-
बुध, 22 जुलाई 2026 ई-पेपर
Top News
- Hindi News »
- India »
- Congress Displeasure Grows As Amit Shah And Vijay Factor Shake Mk Stalin Political Strategy
‘चाणक्य’ की एंट्री और विजय का गेम…क्या स्टालिन की जिद डुबो देगी लुटिया? कांग्रेस की ‘नाराजगी’ ने बढ़ाई टेंशन
- Written By: अभिषेक सिंह
Tamil Nadu Assembly Elections: तमिलनाडु में चुनाव से पहले सियासी उथल-पुथल तेज हो गई है। इस बीच कांग्रेस ने एक बार फिर 2006 और 2011 वाली मांग दोहरा दी है। जिसके बाद सूबे का सियासी पारा हाई हो गया है।

कॉन्सेप्ट फोटो (डिजाइन)
Tamil Nadu Politics: तमिलनाडु में चुनाव से पहले सियासी उथल-पुथल तेज हो गई है। इस बीच कांग्रेस ने एक बार फिर 2006 और 2011 वाली मांग दोहरा दी है। लेकिन इस मांग पर को स्टालिन ने नकार दिया है। DMK के वरिष्ठ नेता और राज्य मंत्री आई पेरियासामी ने रविवार को तमिलनाडु में गठबंधन सरकार की संभावना को खारिज किया। उन्होंने कहा कि सीएम एमके स्टालिन अपने सहयोगियों के साथ सत्ता साझेदारी के पक्ष में नहीं हैं।
तमिलनाडु में कांग्रेस ने विधानसभा चुनाव के मद्देनजर डीएमके के नेतृत्व वाले गठबंधन के जीतने पर सत्ता में हिस्सेदारी की मांग दोहराई है। कांग्रेस के सांसद मणिकम टैगोर ने हाल ही में कहा था कि अब सत्ता में हिस्सेदारी पर चर्चा करने का समय है। इससे पहले 2006 और 2011 में भी ऐसी ही मांग की गई थी।
DMK ने दे दिया जोर का झटका
मीडिया से बात करते हुए पेरियासामी ने कहा कि सत्ता में हिस्सेदारी की मांग करना तमिलनाडु कांग्रेस का अधिकार है। हालांकि, DMK हमेशा से ऐसी मांग के पक्ष में नहीं रही है। उन्होंने कहा, “कभी भी गठबंधन सरकार नहीं बनी है। राज्य में हमेशा DMK का ही राज रहा है।” उन्होंने आगे कहा कि पार्टी इसी रुख पर कायम है और मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने साफ कर दिया है कि कोई गठबंधन सरकार नहीं बनेगी।
सम्बंधित ख़बरें
राहुल गांधी और छात्रों के समर्थन में खंडवा में कांग्रेस का प्रदर्शन, कलेक्ट्रेट पहुंचकर सौंपा ज्ञापन
दिल्ली से महाराष्ट्र तक गरमाई राजनीति: NEET प्रदर्शन के दौरान नागपुर विदर्भ के सांसदों-विधायकों की गिरफ्तारी
नागालैंड में कांग्रेस का पत्ता साफ! मोकोकचुंग के कई नेताओं ने दिया सामूहिक इस्तीफा, नेतृत्व पर लगाए गंभीर आरोप
राहुल गांधी के खिलाफ धरने पर बैठेगी BJP, कांग्रेस मुख्यालय का करेगी घेराव, आज देशव्यापी प्रदर्शन की तैयारी
आखिर क्या है कांग्रेस की डिमांड?
तमिलनाडु कांग्रेस ने आगामी चुनावों के मद्देनजर अपने सहयोगी दल डीएमके के सामने एक स्पष्ट शर्त रखी है। पार्टी ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा है कि गठबंधन की जीत के बाद उन्हें केवल बाहरी समर्थन तक सीमित नहीं रहना है। कांग्रेस का मानना है कि यदि गठबंधन जीतता है, तो उन्हें सरकार में बराबर का सम्मान मिलना चाहिए और मंत्रिमंडल में हिस्सेदारी सुनिश्चित की जानी चाहिए।
कांग्रेस के वरिष्ठ सांसद मणिकम टैगोर ने सार्वजनिक रूप से सत्ता साझा करने के मुद्दे को बहस के केंद्र में ला दिया है। उनका मानना है कि अब पुरानी परंपराओं को छोड़कर गठबंधन धर्म को नए सिरे से परिभाषित करने का सही वक्त आ गया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि चुनाव से पहले ही इस पर खुली चर्चा होनी चाहिए ताकि भविष्य में सरकार गठन के दौरान किसी तरह का संशय न रहे।
तमिलनाडु पॉलिटिक्स इन्फोग्राफिक (AI जनरेटेड)
कन्याकुमारी जिले की किलीयूर सीट से कांग्रेस विधायक एस. राजेश कुमार ने भी गठबंधन सरकार के मॉडल का पुरजोर समर्थन किया है। उन्होंने पार्टी की मांग को जायज ठहराते हुए कहा कि जब सभी दल मिलकर चुनाव लड़ते हैं और जीत हासिल करते हैं, तो सरकार चलाने में भी सबकी भागीदारी होनी चाहिए। उनका यह बयान दर्शाता है कि कांग्रेस के विधायकों के भीतर सत्ता में हिस्सेदारी को लेकर एक मजबूत सहमति बन रही है।
तमिलनाडु कांग्रेस के प्रभारी गिरीश चोडंकर ने एक बेहद तार्किक और तीखा बयान दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि राजनीति का अंतिम लक्ष्य सत्ता प्राप्त करना होता है ताकि जनता की सेवा की जा सके। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि अगर कोई राजनीतिक दल सत्ता में हिस्सेदारी या सरकार बनाने की इच्छा नहीं रखता है, तो उसे खुद को एक राजनीतिक पार्टी कहने के बजाय एक एनजीओ घोषित कर देना चाहिए।
क्या है सूबे का सियासी इतिहास?
