

Nashik Kumbh Logo Launch Protocol Controversy: नासिक-त्र्यंबकेश्वर में आयोजित होने वाले सिंहस्थ कुंभ मेले के आधिकारिक लोगो का भव्य अनावरण बुधवार को मुंबई में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा अजित पवार की उपस्थिति में किया गया। लेकिन जिस लोगो से नासिक और त्र्यंबकेश्वर की विश्वस्तरीय ब्रांडिंग होने जा रही है, उसी कार्यक्रम में नासिक की प्रथम नागरिक महापौर हिमगौरी आडके-आहेर और त्र्यंबकेश्वर नगर परिषद की नगराध्यक्ष त्रिवेणी तुंगार को आमंत्रित तक नहीं किया गया।
नासिक की महापौर हिमगौरी आडके-आहेर और त्र्यंबकेश्वर नगर परिषद की नगराध्यक्ष त्रिवेणी तुंगार को आमंत्रित नहीं किए जाने से इस पर अब सियासत गरम हो गई है। कोई इसे अपमान बता रहा है। कोई ने इसे प्रोटोकॉल की अनदेखी बता रहा है।
इस उपेक्षा से नासिक और त्र्यंबकेश्वर दोनों शहरों में तीव्र नाराजगी और संताप व्यक्त किया जा रहा है। लोगों का सवाल है कि जिस सिंहस्थ कुंभ का आयोजन नासिक और त्र्यंबकेश्वर की पवित्र भूमि पर होना है। उसके प्रचार-प्रसार और पहचान से जुड़े इतने महत्वपूर्ण कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधियों को दरकिनार क्यों किया गया। इसे न केवल प्रोटोकॉल की अनदेखी माना जा रहा है, बल्कि नासिक और त्र्यंबकेश्वर के सम्मान को ठेस पहुंचाने वाला कदम भी बताया जा रहा है।
नासिक महानगरपालिका की महापौर हिमगौरी आडके-आहेर ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि नासिक-त्र्यंबकेश्वर कुंभमेले के लोगो का अनावरण मुंबई में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उपमुख्यमंत्री अजीत पवार सहित कई गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति में हुआ। हमें इस कार्यक्रम का निमंत्रण नहीं मिला, इसलिए हम नहीं गए। हालांकि हमारे सभी वरिष्ठ नेता कार्यक्रम में उपस्थित थे।
त्र्यंबकेश्वर नगर परिषद नगराध्यक्ष त्रिवेणी तुगार ने कहा कि जिस शहर में आयोजित होना है, वहां के प्रथम नागरिकों को आमंत्रित न करना शहर का अपमान है। लोगो अनावरण समारोह मुंबई में आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में त्र्यंबकेश्वर के नगराध्यक्ष और नासिक की महापौर को बुलाया जाना अपेक्षित था, लेकिन ऐसा क्यों नहीं किया गया, यह समझ से परे है।
बता दें कि नासिक त्र्यंबकेश्वर सिंहस्थ कुंभ मेला 2027 के लिए तैयार किए गए आधिकारिक लोगो का अनावरण मुंबई के सह्याद्री अतिधिगृह में आयोजित कार्यक्रम में किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा अजित पवार सहित कई मंत्री और गणमान्य उपस्थित रहे।
कुंभ मेले के लोगो चयन के लिए कुंभमेला प्राधिकरण की ओर से देशव्यापी प्रतियोगिता आयोजित की गई थी। इस प्रतियोगिता में 3 हजार से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। इनमें से 3 उत्कृष्ट डिजाइनों का चयन कर विजेताओं को सम्मानित किया गया। प्रथम पुरस्कार सुमित काटे (पुणे) को दिया गया। उन्हें 3 लाख रुपये का चेक और सम्मान चिह्न प्रदान किया गया। द्वितीय स्थान पर मयंक नायक (नोएडा) रहे, जिन्हें 2 लाख रुपये और सम्मान चिह्न दिया गया। तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले पियुष पिंपलनेरकर (पंढरपुर) को एक लाख रुपये और सम्मानचिह्न देकर सम्मानित किया गया।