

Mumbai Crorepati Corporators: 16 जनवरी 2026 को घोषित परिणामों के बाद, ADR ने सभी 227 नवनिर्वाचित नगरसेवकों के शपथ पत्रों का विश्लेषण किया है। रिपोर्ट के अनुसार, सदन में करोड़पति उम्मीदवारों का दबदबा है। 227 पार्षदों में से 180 ने अपनी संपत्ति 1 करोड़ रुपये से अधिक घोषित की है। पिछले चुनावों की तुलना में करोड़पति प्रतिनिधियों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।
सांख्यिकीय आंकड़ों के अनुसार, एक निर्वाचित नगरसेवक की औसत संपत्ति लगभग 7.18 करोड़ रुपये है। विश्लेषण में यह भी पाया गया कि जिन उम्मीदवारों के पास अधिक संपत्ति थी, उनके जीतने की संभावना उन उम्मीदवारों की तुलना में बहुत अधिक थी जिनकी संपत्ति कम थी। यह दर्शाता है कि मुंबई जैसे महंगे शहर के मुंबई महानगरपालिका (स्थानीय निकाय) चुनावों में वित्तीय क्षमता एक निर्णायक भूमिका निभाती है।
राजनीतिक दलों द्वारा अमीर उम्मीदवारों को प्राथमिकता देने का ट्रेंड इस तालिका से समझा जा सकता है:
| राजनीतिक दल | कुल विजेता | करोड़पति विजेताओं की संख्या | करोड़पति प्रतिशत |
| भाजपा (BJP) | 89 | 68 | 76% |
| शिवसेना (UBT) | 65 | 54 | 83% |
| शिवसेना (शिंदे) | 29 | 27 | 93% |
| कांग्रेस (INC) | 24 | 22 | 92% |
पार्टी-वार औसत संपत्ति के मामले में भी बड़े दलों के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा है। भाजपा के निर्वाचित सदस्यों की औसत संपत्ति 8.98 करोड़ रुपये है, जबकि कांग्रेस के पार्षदों की औसत संपत्ति 8.57 करोड़ रुपये है। एकनाथ शिंदे नीत शिवसेना के पार्षदों की औसत संपत्ति 7.45 करोड़ रुपये दर्ज की गई है। वहीं, शिवसेना (UBT) के पार्षदों की औसत संपत्ति 5.09 करोड़ रुपये के साथ तुलनात्मक रूप से कम रही है।
रिपोर्ट के मुताबिक, शीर्ष 10 सबसे अमीर नगरसेवकों में से अधिकांश नगरसेवक भाजपा और कांग्रेस से हैं, जिनकी संपत्ति 50 करोड़ रुपये से अधिक है। इसके विपरीत, केवल 21% (47 नगरसेवक) ऐसे हैं जिनकी संपत्ति 1 करोड़ रुपये से कम है। सबसे कम संपत्ति वाले उम्मीदवारों में मुख्य रूप से निर्दलीय या छोटे दलों के प्रतिनिधि शामिल हैं। ADR का कहना है कि चुनावों में बढ़ते खर्च के कारण साधारण पृष्ठभूमि वाले उम्मीदवारों के लिए जीतना कठिन होता जा रहा है।