धंतोली-रामदासपेठ अस्पतालों पर HC सख्त, पार्किंग स्कैम पर लिया एक्शन! झूठे हलफनामें पर ACP को लगाई फटकार

Nagpur High Court: नागपुर हाई कोर्ट का सख्त फैसला। पार्किंग में दुकान चलाने वाले अस्पतालों पर लगेगा 4 गुना जुर्माना। झूठा हलफनामा देने पर ट्रैफिक एसीपी को 16 फरवरी को हाजिर होने का आदेश दिया।
Nagpur HC takes a tough stand on hospitals using parking spaces commercially.
हाई कोर्ट (फाइल फोटो)
Updated on

Dhantoli Citizen Mandal PIL: नागपुर के धंतोली और रामदासपेठ में अस्पतालों की भरमार, अस्पतालों में पार्किंग की जगह पर अवैध निर्माण के चलते सड़कों पर वाहनों की पार्किंग तथा इससे होने वाली परेशानी को लेकर धंतोली नागरिक मंडल द्वारा हाई कोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई।

याचिका पर सुनवाई के दौरान न्यायाधीश अनिल किल्लोर और न्यायाधीश राज वाकोडे ने धंतोली और रामदासपेठ इलाके में अस्पतालों द्वारा पार्किंग की जगह का व्यावसायिक उपयोग करने और यातायात की समस्या पर कड़ा रुख अपनाया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि वर्ष 2012 से लंबित इस मामले में बार-बार आदेशों के बावजूद जमीनी स्तर पर स्थिति नहीं बदली है। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता अश्विन देशपांडे और मनपा की ओर से अधिवक्ता जैमिनी कासट ने पैरवी की।

अस्पतालों पर भारी जुर्माने की तैयारी

हाई कोर्ट ने कहा कि कई अस्पतालों ने स्वीकृत नक्शे में पार्किंग के लिए आरक्षित जगह का उपयोग व्यावसायिक उद्देश्यों के लिए किया है। इस पर नकेल कसने के लिए कोर्ट ने एक नया तरीका अपनाया है। सार्वजनिक निर्माण कार्य विभाग को 2 सप्ताह के भीतर इन क्षेत्रों के प्रचलित व्यावसायिक किराये की सूची सौंपने का निर्देश दिया गया है। दरें प्राप्त होने के बाद महानगरपालिका उन सभी अस्पतालों को कारण बताओ नोटिस जारी करेगी जो पार्किंग स्थान का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं। कोर्ट ने प्रस्ताव दिया है कि इन अस्पतालों से व्यावसायिक दर का 4 गुना जुर्माना मासिक शुल्क के रूप में क्यों न वसूला जाए। इस जुर्माने से मिलने वाली राशि का उपयोग गरीब मरीजों के इलाज और सार्वजनिक कल्याण के लिए किया जाएगा।

ट्रैफिक पर झूठा दावा पड़ा भारी

मामले की सुनवाई के दौरान यातायात की समस्या पर भी याचिकाकर्ता और प्रतिवादी राज्य सरकार के वकील के बीच तीखी बहस हुई। सहायक पुलिस आयुक्त (ट्रैफिक) ने 19 दिसंबर 2025 को एक शपथ पत्र दाखिल कर दावा किया था कि धंतोली, रामदासपेठ और सीताबर्डी में यातायात व्यवस्था सुचारु है और नियमों का सख्ती से पालन किया जा रहा है।

अदालत ने इस दावे की सच्चाई परखने के लिए तत्काल एक सदस्यीय समिति नियुक्त की और अधिवक्ता जेबी गांधी को मौके पर जाकर निरीक्षण करने को कहा। मात्र डेढ़ घंटे के भीतर अधिवक्ता गांधी ने अदालत को रिपोर्ट दी कि एसीपी का दावा गलत है और धंतोली में पार्किंग व ट्रैफिक की स्थिति शपथ पत्र में बताए गए दावों के बिल्कुल विपरीत है।

गैर जिम्मेदाराना रवैये पर नाराजगी

कोर्ट ने एसीपी (ट्रैफिक) के इस गैर जिम्मेदाराना रवैये पर नाराजगी जताते हुए उन्हें 16 फरवरी 2026 को स्पष्टीकरण देने का आदेश दिया है। कोर्ट ने पूछा है कि अदालत में झूठा बयान देने और वास्तविक स्थिति को छिपाने के लिए उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई क्यों न की जाए।

Navbharat Live
navbharatlive.com