'बाबा सरेंडर दे दे सिलेंडर', महाराष्ट्र विधान भवन में LPG सिलेंडर का कट आउट लेकर पहुंचे पटोले और वडेट्टीवार

Nana Patole Vijay Wadettiwar LPG Protest: महाराष्ट्र विधान भवन में नाना पटोले और विजय वडेट्टीवार ने एलपीजी संकट पर सिलेंडर का कट-आउट लेकर प्रदर्शन किया और 'बाबा सरेंडर' के नारे लगाए।
Nana Patole Vijay Wadettiwar LPG Protest Mumbai
Nana Patole Vijay Wadettiwar LPG Protest Mumbai (फोटो क्रेडिट-X)
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Baba Surrender LPG Cylinder Slogan: महाराष्ट्र विधानसभा का बजट सत्र गुरुवार को उस समय हंगामे की भेंट चढ़ गया, जब विपक्षी दल कांग्रेस के नेताओं ने एलपीजी (LPG) सिलेंडर की किल्लत को लेकर अनोखे अंदाज में प्रदर्शन किया। महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष नाना पटोले और विधानसभा में विपक्ष के नेता विजय वडेट्टीवार एलपीजी सिलेंडर का बड़ा 'कट-आउट' लेकर विधान भवन की सीढ़ियों पर पहुंचे। इस दौरान विपक्ष ने 'बाबा सरेंडर, दे दे सिलेंडर' के नारे लगाए, जो सीधा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर कटाक्ष था। विपक्ष का आरोप है कि केंद्र सरकार की कमजोर कूटनीति के कारण देश आज गहरे ऊर्जा संकट में फंस गया है।

महाराष्ट्र सहित पूरे देश में इस समय रसोई गैस के लिए हाहाकार मचा हुआ है। पश्चिम एशिया (Middle East) में ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच जारी संघर्ष ने वैश्विक तेल आपूर्ति श्रृंखला को तोड़ दिया है। होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से कच्चे तेल के टैंकरों की आवाजाही बाधित होने से भारत में एलपीजी का उत्पादन और वितरण बुरी तरह प्रभावित हुआ है। इसी संकट को हथियार बनाकर विपक्ष ने राज्य और केंद्र सरकार को घेरते हुए विधान भवन परिसर में जोरदार नारेबाजी की और सरकार से जवाब मांगा।

'बाबा सरेंडर' के नारों से गूंजा विधान भवन

नाना पटोले ने प्रधानमंत्री को 'बाबा सरेंडर' कहकर संबोधित करते हुए आरोप लगाया कि अंतरराष्ट्रीय दबाव में सरकार देश की जरूरतों को पूरा करने में विफल रही है। पटोले ने कहा, "आज महाराष्ट्र की माताएं और बहनें रसोई में गैस के लिए तरस रही हैं। 25-25 दिनों की वेटिंग लिस्ट है और सरकार केवल चुप बैठी है।" विजय वडेट्टीवार ने भी तीखा हमला करते हुए कहा कि जब तक जनता को उनके हक का सिलेंडर नहीं मिलता, विपक्ष सदन से सड़क तक सरकार का पीछा नहीं छोड़ेगा।

25 दिन की वेटिंग और कमर्शियल गैस पर रोक

देश में ईंधन के बिगड़ते हालातों को देखते हुए सरकार ने घरेलू गैस की रिफिलिंग के लिए 25 दिनों का अनिवार्य वेटिंग पीरियड (Waiting Period) लागू कर दिया है। वहीं, कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की बिक्री पर फिलहाल रोक लगी हुई है। इसका सीधा असर महाराष्ट्र के छोटे व्यापारियों, भोजनालयों और होटल उद्योग पर पड़ा है। विपक्ष का तर्क है कि सरकार ने समय रहते रणनीतिक तेल भंडार (Strategic Reserves) का सही प्रबंधन नहीं किया, जिसका खामियाजा अब आम आदमी को भुगतना पड़ रहा है।

मिडिल ईस्ट संकट का महाराष्ट्र पर सीधा असर

ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव ने होर्मुज के रास्ते को असुरक्षित बना दिया है। चूंकि भारत अपनी खपत का बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से आयात करता है, इसलिए आपूर्ति में आई मामूली गिरावट ने भी देश में कोहराम मचा दिया है। महाराष्ट्र में विशेष रूप से मुंबई और पुणे जैसे महानगरों में गैस वितरकों के बाहर लंबी कतारें देखी जा रही हैं। नाना पटोले ने मांग की है कि राज्य सरकार केंद्र पर दबाव बनाए ताकि समुद्री रास्तों को सुरक्षित कर तेल की आपूर्ति जल्द बहाल की जा सके।

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