करण-अर्जुन का जंगल रोमांच: बोर में दिखा दुर्लभ बाघ दृश्य शावकों का शिकार अभ्यास

Wardha Bor Tiger Reserve: बोर व्याघ्र परियोजना में बाघिन कैटरीना अपने शावकों ‘करण-अर्जुन’ को शिकार सिखा रही है। झाड़ियों से पेड़ों पर चढ़कर हमला करने का यह दुर्लभ दृश्य पर्यटकों को रोमांचित कर रहा है।
Karan-Arjun's jungle adventure: Rare tiger sighting in Bhor shows cubs practicing hunting skills
प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स: सोशल मीडिया )
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Wardha Tiger Cubs Hunting: वर्धा जिले का बोर व्याघ्र परियोजना और वहां की समृद्ध जैवविविधता वन्यजीव प्रेमियों और पर्यटकों को लगातार आकर्षित कर रही है। इस परियोजना की रानी मानी जाने वाली बीटीआर-3 बाधिन कैटरीना इन दिनों अपने दो नर शावकों को शिकार के गुर सिखा रही है। शिकार को लक्ष्य बनाने के लिए ये दोनों युवा बाघ कभी झाड़ियों में छिपते हैं, तो कभी सीधे पेड़ पर चढ़ जाते हैं।

यह दुर्लभ दृश्य वर्तमान में जंगल सफारी पर आने वाले पर्यटकों को देखने को मिल रहा है। शिकार का अभ्यास करते हुए एक धारीदार बाघ का सीधे पेड़ पर चढ़ना अत्यंत दुर्लभ माना जाता है, और ऐसा रोमांचक दृश्य बोर व्याघ्र परियोजना में देखा जा रहा है। इन अद्भुत क्षणों के कारण बोर व्याघ्र परियोजना एक बार फिर सुर्खियों में आ गई है और यहां आने वाले पर्यटक बेहद रोमांचित हो रहे हैं।

विशेष बात यह है कि क्रिकेट जगत के महान खिलाड़ी सचिन तेंदुलकर भी बाघ दर्शन के लिए ताड़ोबा जाते हैं, लेकिन पेड़ पर चढ़कर शिकार को निशाना बनाते हुए वाघ को देखने का अवसर उन्हें या अन्य कई वीवीआईपी व्यक्तियों को अब तक नहीं मिला है।

वहीं वधों के बोर व्याघ्र परियोजना में पर्यटक इस रोमांच को प्रत्यक्ष अनुभव कर रहे हैं। कभी झाड़ियों में छिपकर तो कभी फुर्ती से पेड़ पर चढ़कर शिकार पर सटीक नजर बनाए रखने वाले इस युवा चाघ को देखकर पर्यटक दंग रह जाते हैं। "देखो देखो.. बाघ पेड़ पर चढ़ गया। शिकार को निशाना बना रहा है," ऐसे उदार पर्यटकों के मुंह से सहज ही निकल पड़ते हैं।

वन्यजीव और प्रकृति प्रेमियों द्वारा कैटरीना के इन दोनों नर शावकों को प्यार से 'करण-अर्जुन' कहा जा रहा है। उनके द्वारा सीखे जा रहे शिकार के इन रोमांचक क्षणों को 30 जनवरी को जंगल सफारी के दौरान एक पर्यटक ने अपने कैमरे में कैद किया।

बाघ दर्शन से बोर परियोजना को नई पहचान

बोर व्याघ्न परियोजना की शान बाधिन कैटरीना वर्तमान में अपने दो नर शावकों को शिकार का प्रशिक्षण दे रही है। यह प्रशिक्षण परियोजना के कोर क्षेत्र में जारी है। 30 जनवरी की सुबह उसके एक नर शावक ने सीधे पेड़ पर चढ़कर शिकार को भांपने का प्रयास किया।

यह दुर्लभ और रोमांचक क्षण जंगल सफारी के दौरान एक पर्यटक द्वारा कैमरे में कैद किया गया। इस तरह के अनोखे और रोमांचक बाघ दर्शन के कारण बोर व्याघ्र परियोजना पर्यटकों के लिए एक प्रमुख आकर्षण केंद्र बनती जा रही है, जिससे वर्धा जिले के पर्यटन मानचित्र पर बोर का महत्व और भी बढ़ गया है।

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