रोजाना बस 10 मिनट करें ‘माइंडफुल ब्रीदिंग’ एक्सरसाइज, स्ट्रेस और डिप्रेशन को करता है छूमंतर
Health Benefits of Mindful breathing exercise: अगर आप इस माइंडफुल ब्रीदिंग तकनीक को प्रतिदिन सुबह या शाम कुछ मिनटों के अभ्यास के रूप से करते है तो आपको मानसिक शांति और एनर्जी मिलती है।
- Written By: दीपिका पाल
ब्रीदिंग एक्सरसाइज (सौ.सोशल मीडिया)
Mindful Breathing Exercise: आजकल भागदौड़ भरी जिंदगी में हर कोई अपनी सेहत का सही तरह से ख्याल नहीं रख पाते है। व्यस्त जिंदगी में सेहत बेहतर नहीं रहती है बल्कि तनाव और चिंता घेर लेती है। इन समस्या के लिए सुबह या शाम के समय आपको माइंडफुल ब्रीदिंग एक्सरसाइज जरूर करनी चाहिए। यह माइंडफुल ब्रीदिंग तकनीक ऐसी है जिसका अभ्यास अगर आप निरंतर रूप से करते है तो आपको इस तरह तनाव और अवसाद की स्थिति नहीं बनती है।
कहते है कि, अगर आप इस माइंडफुल ब्रीदिंग तकनीक को प्रतिदिन सुबह या शाम कुछ मिनटों के अभ्यास के रूप से करते है तो आपको मानसिक शांति और एनर्जी मिलती है।
नई स्टडी में हुआ है खुलासा
माइंडफुल ब्रीदिंग तकनीक में कहा गया है कि, यह एक ऐसी तकनीक है , जो हमारी मानसिक शांति को वापस लाने के साथ ही तनाव और एंग्जाइटी से निपटने में भी बहुत मददगार होता है। इस तकनीक को लेकर नई स्टडी में खुलासा हुआ है। इसमें माइंडफुल ब्रीदिंग तकनीक की बात की जाए तो, वर्तमान समय में पूरी तरह से जागरूक होकर गहरी सांस लेने से तकनीक होती है। यहां पर सांस लेने की हर गति को महसूस करते है। कहते है कि, माइंडफुलनेस मेडिटेशन एक ऐसा तरीका है जिसमें सिर्फ सांस पर ही फोकस होता है।
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माइंडफुल ब्रीदिंग तकनीक के फायदे
अगर आप माइंडफुल ब्रीदिंग तकनीक का सहारा लेते है तो, आपको कई सारे फायदे मिलते है। अगर आप इन माइंडफुलनेस अभ्यास को अपनाते है तो तनाव और चिंता में राहत मिलती है। ब्लड प्रेशर और हार्ट रेट कम होता है। इसके अलावा रात में बेहतर नींद आती है। गुस्सा और नकारात्मक विचारों पर काबू पाना आसान होता है। एकाग्रता और फोकस बढ़ता है। इमोशनल बैलेंस बना रहता है और इम्यून सिस्टम मजबूत होता है। इसके अलावा अन्य रिसर्च में इस माइंडफुलनेस तकनीक को कारगर माना गया है।
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वाशिंगटन विश्वविद्यालय के माइंडफुलनेस साइंस एंड प्रैक्टिस रिसर्च क्लस्टर के पोस्ट में भी माइंडफुलनेस तकनीक के पीछे के मूल विचार के बारे में बताया गया, जिसमें बिना किसी जजमेंट या पूर्वाग्रह के मौजूदा पल पर फोकस करना होता है। यह चिंता को खत्म करने और फोकस में सुधार करने में मदद कर सकता है।कई रिसर्च में पता चला कि माइंडफुलनेस चिंता के लक्षणों को कम कर सकता है।
आईएएनएस के अनुसार
