वीरान पड़े दुबई और रियाद के होटल, पर्यटन क्षेत्र ठप होने से UAE-सऊदी को कई बिलियन डॉलर की चपत; मचा हाहाकार

Iran War Economic Impact: ईरान-अमेरिका युद्ध में सीधे शामिल न होने के बावजूद सऊदी अरब और यूएई को 10 बिलियन डॉलर से अधिक का नुकसान हुआ है। ऊर्जा राजस्व और पर्यटन क्षेत्र पर सबसे बुरा असर पड़ा है।
Hotels in Dubai and Riyadh Lie Deserted; Tourism Sector Collapse Inflicts Multi-Billion Dollar Blow to UAE and Saudi Arabia Widespread Havoc Ensues
ईरान युद्ध से दुबई-UAE को बड़ा नुकसान, एआई फोटो
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Saudi Arabia UAE Economy Loss: ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच जारी भीषण सैन्य संघर्ष ने न केवल तेहरान को मलबे में तब्दील कर दिया है, बल्कि इसका आर्थिक लावा अब पड़ोसी खाड़ी देशों तक भी पहुंच गया है। ताजा आंकड़ों और 'फाइनेंशियल टाइम्स' की रिपोर्ट के अनुसार, युद्ध में सीधे तौर पर शामिल न होने के बावजूद सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) को अब तक का सबसे बड़ा वित्तीय नुकसान झेलना पड़ा है।

अरबों डॉलर का आर्थिक बोझ

ताजा आंकड़ों के मुताबिक, इस जंग में अब तक सऊदी अरब को 5 बिलियन डॉलर (करीब 415 अरब रुपये) से ज्यादा का नुकसान हो चुका है। इसी तरह, यूएई का भी लगभग 5 बिलियन डॉलर का नुकसान हुआ है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह आर्थिक चोट मुख्य रूप से ऊर्जा निर्यात और पर्यटन राजस्व में आई गिरावट के कारण लगी है।

ऊर्जा क्षेत्र में संकट

ईरान युद्ध के कारण खाड़ी देशों को ऊर्जा राजस्व के तौर पर कुल 15.1 बिलियन डॉलर का नुकसान हुआ है। इनमें सबसे ज्यादा प्रभावित सऊदी अरब रहा है, जिसे ऊर्जा क्षेत्र में 4.5 बिलियन डॉलर की चपत लगी है। दुनिया की सबसे बड़ी तेल कंपनी सऊदी अरामको (Aramco) का परिचालन जंग के कारण ठप पड़ा है। इसके अलावा, होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के बंद होने की वजह से कुवैत, बहरीन और यूएई को सम्मिलित रूप से 10 बिलियन डॉलर के ऊर्जा राजस्व का नुकसान हुआ है, क्योंकि यहाँ से होने वाला वैश्विक निर्यात पूरी तरह बाधित है।

पर्यटन उद्योग को बड़ा झटका

युद्ध की आग ने खाड़ी देशों के पर्यटन को भी झुलसा दिया है। टूरिज्म एजेंसी की रिपोर्ट बताती है कि यूएई को पर्यटन में 2.5 बिलियन डॉलर का नुकसान हुआ है, जबकि सऊदी अरब को 2 बिलियन डॉलर की हानि हुई है। इसके बाद कतर जैसे देशों का नंबर आता है। असुरक्षा के चलते पर्यटकों ने इन देशों से दूरी बना ली है, जिससे होटल और विमानन उद्योग संकट में हैं।

नागरिकों की मौत और मानवीय क्षति

आर्थिक नुकसान के साथ-साथ इन देशों को मानवीय क्षति भी झेलनी पड़ी है। सऊदी अरब की तुलना में यूएई में आम नागरिकों की ज्यादा मौतें हुई हैं। आंकड़ों के अनुसार, अब तक यूएई में 12, कुवैत में 8, बहरीन में 2 और सऊदी में 2 नागरिकों की जान गई है। खाड़ी क्षेत्र से बाहर, इराक में सबसे अधिक 59 नागरिक मारे गए हैं।

जंग पर अमेरिका का बेतहाशा खर्च

वहीं, दूसरी ओर अमेरिकी रक्षा मंत्रालय पेंटागन के अनुमान के मुताबिक, जंग के शुरुआती 10 दिनों में ही अमेरिका 11 बिलियन डॉलर का गोला-बारूद खर्च कर चुका है। अमेरिका इस युद्ध में इजरायल के साथ मिलकर ईरान के रणनीतिक ठिकानों और नेतृत्व को निशाना बना रहा है, जिसमें अब तक अयातुल्ला अली खामेनेई समेत 40 टॉप कमांडर मारे जा चुके हैं।

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