Indus Water Treaty: भारत की सिंधु जल संधि को लेकर पाकिस्तान बौखलाया हुआ है। भारत के एक कदम से पाकिस्तान की नींद उड़ी है...हालात ये हैं कि अब पाकिस्तान को दुनिया के कई देशों के सामने भीख मांगने की नौबत आ गई है। जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकवादी हमला होता है। 26 निर्दोष लोगों की जान चली जाती है। देशभर में आक्रोश फैल जाता है। और इसके बाद भारत एक ऐसा फैसला लेता है जिसने इस्लामाबाद की नींद उड़ा दी। भारत ने सिंधु जल संधि को स्थगित करने का फैसला लिया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साफ शब्दों में कहा "खून और पानी एक साथ नहीं बह सकते।" यानी आतंकवाद और सामान्य संबंध साथ-साथ नहीं चल सकते। खैर उस दिन शायद पाकिस्तान को अंदाजा नहीं था कि यह फैसला उसके लिए आने वाले समय में कितनी बड़ी चुनौती बन जाएगा।क्या पाकिस्तान को पहली बार एहसास हो रहा है कि पानी भी रणनीतिक हथियार बन सकता है?क्या भारत के एक फैसले ने पाकिस्तान की सबसे बड़ी कमजोरी को उजागर कर दिया है? और क्या यही वजह है कि आज पाकिस्तान दुनिया भर के मंचों पर सिंधु जल संधि बचाने की गुहार लगा रहा है?