
कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी। इमेज-सोशल मीडिया
Congress News: कांग्रेस ने केरल, असम, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और पुडुचेरी के विधानसभा चुनावों के लिए स्क्रीनिंग कमेटी का गठन किया है। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा को असम के लिए बनाई गई स्क्रीनिंग कमेटी की अध्यक्षता मिली है। पार्टी के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल की ओर से शनिवार को जारी विज्ञप्ति के अनुसार असम से संबंधित स्क्रीनिंग कमेटी में प्रियंका के साथ सप्तगिरि उलाका, इमरान मसूद और श्रीवेला प्रसाद को बतौर सदस्य शामिल किया गया है।
असम चुनाव कांग्रेस के लिए बेहद चुनौतीपूर्ण माने जा रहे हैं। राज्य में भाजपा सत्ता में है। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा का मजबूत संगठनात्मक नेटवर्क कांग्रेस के सामने बड़ी चुनौती है। ऐसे में प्रियंका की भूमिका सिर्फ टिकट चयन तक सीमित नहीं रहेगी। संगठन को धार देने और जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा भरने की भी होगी।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मधुसूदन मिस्त्री की अध्यक्षता में केरल के लिए गठित कमेटी में सैयद नासिर हुसैन, नीरज डांगी और अभिषेक दत्त शामिल हैं। छत्तीसगढ़ के पूर्व उप मुख्यमंत्री टीएस सिंह देव को तमिलनाडु और पुडुचेरी से संबंधित स्क्रीनिंग कमेटी का अध्यक्ष बनाया गया। यशोमती ठाकुर, जीसी चंद्रशेखर और अनिल यादव को बतौर सदस्य शामिल किया गया है।
Hon’ble Congress President has constituted the Screening Committees for the forthcoming Assembly Elections in Kerala, Assam, Tamil Nadu & Puducherry, and West Bengal, as enclosed, with immediate effect. pic.twitter.com/k21nu2lHxm — INC Sandesh (@INCSandesh) January 3, 2026
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कांग्रेस के वरिष्ठ नेता बीके हरिप्रसाद को पश्चिम बंगाल के लिए बनी स्क्रीनिंग कमेटी की अध्यक्षता सौंपी गई है। मो. जावेद, ममता देवी और बीपी सिंह को भी कमेटी में जगह दी गई है। स्क्रीनिंग कमेटी हर सीट पर टिकट के लिए दावेदारी करने वालों में से कुछ लोगों के नाम पार्टी केंद्रीय चुनाव समिति के पास भेजती है, जहां उम्मीदवार के नाम पर मुहर लगती है। केरल, असम, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और पुडुचेरी राज्यों में मार्च-अप्रैल में विधानसभा चुनाव संभावित है।
इस साल में होने वाले इन विधानसभा चुनावों के जरिए कांग्रेस फिर कमबैक की तैयारी कर रही है। इसके लिए पार्टी बेरोजगारी, मनरेगा जैसे मुद्दों पर जनता का ध्यान आकर्षित कर सकती है। हालांकि, पार्टी के सामने संगठन से लेकर गठबंधन की पार्टियों को मजबूत करना एक चुनौती होगी।






