उल्हासनगर में 17 संपत्तियां सील, बकाया कर नहीं चुकाने वालों पर मनपा की सख्ती

Thane News In Hindi: उल्हासनगर मनपा ने बकाया संपत्ति कर नहीं चुकाने वाले 17 मालिकों की संपत्तियां सील कर दीं। अभय योजना के बावजूद भुगतान न करने पर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है।
उल्हासनगर महानगरपालिका (pic credit;p social media)
उल्हासनगर महानगरपालिका (pic credit;p social media)
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Ulhasnagar MNC Action On Property Tax Defaulters: उल्हासनगर मनपा प्रशासन द्वारा मौखिक रूप से आग्रह करने, बार-बार नोटिस भेजे जाने तथा अभय योजना के बाद भी संपत्ति कर का भुगतान नहीं करने वालों अर्थात अब डिफाल्टरों के खिलाफ प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है और संपत्तियों को सीधे सील करने का अभियान शुरू किया गया है।

अब तक 17 संपत्ति मालिकों के खिलाफ कार्रवाई की जा चुकी है। प्रशासन की इस निर्णायक कार्रवाई से शहर के डिफाल्टरों में हड़कंप मच गया है और कई लोग बकाया कर चुकाने के लिए आगे आ रहे हैं।

अब सीधे संपत्ति सील करने की कार्रवाई

मनपा के गृह कर विभाग की कर निर्धारक एवं संकलक अधिकारी नीलम कदम ने 'नवभारत' को बताया कि आयुक्त मनीषा अव्हाले के स्पष्ट निर्देशों के अनुसार बकाया संपत्ति कर की वसूली के लिए सख्त कार्रवाई शुरू कर दी गई है। कई नोटिस, व्यक्तिगत संपर्क और जन अपील के बावजूद कुछ नागरिकों ने कर का भुगतान नहीं किया। इसलिए प्रशासन ने अब संपत्ति को सीधे सील करने की कार्रवाई करने का निर्णय लिया है।

केवल आवासीय संपत्ति मालिकों के लिए अभय योजना

  • नीलम कदम ने अभय योजना को लेकर फैली गलतफहमियों को भी दूर किया और स्पष्ट किया कि यह योजना केवल आवासीय संपत्ति मालिकों के लिए लागू है, गैर-आवासीय संपत्तियों के लिए नहीं है।
  • इसलिए नागरिकों से निवेदन है कि वे बिना किसी झिझक के तुरंत अपना बकाया भुगतान करें। मनपा के इस ठोस और साहसिक कदम से बकाया राशि के भुगतान में भी तेजी आई है और इससे शहर के राजस्व में वृद्धि होने की उम्मीद है।

मौके पर बकाया भरने पर कुछ की सील हटाई

मनपा आयुक्त मनीषा अव्हाले के आदेश पर और अतिरिक्त आयुक्त किशोर गवस तथा उपायुक्त विशाखा मोटघारे के मार्गदर्शन में संपत्ति कर विभाग की एक टीम ने शहर के विभिन्न हिस्सों में छापेमारी की। इस अभियान के दौरान कुल 17 संपत्तियों को सील कर दिया गया। गौरतलब है कि इस अभियान के दौरान कुछ डिफाल्टरों ने तुरंत चेक जमा करके अपना बकाया चुका दिया, जिसके बाद संबंधित संपत्तियों से सील हटा दी गई।

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