आज से हुई 'राष्ट्रीय पोषण सप्ताह' की शुरुआत, जानिए उद्देश्य और भारत के लिए क्यों है ज़रूरी

आज 1 से 7 सितंबर तक के लिए 'राष्ट्रीय पोषण सप्ताह' की शुरुआत हो गई हैं जहां पर इस सप्ताह को मनाने का मुख्य उद्देश्य लोगों को बेहतर स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना और पौष्टिक आहार का जीवन में क्या महत्व है इसके बारे में जानकारी देना है। दरअसल, भारत जैसे विकासशील देश में आज भी लोगों को खाना तो खा रहे हैं, लेकिन खाने में कौन पोषक तत्व कितनी मात्रा में होना चाहिए, इसकी जानकारी का अभाव है।
National Nutritions Week 2024, Health News
नेशनल न्यूटीशंस वीक 2024 (सौ.सोशल मीडिया)
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हर साल भारत में 1 से 7 सितंबर तक 'राष्ट्रीय पोषण सप्ताह' मनाया जाता है। इस सप्ताह को मनाने का मुख्य उद्देश्य लोगों को बेहतर स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना और पौष्टिक आहार का जीवन में क्या महत्व है इसके बारे में जानकारी देना है। दरअसल, भारत जैसे विकासशील देश में आज भी लोगों को खाना तो खा रहे हैं, लेकिन खाने में कौन पोषक तत्व कितनी मात्रा में होना चाहिए, इसकी जानकारी का अभाव है।

पूरे भारतवर्ष में राष्ट्रीय पोषण सप्ताह यानी नेशनल न्यूट्रिशन वीक (National Nutrition Week 2024) हर साल सितंबर के पहले सप्ताह में मनाया जाता है। देश में न्यूट्रिशन वीक मनाने का मुख्य उद्देश्य लोगों में पोषण के लाभों के बारे में जागरूकता पैदा करना और स्वस्थ और स्वच्छ खानपान की आदतों को बढ़ावा देना है।

जानिए क्यों जरूरी हैं पोषण सप्ताह

जानकारों के अनुसार, भारत स्वास्थ्य सुविधाओं के क्षेत्र में भले ही कार्य कर रहा हो लेकिन लोगों में सेहत को लेकर जागरूकता के अभाव के कारण रोगियों का आंकड़ा स्वास्थ्य सुविधाओं से ज्यादा ही रहता है। आजकल की बिगड़ी जीवनचर्या और गलत खानपान इसकी एक बड़ी वजह है। स्वस्थ रहने के लिए पौष्टिक आहार के सेवन की आवश्यकता है। पोषण की पूर्ति के बारे में लोगों को जागरूक करने के लिए भारत सरकार ने राष्ट्रीय पोषण सप्ताह मनाने की शुरुआत की थी। हर साल एक निर्धारित थीम के साथ राष्ट्रीय पोषण सप्ताह मनाया जाता है। ऐसे में आज राष्ट्रीय पोषण सप्ताह (National Nutrition Week 2024) के मौके पर आइए जानें इससे जुड़ी महत्वपूर्ण बातें-

कब हुई राष्ट्रीय पोषण दिवस मनाने की शुरुआत

पोषण के महत्व को समझते हुए राष्ट्रीय पोषण दिवस मनाने की शुरुआत मार्च 1975 में हुई थी। इसे मनाने का मकसद लोगों के खानपान और सेहत के लिए जागरूक करना था। बाद में 1980 में राष्ट्रीय पोषण सप्ताह एक हफ्ते की जगह महीने भर मनाया जाने लगा था।

हालांकि भारत सरकार ने 1982 को सितंबर महीने के पहले सप्ताह में राष्ट्रीय पोषण दिवस मनाने का फैसला लेते हुए हर साल इस खास सप्ताह को मनाने का ऐलान कर दिया।

आपको बता दें, राष्ट्रीय पोषण सप्ताह मनाने की शुरुआत सबसे पहले अमेरिकन डायटेटिक्स एसोसिएशन ने की थी। इस एसोसिएशन को अब न्यूट्रिशन और डाइट साइंस एकेडमी के नाम से जाना जाता है।

राष्ट्रीय पोषण सप्ताह का महत्व और उद्देश्य

जानकारों की मानें तो, 'राष्ट्रीय पोषण सप्ताह' यानी नेशनल न्यूट्रिशन वीक (National Nutrition Week 2024) का महत्व इतना प्रभावशाली है कि यह उत्पादकता, आर्थिक विकास और राष्ट्रीय विकास को भी प्रभावित करता है।

राष्ट्रीय पोषण सप्ताह का मुख्य उद्देश्य बिना किसी भेदभाव के समाज में पोषण के प्रति जन जागरण करना होता है।

राष्ट्रीय पोषण सप्ताह के माध्यम से भारत सरकार का उद्देश्य बच्‍चों के स्‍वास्‍थ्‍य की रक्षा और उनकी बेहतरी में उचित पोषण के महत्व की जानकारी को प्रदान करवाना है।

पोषणयुक्त आहार को देकर और इसकी जानकारी प्रदान करवा कर नागरिकों को मधुमेह एवं हृदय रोग जैसी बीमारियों से बचाया जा सकता है।

भारत सरकार एवं महिला और बाल विकास मंत्रालय द्वारा मानव शरीर में उचित पोषण के महत्व और कार्य पर ज़ोर देकर, नागरिकों को अच्छा जीवन प्रदान करना होता है।

कैसे मनाया जाता है राष्ट्रीय पोषण सप्ताह

इस दिवस के दौरान स्कूलों, कॉलेजों, और सामुदायिक केंद्रों पर पोषण और स्वस्थ आहार पर कार्यशालाएँ आयोजित की जाती हैं।

विशेषज्ञों द्वारा पोषण, आहार विज्ञान, और स्वस्थ जीवनशैली पर सेमिनार और व्याख्यान आयोजित किए जाते हैं।

लोगों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है, जैसे कि नियमित व्यायाम, संतुलित आहार, और पर्याप्त नींद।

स्वास्थ्य और पोषण के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले व्यक्तियों और संगठनों को पुरस्कार दिए जाते हैं।

लेखिका- सीमा कुमारी

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