नकली देसी शराब का कारखाना पकड़ा, लालगुडा की अवैध फैक्ट्री पर एक्साइज का प्रहार

Yavatmal Illegal Liquor: यवतमाल के वणी स्थित लालगुडा में राज्य उत्पादन शुल्क विभाग ने नकली देसी शराब फैक्ट्री का भंडाफोड़ कर लाखों की शराब व सामग्री जब्त की और एक आरोपी को गिरफ्तार किया।
fake liquor factory Wani
Lalguda excise raid (सोर्सः सोशल मीडिया)
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Lalguda Excise Raid: वणी शहर से सटे लालगुडा क्षेत्र में एक दोमंजिला मकान के भीतर धड़ल्ले से चल रही नकली देसी शराब फैक्ट्री का राज्य उत्पादन शुल्क विभाग ने भंडाफोड़ किया है। बाहर से शानदार रिहायशी मकान और भीतर जहरीली शराब का काला खेल इस सनसनीखेज खुलासे से पूरे इलाके में खलबली मच गई है।

गुप्त सूचना के आधार पर की गई इस ताबड़तोड़ कार्रवाई में लाखों रुपये की नकली शराब, भारी मात्रा में रसायन और निर्माण सामग्री जब्त की गई। विभागीय सूत्रों के अनुसार, लालगुडा गांव स्थित श्मशान भूमि के पास बने इस मकान में बड़े पैमाने पर देसी शराब तैयार कर बाजार में खपाई जा रही थी। सूचना मिलते ही अधिकारियों ने जाल बिछाया और सोमवार दोपहर अचानक दबिश दी।

1.62 लाख रुपये की शराब जब्त

तलाशी के दौरान जो नजारा सामने आया, वह चौंकाने वाला था। घर के भीतर लकड़ी के दीवान और अलमारी में छिपाकर रखी गई 90 मिली की 3,600 बोतलें बरामद हुईं। इन बोतलों पर नकली स्टिकर चिपकाकर उन्हें “रूपेश संत्रा” ब्रांड के नाम से पैक किया गया था, ताकि ग्राहकों को असली माल का झांसा दिया जा सके। जब्त शराब की अनुमानित कीमत करीब 1.62 लाख रुपये बताई गई है।

जहरीले रसायन बड़ी मात्रा में बरामद

इतना ही नहीं, मकान से सटे टीन शेड में अवैध शराब निर्माण का पूरा जखीरा मिला। खाली बोतलों के ढेर, ढक्कन, प्लास्टिक ड्रम, कांच की बोतलें और जहरीले रसायन बड़ी मात्रा में बरामद हुए। मौके से दो मोटरसाइकिल और एक मोपेड समेत कुल 2.73 लाख रुपये का मुद्देमाल जब्त किया गया, जिनका इस्तेमाल कथित तौर पर सप्लाई नेटवर्क में किया जा रहा था।

यह कार्रवाई उत्पादन शुल्क निरीक्षक पी. एस. बोढारे (पांढरकवडा), प्रभारी निरीक्षक डी. एस. त्रिपाठी, उपनिरीक्षक एस. एल. बोढेवार, एस. एम. बुटले तथा यवतमाल उड़न दस्ते के उपनिरीक्षक डी. डी. वालके और उनकी टीम ने संयुक्त रूप से अंजाम दी। विभाग की यह कार्रवाई क्षेत्र में अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है।

मास्टरमाइंड फरार, नेटवर्क की जड़ें गहरी

छापेमारी के दौरान एक युवक लकड़ी के दीवान में छिपा मिला, जिसे अधिकारियों ने मौके पर ही पकड़ लिया। पूछताछ में उसने अपना नाम सूरज लोडे (निवासी वेलाबाई) बताया। उसने खुलासा किया कि इस पूरे अवैध कारोबार का मास्टरमाइंड श्याम भरत मेश्राम है।

हालांकि, छापे की भनक लगते ही श्याम मेश्राम अपने परिवार सहित फरार हो गया। उत्पादन शुल्क विभाग और पुलिस उसकी सरगर्मी से तलाश कर रही है और संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है।

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