

Indian Car Market: भारत के ऑटो बाजार ने जून 2026 में शानदार रफ्तार पकड़ी है। बता दें कि इस महीने देशभर में करीब 4 लाख कारों की बिक्री दर्ज की गई जो पिछले साल जून के मुकाबले लगभग 24% ज्यादा है। इसमें नई कारों की लॉन्चिंग, CNG और इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ती मांग तथा ग्राहकों की मजबूत खरीदारी ने बाजार को नई ऊर्जा दे दी है। लेकिन देखने वाली बात यह भी है कि इस तेजी के बीच कुछ कंपनियों ने रिकॉर्ड बिक्री दर्ज की तो कुछ को चुनौतियों का भी सामना करना पड़ा।
इस बार जून 2026 में भी Maruti Suzuki ने सबसे ज्यादा कारें बेचकर का रिकोर्ड बनाया है। जिसमें कंपनी ने 1,50,150 यूनिट्स की बिक्री की है। वही यह आंकड़ा पिछले साल इसी महीने से ज्यादा है जो 1,21,339 यूनिट्स था। इस लिस्ट में कंपनी की इस सफलता के पीछे CNG मॉडल्स की बढ़ती लोकप्रियता भी शामिल है। खासकर नई Victoris में दिए गए अंडरबॉडी CNG सिस्टम को ग्राहकों ने खूब पसंद किया। वहीं बता दें कि जून में कंपनी ने 42,768 गाड़ियों का एक्सपोर्ट किया जो सालाना आधार पर करीब 13% ज्यादा है।
इस बार की लिस्ट में सबसे बड़ा बदलाव दूसरे स्थान पर देखने को मिला। जिसमें Tata Motors ने 62,076 कारों की बिक्री करते हुए Mahindra को पीछे छोड़ दिया। जो पिछले साल जून में Tata की बिक्री 37,083 यूनिट्स थी। इसमें Punch, Nexon और नई Sierra जैसी SUV को मिल रहे शानदार रिस्पॉन्स ने बड़ा काम किया है। दूसरी तरफ Mahindra & Mahindra ने जून में 60,393 कारें बेचीं। हालांकि सभी सेगमेंट को मिलाकर कंपनी की कुल वाहन बिक्री 1,06,207 यूनिट्स रही थी जो पिछले साल के मुकाबले 37% की बढ़त दिखाता है।
आगे रिपोर्ट में बताया जा रहा है कि जून में Hyundai की घरेलू बिक्री लगभग 10% घटकर 39,635 यूनिट्स रह गई। जिसको लेकर कंपनी का कहना है कि एक सप्लायर की फैक्ट्री में आग लगने से करीब 22 दिनों तक उत्पादन प्रभावित रहा। हालांकि अब सभी प्लांट में उत्पादन सामान्य रूप से शुरू कर दिया गया है। दूसरी ओर Toyota ने 28,441 गाड़ियों की बिक्री की, जिसमें Innova Crysta की मजबूत मांग का अहम योगदान रहा। वहीं Kia India ने 24,552 यूनिट्स, JSW MG Motor ने 7,568, Nissan ने 3,006 वाहन बेचे और Renault की बिक्री में भी सुधार दर्ज किया गया है।
इसको देखते हुए यह तो साफ है कि भारतीय ऑटो बाजार अब तेजी से CNG, इलेक्ट्रिक, हाइब्रिड और फ्लेक्स-फ्यूल तकनीक की ओर बढ़ रहा है। हालांकि वैश्विक तनाव संभावित कमजोर मानसून और बढ़ती वाहन कीमतें आने वाले महीनों में चुनौती बन सकती हैं।