
विपरीत करनी आसन है बेहतर ( सौ. सोशल मीडिया)
Contrari Karni Asana: आजकल भागदौड़ भरी जिंदगी में हर कोई व्यस्त हो गए है तो सुस्त भी। मशीनी जिंदगी में सेहत का ख्याल नहीं रख पाने की वजह से तनाव, थकान और अनिद्रा की समस्याएं बढ़ जाती है। इस समस्याओं से बचने के लिए हमें शांत रहना जरूरी होता है। योगासन में ऐसे कई आसान है जो तनाव और अनिद्रा जैसी समस्याओं के बढ़ने से बचाते है। इन योगासन में से एक विपरित करणी आसन है जो ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर बनाता है और कई स्वास्थ्य समस्याओं को बढ़ने नहीं देता है।
भारत के आयुष मंत्रालय द्वारा विपरीत करनी आसन को बेहतर बताया गया है। अगर हम इस आसान को अपने दैनिक जीवन में नियमित तौर से करते है तो फायदे मिलते है। यह आसन करने से तनाव और अनिद्रा से राहत मिलती है और शरीर में ब्लड सर्कुलेशन बढ़ाता है, दिमाग को शांत करता है और पूरे शरीर को स्वस्थ करता है। दरअसल इस विपरित करनी आसन को ‘लेग्स अप द वॉल पोज’ भी कहते हैं। इसमें पैरों को दीवार पर टिका कर लेटना होता है। यह आसन शुरुआती लोगों के लिए भी आसान है और घर पर आसानी से किया जा सकता है। एक्सपर्ट बताते हैं कि रोजाना 5-10 मिनट के अभ्यास से बेहतर परिणाम मिलते हैं।
आप विपरीत करनी आसन करने के लिए इस आसान प्रक्रिया को अपना सकते है। इस तरीके को एक्सपर्ट ने बताया है जो इस प्रकार है।
इसके लिए सबसे पहले दीवार के पास फर्श पर चटाई बिछाएं।
कूल्हों को दीवार से सटा कर लेटें फिर पैरों को ऊपर की ओर दीवार पर टिका दें, शरीर एल आकार में हो।
हाथों को किनारे रखें और हथेलियों को ऊपर। आंखें बंद कर गहरी सांस लें और इसमें 5-10 मिनट तक रहें।
आप विपरीत करनी आसन को नियमित रूप से करते है तो इसके कई सारे फायदे आपको मिलते है। पैर ऊपर होने से खून का प्रवाह हृदय की ओर आसानी से होता है। वैरिकोज वेन्स और पैरों की सूजन कम होती है। दिमाग में ऑक्सीजन सप्लाई बढ़ती है, जिससे स्ट्रेस हार्मोन (कोर्टिसोल) कम होता है। सोने से पहले करने पर गहरी नींद आती है। दिमाग शांत होता है। पेट के अंगों पर हल्का दबाव पड़ता है, इससे कब्ज और अपच में आराम मिलता है। सिर नीचे होने से ब्रेन का रक्त संचार बढ़ता है, सिरदर्द, माइग्रेन में राहत मिलती है। लंबे दिन की थकान पैरों में जमा होती है, इस आसन से आराम मिलता है।
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अगर आप योगासन कर रहे है तो आपको थोड़ा सावधानी भी बरतना चाहिए। गर्भवती महिलाओं, हाई ब्लड प्रेशर के मरीजों, गर्दन या कमर दर्द से परेशान लोगों को एक्सपर्ट की देखरेख में ही विपरीत करनी आसन का अभ्यास करना चाहिए। जिनकी हाल ही में पेट की सर्जरी हुई हो, उन्हें यह योगासन नहीं करना चाहिए।






