
अमित शाह, राजनाथ सिंह और नरेंद्र मोदी (फाइल फोटो)
BJP ECI Audit Report 2024-25: भारतीय जनता पार्टी ने चुनाव आयोग को अपनी वार्षिक ऑडिट रिपोर्ट सौंप दी है। रिपोर्ट के अनुसार, 2024-25 में पार्टी को 6,125 करोड़ रुपये का चंदा मिला और उसका कुल ‘जनरल फंड’ बढ़कर 12,164 करोड़ रुपये हो गया है।
भारतीय जनता पार्टी ने भारत निर्वाचन आयोग (ECI) को अपनी वित्तीय वर्ष 2024-25 की वार्षिक ऑडिट रिपोर्ट सौंप दी है। इस रिपोर्ट में पार्टी की आय, सावधि जमा (FD) और चुनावी खर्चों का विस्तृत ब्योरा दिया गया है, जो पार्टी की मजबूत वित्तीय स्थिति को दर्शाता है।
भाजपा द्वारा चुनाव आयोग को सौंपी गई रिपोर्ट के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2024-25 में पार्टी की संपत्ति में भारी वृद्धि हुई है:
• कुल चंदा: साल 2024-25 में भाजपा को 6,125 करोड़ रुपये चंदे के रूप में मिले, जो पिछले साल (3,967 करोड़ रुपये) की तुलना में लगभग 54 प्रतिशत अधिक है।
• जनरल फंड: 31 मार्च 2025 को समाप्त हुए वित्त वर्ष तक पार्टी के ‘जनरल फंड’ में मौजूद धनराशि 12,164 करोड़ रुपये तक पहुँच गई, जबकि पिछले साल यह 9,169 करोड़ रुपये थी।
• बैंक जमा और ब्याज: पार्टी के पास 9,390 करोड़ रुपये की सावधि जमा (FD) है। केवल बैंकों से मिलने वाले ब्याज के रूप में पार्टी को 2024-25 में 634 करोड़ रुपये की आय हुई है। इसके अलावा, पार्टी ने 65.92 करोड़ रुपये का आयकर रिफंड दाखिल किया और उस पर 4.40 करोड़ रुपये का ब्याज प्राप्त किया।
रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि दिल्ली में आम आदमी पार्टी (AAP) और ओडिशा में बीजू जनता दल (BJD) को सत्ता से बेदखल करने के प्रयासों के बीच पार्टी का चुनाव प्रचार खर्च लगभग दोगुना हो गया।

• कुल चुनावी खर्च: चुनाव प्रचार पर खर्च पिछले साल के 1,754.06 करोड़ रुपये से बढ़कर 3,335.36 करोड़ रुपये हो गया।
• खर्च का प्रतिशत: पार्टी का कुल चुनावी खर्च, उसके वर्ष 2024-25 के कुल खर्च का 88.36 प्रतिशत था।
पार्टी ने अपने चुनावी अभियान को गति देने के लिए विभिन्न मदों में करोड़ों रुपये खर्च किए:
• इलेक्ट्रॉनिक मीडिया: प्रचार के लिए सबसे अधिक 1,125 करोड़ रुपये इलेक्ट्रॉनिक मीडिया पर खर्च किए गए।
• विमान और हेलीकॉप्टर: हवाई यात्राओं पर 583 करोड़ रुपये का बड़ा हिस्सा खर्च हुआ।
• विज्ञापन और होर्डिंग्स: विज्ञापनों पर 897 करोड़ रुपये और कटआउट, होर्डिंग्स व बैनरों पर 107 करोड़ रुपये खर्च किए गए।
• उम्मीदवारों की सहायता: पार्टी ने अपने उम्मीदवारों को वित्तीय सहायता के रूप में 312.9 करोड़ रुपये प्रदान किए।
• रैलियां और बैठकें: रैलियों और अभियानों पर 90.93 करोड़ रुपये और संगठनात्मक बैठकों पर 51.72 करोड़ रुपये खर्च हुए।
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पार्टी में नेतृत्व परिवर्तन के साथ ही वित्तीय अधिकारों का हस्तांतरण भी हो गया है। हाल ही में भाजपा के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष चुने गए नितिन नबीन को अब पार्टी की इस विशाल धनराशि के इस्तेमाल का वैधानिक अधिकार मिल गया है। रिपोर्ट के अनुसार, 2024-25 के दौरान भाजपा के खातों में 2,882.32 करोड़ रुपये की शुद्ध वृद्धि दर्ज की गई है।






