आनंद दुबे की कांग्रेस को दो टूक, केजरीवाल की रिहाई पर बीजेपी को घेरा, बोले- देश की इमेज न बिगाड़ें

Anand Dubey Statement: शिवसेना (UBT) नेता आनंद दुबे ने एआई समिट में कांग्रेस के विरोध को देशहित के खिलाफ बताया। साथ ही, अरविंद केजरीवाल की रिहाई को लेकर BJP और केंद्रीय एजेंसियों पर तीखा प्रहार किया।
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शिवसेना यूबीटी नेता आनंद दुबे (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Anand Dubey On Congress: शिवसेना (यूबीटी) के वरिष्ठ नेता आनंद दुबे ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय महत्व के मुद्दों पर अपनी बेबाक राय रखते हुए विपक्षी एकता और सत्ता पक्ष की कार्यप्रणाली, दोनों पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित हुए 'एआई समिट' के दौरान यूथ कांग्रेस द्वारा किए गए विरोध प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने अपनी ही सहयोगी पार्टी को नसीहत दी है। आनंद दुबे ने स्पष्ट रूप से कहा कि लोकतंत्र में विरोध प्रदर्शन और अपनी आवाज उठाने का अधिकार सभी को है, लेकिन इसकी एक गरिमा और सीमा होनी चाहिए।

आनंद दुबे ने कांग्रेस को दी नसीहत

आनंद दुबे ने मुंबई में मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि जब मामला बेहद संवेदनशील मुद्दों से जुड़ा हो या जब किसी बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजन में विदेशी मेहमान मौजूद हों, तो ऐसे समय में विरोध प्रदर्शन से देश की छवि को वैश्विक स्तर पर नुकसान नहीं पहुंचाना चाहिए। उन्होंने कांग्रेस को आगाह किया कि आने वाले समय में उसे ऐसे कृत्यों से बचना चाहिए जो देशहित में न हों। दुबे के अनुसार, सरकार की नीतियों की आलोचना करना एक संवैधानिक अधिकार है, लेकिन एआई जैसे विषयों का विरोध नहीं किया जाना चाहिए, क्योंकि यह तकनीक पूरी दुनिया को दिशा देने वाली है और भारत इसमें मजबूती से आगे बढ़ रहा है।

भाजपा पर बोला तीखा हमला

दिल्ली शराब नीति मामले में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया की रिहाई पर बोलते हुए आनंद दुबे ने केंद्र सरकार और भारतीय जनता पार्टी पर हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि जब भी भाजपा को राजनीतिक खतरा महसूस होता है, वह ईडी (ED) और सीबीआई (CBI) जैसी केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल हेमंत सोरेन, संजय राउत, अरविंद केजरीवाल और संजय सिंह जैसे विरोधियों के खिलाफ करती है। उन्होंने जोर देकर कहा कि इन सभी नेताओं की जांच होती है और अंत में ये सभी अदालत से बरी हो जाते हैं। केजरीवाल के मामले में उन्होंने कोर्ट की उस टिप्पणी का भी उल्लेख किया जिसमें उनकी ईमानदारी को पहचाना गया था, और दावा किया कि इसी कारण भाजपा अब बौखलाई हुई है।

हम SIR के विरोधी नहीं: दुबे

'स्पेशल इंटरिम रिवीजन' (SIR) को लेकर आनंद दुबे ने कहा कि यद्यपि वे एसआईआर के विरोधी नहीं हैं, लेकिन वोटर लिस्ट की शुद्धता पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने बिहार का उदाहरण देते हुए बताया कि वहां चुनाव के दौरान 55 लाख से ज्यादा नाम हटा दिए गए थे, जिसके बाद मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुँचा। इसी संदर्भ में उन्होंने पश्चिम बंगाल के आगामी चुनावों को लेकर चिंता जताई और कहा कि अगर वोटर लिस्ट सही तरीके से अपडेट नहीं होती है, तो यह चुनाव आयोग की विफलता होगी। उन्होंने सवाल उठाया कि जब मतदाता सूची में ही गड़बड़ी हो, तो एसआईआर कराने का क्या औचित्य रह जाता है?

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