ने पहाड़ी पर दीप जलाने से क्यों रोका?
Ans: मुस्लिमों ने कहा कि पहाड़ी का शिखर वक्फ संपत्ति है और वहां मूर्ति पूजा या दीप जलाना इस्लामी मान्यताओं के खिलाफ है।
-
Que: तिरुपरंकुंद्रम विवाद पर मद्रास हाईकोर्ट ने क्या फैसला दिया?
Ans: मद्रास हाईकोर्ट ने अपने पुराने फैसले को बरकरार रखते हुए पर्व के दिन 'कार्तिगई दीपम' जलाने का आदेश दे दिया है।
-
Que: तिरुपरंकुंद्रम विवाद तमिलनाडु चुनाव पर होगा असर?
Ans: इस साल तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव होने हैं और तिरुपरंकुंद्रम विवाद का उस पर गहरा असर पड़ना तय माना जा रहा है।
Karthigai deepam row explained political chessboard set in tamil nadu bjp dmk face off
Get Latest Hindi News , Maharashtra News , Entertainment News , Election News , Business News , Tech , Auto , Career and Religion News only on Navbharatlive.com
लेटेस्ट न्यूज़
महाराष्ट्र में ‘रोहयो’ (वीबी-जी राम जी) मजदूरों की संख्या घटी, फंड की कमी से ठप पड़े काम
Feb 25, 2026 | 08:31 PM‘लाहौर 1947’ का बदलेगा नाम? सनी देओल की पीरियड ड्रामा पर मेकर्स कर रहे मंथन, जानें क्या है वजह
Feb 25, 2026 | 08:27 PMअनिल अंबानी का घर ‘अबोड’ हुआ जब्त, ED की बड़ी कार्रवाई, अब तक 15 हजार करोड़ की संपत्ति हो चुकी है कुर्क
Feb 25, 2026 | 08:17 PMT20 World Cup 2026 के बीच बढ़ी रिंकू सिंह की मुश्किलें, पिता खानचंद की हालत गंभीर
Feb 25, 2026 | 08:13 PMनकली देसी शराब का कारखाना पकड़ा, लालगुडा की अवैध फैक्ट्री पर एक्साइज का प्रहार
Feb 25, 2026 | 08:05 PMपार्थ समथान के नाम पर Snapchat स्कैम, लड़कियों से मांगे जा रहे थे आपत्तिजनक तस्वीरें, एक्टर ने किया अलर्ट
Feb 25, 2026 | 08:04 PMअकोला में 3 मार्च को दिखेगा ‘ग्रस्तोदित’ चंद्रग्रहण: 20 मिनट के अद्भुत नजारे ; जानें ग्रहण योग का असर
Feb 25, 2026 | 08:01 PMवीडियो गैलरी

मालेगांव सरकारी दफ्तर में नमाज पर भड़के नितेश राणे, मदरसों को लेकर दिया विवादित बयान, देखें VIDEO
Feb 25, 2026 | 06:35 PM
टिकट काटने वाले काट रहे गरीबों की जेब! आनंद बिहार रेलवे स्टेशन पर टिकट बाबू ने किया गजब का कांड, देखें-VIDEO
Feb 25, 2026 | 05:54 PM
दलित दंपति को सरेआम बेइज्जत कर मंदिर से बाहर निकाला
Feb 25, 2026 | 05:46 PM
झुग्गी झोपड़ी-फुटबॉल और क्राइम…क्या है Amitabh Bachchan की Jhund वाले विजय बारसे की असली कहानी?
Feb 24, 2026 | 07:45 AM
रीवा में पोस्टर वार: ‘ब्रेनलेस और स्टुपिडिटी’ शब्दों से BJP ने कांग्रेस को घेरा; राहुल गांधी पर सीधा हमला
Feb 22, 2026 | 01:07 PM
BHU में ठांय-ठांय, बिरला हॉस्टल के पास छात्र गुटों में भिड़ंत; उठी चीफ प्रॉक्टर के इस्तीफे की मांग
Feb 22, 2026 | 12:54 PM














