31 मई से पहले हर हाल में चुनाव करवाने होंगे, हिमाचल प्रदेश में पंचायत चुनाव को लेकर सुप्रीम कोर्ट का अहम फैसला

Supreme Court decision: शिमला, हिमाचल प्रदेश पंचायत चुनाव पर सुप्रीम कोर्ट ने सुक्खू सरकार को राहत दी है। अब 31 मई से पहले चुनाव होंगे।
SC refuses to hear plea for FIR against CM Himanta in hate speech case, advises him to approach High Court
सुप्रीम कोर्ट (इमेज-सोशल मीडिया)
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Himachal Pradesh Panchayat Election: हिमाचल प्रदेश में पंचायत चुनाव को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने अहम फैसला सुनाया है। अदालत ने निर्देश दिया है कि पंचायती राज और शहरी निकायों के चुनाव हर हाल में 31 मई से पहले संपन्न कराए जाएं। मामले की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति यमाल्या बागची की खंडपीठ ने की। इससे पहले हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने 30 अप्रैल से पहले चुनाव कराने का आदेश दिया था।

राज्य की सुखविंदर सिंह सुक्खू सरकार ने इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। अब सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को कुछ राहत देते हुए चुनाव कराने के लिए एक महीने का अतिरिक्त समय दे दिया है।

कार्यकाल पहले ही हो चुका है समाप्त

जानकारी के अनुसार, हिमाचल प्रदेश में पंचायतों का कार्यकाल 31 जनवरी को समाप्त हो गया था। इसके बाद से चुनाव को लेकर विवाद जारी था। हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ सरकार ने विशेष अनुमति याचिका दाखिल की थी।

कई दौर की सुनवाई के बाद अब सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट कर दिया है कि 31 मई से पहले चुनाव कराना अनिवार्य होगा। दरअसल, राज्य सरकार 4 फरवरी को हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंची थी। सरकार ने अपनी विशेष अनुमति याचिका में दो प्रमुख तर्क रखे।

सरकार ने क्या दी दलील?

सरकार का कहना था कि हाई कोर्ट ने चुनाव का रोस्टर जारी करने के लिए केवल चार दिन का समय दिया है, जो व्यवहारिक रूप से पर्याप्त नहीं है। साथ ही यह भी दलील दी गई कि वर्ष 2021 में इसी तरह के एक मामले में रोस्टर जारी होने के बाद आपत्तियां सुनने के लिए दूसरी खंडपीठ ने तीन महीने का समय दिया था। सरकार ने दलील दी कि दोनों आदेशों में स्पष्ट विरोधाभास दिखाई देता है, इसलिए मौजूदा फैसले पर पुनर्विचार आवश्यक है।

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