अवैध घुसपैठियों पर शिकंजा कसने की तैयारी में मोदी सरकार, अमित शाह ने 9 जुलाई को बुलाई हाई लेवल मीटिंग

Modi Government: गृह मंत्री अमित शाह ने 9 जुलाई को दिल्ली में सभी राज्यों के डीजीपी और केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों की बड़ी बैठक बुलाई है, जिसमें अवैध घुसपैठियों के खिलाफ रणनीति बनेगी।
Amit Shah Calles DGP Meet
गृहमंत्री अमित शाह (सोर्स- सोशल मीडिया)
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Amit Shah Calles DGP Meet: देश के गृह मंत्री अमित शाह ने 9 जुलाई को दिल्ली में एक बड़ी बैठक बुलाई है। इस बैठक में राज्यों के पुलिस महानिदेशकों ( DGP) और एजेंसियां शामिल होंगी। जानकारी के मुताबिक, देशभर से नक्सलवाद के खात्मे के बाद अब सरकार का अलगा कदम अवैध घुसपैठियों के खिलाफ होने वाला है। माना जा रहा है कि बैठक में अमित शाह राज्यों के DGP से इससे जुड़ी रणनीति पर चर्चा करेंगे।

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, बैठक में सभी राज्यों के पुलिस महानिदेशकों के अलावा  इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB), रिसर्च एंड एनालिसिस विंग (RAW), राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA), सीमा सुरक्षा बल (BSF), सशस्त्र सीमा बल (SSB) समेत सभी प्रमुख केंद्रीय सुरक्षा और खुफिया एजेंसियों के प्रमुख भी शामिल होंगे।

अवैध घुसपैठियों पर होगा एक्शन

बैठक का मुख्य एजेंडा देशभर में अवैध घुसपैठियों की पहचान, उन्हें उनके देश वापस भेजने की प्रक्रिया में तेजी लाना और घुसपैठ से जुड़े पूरे नेटवर्क के खिलाफ मिलकर कार्रवाई की रणनीति तैयार करना है। अमित शाह कई मौकों पर इस मुद्दे को राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा बताते हुए सख्त कार्रवाई की प्रतिबद्धता जता चुके हैं।

सरकार का मानना है कि चुनौती केवल अवैध तरीके से सीमा पार करने तक सीमित नहीं है, बल्कि घुसपैठियों को फर्जी दस्तावेज उपलब्ध कराने, उन्हें बसाने, रोजगार दिलाने और देश के विभिन्न हिस्सों तक पहुंचाने वाला एक संगठित नेटवर्क भी सक्रिय है। सूत्रों के अनुसार, बैठक में इस पूरे इको-सिस्टम को ध्वस्त करने के लिए ठोस रोडमैप तैयार करने पर विशेष जोर रहेगा।

पीएम मोदी ने जताई थी चिंता

पिछले साल 15 अगस्त को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले से अपने संबोधन में सीमावर्ती क्षेत्रों में हो रहे डेमोग्राफी बदवाल को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती बताया था। इसके बाद गृह मंत्रालय ने सेवानिवृत्त न्यायाधीश जस्टिस प्रकाश श्रीवास्तव की अध्यक्षता में एक हाई लेवल समिति का गठन किया, जो सीमावर्ती इलाकों के साथ-साथ महानगरों और औद्योगिक शहरों में भी इस विषय का अध्ययन कर रही है।

सरकार का मानना है कि अलग-अलग राज्यों में बिखरे हुए प्रयासों के बजाय पूरे देश में एक साथ क्रमबद्ध अभियान चलाकर ही इस चुनौती का प्रभावी समाधान किया जा सकता है। माना जा रहा है कि 9 जुलाई की बैठक के बाद देशभर में अवैध घुसपैठियों की पहचान और उनके खिलाफ कार्रवाई को लेकर एक व्यापक राष्ट्रीय अभियान की रूपरेखा तय की जा सकती है।

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