तमिलनाडु के राजनीतिक इतिहास में साल 1967 एक निर्णायक मोड़ रहा है। इसके बाद से राज्य की सत्ता मुख्य रूप से द्रविड़ पार्टियों, डीएमके और एआईएडीएमके के पास ही रही है। भले ही इन दलों ने चुनाव जीतने के लिए कांग्रेस या अन्य पार्टियों के साथ गठबंधन किया हो, लेकिन जीत के बाद उन्होंने कभी भी कैबिनेट में किसी सहयोगी को जगह नहीं दी और हमेशा अपनी ही पार्टी की सरकार बनाई है।
इतिहास के पन्ने पलटने पर पता चलता है कि 1952 के पहले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को पूर्ण बहुमत नहीं मिला था। उस समय सी. राजगोपालाचारी ने सरकार बनाने के लिए लचीलापन दिखाया था। उन्होंने अपनी सरकार को स्थिर रखने के लिए ‘कॉमनवेल्थ पार्टी’ और अन्य छोटे दलों के गैर-कांग्रेसी नेताओं को मंत्रिमंडल में शामिल किया था। यह तमिलनाडु में सत्ता साझा करने का एक दुर्लभ और शुरुआती ऐतिहासिक उदाहरण था।
यह भी पढ़ें: क्या है कार्तिगई दीपम विवाद? जिसने तमिलनाडु में बिछाई सियासी बिसात, चुनाव में BJP को मिलेगा फायदा!
साल 2006 से 2011 के बीच का दौर गठबंधन राजनीति का एक महत्वपूर्ण उदाहरण था। उस समय एम. करुणानिधि के नेतृत्व में डीएमके को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला था और उनकी सरकार पूरी तरह से कांग्रेस के बाहरी समर्थन पर टिकी थी। इसके बावजूद डीएमके ने अपनी सहयोगी कांग्रेस को मंत्रिमंडल में शामिल नहीं किया और पूरे पांच साल तक अकेले ही सत्ता चलाई, जिसे कांग्रेस अब दोहराना नहीं चाहती।
कितनी पुरानी है कांग्रेस की मांग?
आपको बता दें कि 2006 में डीएमके के पास पूर्ण बहुमत नहीं था, फिर भी उसने सहयोगियों के समर्थन से पूरी पांच साल की सरकार चलाई। इन सहयोगियों में कांग्रेस भी शामिल थी। 2011 में भी ऐसा ही नजारा देखने को मिला और सत्ता साझेदारी नहीं हुई। उस वक्त भी तमिलनाडु कांग्रेस नेताओं ने डीएमके से सत्ता में हिस्सेदारी की मांग की थी, लेकिन तब भी इस मांग को ठुकरा दिया गया था।
किसे होगा फायदा-किसे नुकसान?
सियासी विश्लेषकों की मानें तो बीजेपी इस बार पहले से कहीं ज्यादा आक्रामक नजर आ रही है। बीजेपी के ‘चाणक्य’ कहे जाने वाले अमित शाह ने रविवार को अनौपचारिक तौर पर राज्य में चुनावी अभियान शुरू कर दिया है। थलपति विजय भी गेम बिगाड़ेंगे। इस लिहाज से DMK को सहयोगियों के साथ लेकर चलना चाहिए। अगर ऐसा नहीं हुआ तो जाहिर तौर पर विपक्षी दलों का फायदा पहुंचेगा और डीएमके को नुकसान उठाना पड़ेगा!
Frequently Asked Questions
-
Que: तमिलनाडु में कांग्रेस सत्ता में हिस्सेदारी की मांग क्यों कर रही है?
