लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा आज, ओम बिरला सदन में रखेंगे अपनी बात?

Motion to Remove Speaker: लोकसभा में स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ विपक्ष के अविश्‍वास प्रस्‍ताव पर बहस के लिए 10 घंटे का समय आवंटित किया गया है और इस पर वोटिंग 11 मार्च को करवाए जाने की संभावना है।
Discussion on no-confidence motion against Lok Sabha Speaker today, will Om Birla present his views in the House?
ओम बिरला (Image- Social Media)
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Parliament Session: लोकसभा में आज स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ विपक्ष की ओर से अविश्वास प्रस्ताव पेश किया जाएगा। विपक्ष ने उन पर सदन की कार्यवाही में पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाने का आरोप लगाया है और उन्हें पद से हटाने की मांग की है।

लोकसभा की कार्यसूची के अनुसार बिहार के किशनगंज से सांसद मोहम्मद जावेद यह प्रस्ताव पेश करेंगे। इस प्रस्ताव को पेश करने के लिए जरूरी कम से कम 50 सांसदों का समर्थन मिल चुका है, इसलिए इसे स्वीकार कर लिया गया है और आज ही इस पर चर्चा भी शुरू होगी।

10 घंटे की बहस, कल हो सकती है वोटिंग

इस प्रस्ताव पर लोकसभा में कुल 10 घंटे की बहस तय की गई है। संभावना है कि बहस के बाद 11 मार्च को मतदान कराया जाएगा। हालांकि लोकसभा में सरकार के पास बहुमत होने के कारण इस प्रस्ताव के पारित होने की संभावना बहुत कम मानी जा रही है। फिलहाल विपक्ष के आठ सांसद पूरे बजट सत्र के लिए निलंबित भी किए गए हैं, जिससे सदन में विपक्ष की संख्या और कम हो गई है।

क्या बहस में बोलेंगे ओम बिरला?

संविधान के अनुच्छेद 96(2) के तहत यदि लोकसभा अध्यक्ष को हटाने का प्रस्ताव सदन में चर्चा के लिए आता है, तो अध्यक्ष को बहस में हिस्सा लेने और अपनी बात रखने का अधिकार होता है। हालांकि इस दौरान लोकसभा अध्यक्ष सदन की कार्यवाही का संचालन नहीं कर सकते और अगर मतदान में टाई की स्थिति बनती है तो वे वोट भी नहीं दे सकते।

अब सबकी नजर इस बात पर रहेगी कि क्या ओम बिरला इस संवैधानिक अधिकार का इस्तेमाल करते हुए बहस में अपनी बात रखेंगे। पिछले तीन मौकों पर जब स्पीकर के खिलाफ ऐसे प्रस्ताव आए थे, तब किसी भी अध्यक्ष ने बहस में हिस्सा नहीं लिया था।

पक्ष और विपक्ष से ये नेता रखेंगे पक्ष

अब तक मिली जानकारी के मुताबिक, प्रस्ताव पर आज और कल दोनों दिन चर्चा होगी। विपक्ष की ओर से मनीष तिवारी और मोहम्मद जावेद समेत कई सांसद अपनी बात रखेंगे। वहीं सरकार की ओर से अनुराग ठाकुर, निशिकांत दुबे, जगदंबिका पाल और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह चर्चा में हिस्सा ले सकते हैं। राजनीतिक तौर पर यह बहस भले ही विपक्ष के लिए सरकार को घेरने का मौका हो, लेकिन संख्या बल को देखते हुए प्रस्ताव के खारिज होने की संभावना लगभग तय मानी जा रही है।

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