
अहमद पटेल के बेटे के ऐलान से हड़कंप, बहन मुमताज बोलीं- मुझे बख्श दें
Congress Internal Conflict: कांग्रेस के चाणक्य कहे जाने वाले दिवंगत नेता अहमद पटेल के परिवार में सियासी घमासान छिड़ गया है। उनके बेटे फैसल पटेल ने सोशल मीडिया पर एक ऐसा बम फोड़ा है, जिससे पूरी पार्टी में खलबली मच गई है। फैसल ने सार्वजनिक रूप से ऐलान किया कि वह कांग्रेस को तोड़कर एक अलग गुट बनाने की योजना बना रहे हैं। इस सियासी ड्रामे में उस वक्त नया मोड़ आ गया जब उन्होंने दावा किया कि उनकी बहन मुमताज भी उनके साथ आ सकती हैं, जिसने राजनीतिक पंडितों को भी चौंका दिया है।
फैसल पटेल का यह बयान ऐसे बेहद नाजुक समय में आया है जब कांग्रेस पार्टी पहले से ही कर्नाटक में चल रही आंतरिक कलह और बिहार में मिली करारी चुनावी हार के जख्मों से जूझ रही है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे उनके पोस्ट के स्क्रीनशॉट में फैसल ने साफ लिखा कि वह ‘कांग्रेस (AP)’ नाम से एक नया ग्रुप बनाना चाहते हैं। अहमद पटेल ताउम्र गांधी परिवार के वफादार और पार्टी के संकटमोचक रहे, ऐसे में उनके ही बेटे द्वारा पार्टी तोड़ने की बात करना सियासी गलियारों में तूफान ला रहा है। बता दें बिहार में कांग्रेस की मिली करारी हार के बाद से कांग्रसे पर तमाम तरह के सवालिया निशान खड़े किए जा रहे है और इसके साथ ही पीएम मोदी ने बिहार में मिली NDA को प्रचंड जीत के बाद से पार्टी कार्यालय से कांग्रेस में एक और कांग्रेस बनने और तमाम तरह की गुटबाजियों की बात की थी जो कि अब पीएम की यह भविष्यवाणी सच साबित होती दिख रही है।
फैसल ने जैसे ही अपनी बहन मुमताज पटेल को इस नए ग्रुप में शामिल करने का जिक्र किया, मुमताज ने तुरंत मोर्चा संभाल लिया और भाई के दावों की हवा निकाल दी। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर आकर तुरंत सफाई दी और कहा कि उनका किसी भी नई राजनीतिक पार्टी या ग्रुप में शामिल होने का रत्ती भर भी इरादा नहीं है। मुमताज ने लोगों से अपील करते हुए दो टूक कहा कि मेरे भाई के विचार और फैसले पूरी तरह से उनके निजी हैं, इसलिए कृपया मुझे इन सब विवादों से दूर ही रखा जाए।
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अहमद पटेल का परिवार दशकों से कांग्रेस की मजबूती का प्रतीक रहा है। पिता के निधन के बाद फैसल और मुमताज दोनों ही पार्टी गतिविधियों से जुड़े रहे, लेकिन फैसल के हालिया पोस्ट ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या अब परिवार के भीतर ही पार्टी को लेकर गंभीर मतभेद पैदा हो गए हैं। मुमताज ने भले ही भाई के बयान से पल्ला झाड़ लिया हो, लेकिन फैसल के ‘कांग्रेस (AP)’ बनाने के विचार ने दिल्ली से लेकर गुजरात तक कांग्रेस नेतृत्व की चिंताएं बढ़ा दी हैं। अब देखना होगा कि पार्टी इस आंतरिक चुनौती से कैसे निपटती है।