Ans: कांग्रेस का कहना है कि जब वह डीएमके के साथ गठबंधन में चुनाव लड़ती है और जीत में योगदान देती है, तो उसे सिर्फ बाहरी समर्थन तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए। पार्टी चाहती है कि गठबंधन की जीत के बाद उसे मंत्रिमंडल में सम्मानजनक हिस्सेदारी मिले, ताकि वह सरकार चलाने में सक्रिय भूमिका निभा सके।
-
Que: डीएमके ने गठबंधन सरकार की मांग को क्यों खारिज कर दिया है?
Ans: डीएमके का रुख ऐतिहासिक रूप से स्पष्ट रहा है कि वह तमिलनाडु में कभी भी गठबंधन सरकार नहीं बनाती। पार्टी नेताओं के अनुसार राज्य में हमेशा डीएमके की सरकार बनी है और मुख्यमंत्री एमके स्टालिन भी सत्ता साझा करने के पक्ष में नहीं हैं।
-
Que: इस विवाद का आगामी तमिलनाडु विधानसभा चुनाव पर क्या असर पड़ सकता है?
Ans: यदि डीएमके और कांग्रेस के बीच मतभेद गहराते हैं, तो इससे गठबंधन की एकजुटता प्रभावित हो सकती है। ऐसी स्थिति में बीजेपी और अन्य विपक्षी दलों को राजनीतिक लाभ मिल सकता है, जबकि डीएमके को सहयोगियों की नाराज़गी का खामियाज़ा भुगतना पड़ सकता है।
Congress displeasure grows as amit shah and vijay factor shake mk stalin political strategy
Get Latest Hindi News , Maharashtra News , Entertainment News , Election News , Business News , Tech , Auto , Career and Religion News only on Navbharatlive.com
लेटेस्ट न्यूज़
राहुल गांधी और छात्रों के समर्थन में खंडवा में कांग्रेस का प्रदर्शन, कलेक्ट्रेट पहुंचकर सौंपा ज्ञापन
Jul 22, 2026 | 10:38 AMNEET छात्र आंदोलन में शामिल होंगे मराठा आंदोलन के नेता मनोज जरांगे पाटिल, आज ही पहुंचेंगे जंतर मंतर
Jul 22, 2026 | 10:37 AMदेवेंद्र फडणवीस का सीएम पद पर 3 बार का ऐतिहासिक सफर, 2014 की शुरुआत से 2024 की भव्य वापसी तक की पूरी टाइमलाइन
Jul 22, 2026 | 10:34 AMIran America War: अमेरिका ने लगातार 11वीं रात ईरान पर किया हमला, ड्रोन स्टोरेज और हैंगर किए तबाह
Jul 22, 2026 | 10:34 AMLock Upp 2: ‘मैंने उसके अंदर कबीर सिंह देखा…’ लॉक अप-2 में कंटेस्टेंट की हरकत से भड़के हर्षद चोपड़ा
Jul 22, 2026 | 10:33 AMScreen Time Effects: आंखों से लेकर दिमाग तक, ज्यादा स्क्रीन टाइम कैसे बिगाड़ सकता है आपकी सेहत?
Jul 22, 2026 | 10:30 AMसिर्फ तुम्हें देखने आए हैं, वैभव सूर्यवंशी से मिलने राजस्थान से जिम्बाब्वे पहुंचीं बुजुर्ग फैन; देखें VIDEO
Jul 22, 2026 | 10:29 AMवीडियो गैलरी

Banke Bihari Temple Controversy: 360 किलो चांदी का रथ और खजाना रहस्यमय तरीके से गायब? मचा हड़कंप! देखें VIDEO
Jul 21, 2026 | 11:40 PM
देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन पर पथराव! सोशल मीडिया पर लोगों ने CJP के समर्थकों पर लगाए आरोप, देखें VIDEO
Jul 21, 2026 | 10:53 PM
MP UCC Bill: लिव-इन में रहना अब इतना आसान नहीं! कानून तोड़ते ही होगी जेल या भारी कार्रवाई? देखें VIDEO
Jul 21, 2026 | 10:48 PM
CJP आंदोलन के पीछे पाकिस्तान का हाथ? सोशल मीडिया पर भारत विरोधी साजिश की पुलिस कर रही जांच, देखें VIDEO
Jul 21, 2026 | 10:38 PM
जब सड़कों पर उतरी जनता, हिल गईं सरकारें…जानें देश का राजनीतिक नक्शा बदलने वाले वो 5 ऐतिहासिक आंदोलन- VIDEO
Jul 21, 2026 | 10:19 PM
लाठी खाते रहे युवा और बर्गर उड़ाते रहे नेता! देखिए CJP नेता विजेता दहिया का वायरल VIDEO
Jul 21, 2026 | 06:55 PM













