Stress Management: साइलेंट किलर है तनाव, खुश रहना चाहते हैं तो लाइफ स्टाइल में करें ये 6 बदलाव
Stress Management in Hindi: ऑफिस टारगेट, घर की जिम्मेदारियां, करियर का स्ट्रेस, न जाने कितने तनाव लेकर हम घूमते रहते है। इस स्ट्रेस का असर सीधे हमारे स्वास्थ्य पर पड़ता है। ऐसे करें स्ट्रेस मैनेज।
- Written By: रीता राय सागर
स्ट्रेस मैनेजमेंट (सौ. सोशल मीडिया)
What is Stress: बदलते जमाने के साथ हर दूसरा व्यक्ति तनाव से गुजर रहा है। फास्ट पेस लाइफ में ऑफिस से लेकर पढ़ाई, फैमिली, लव, करियर न जाने कितनी ही चीजों का स्ट्रेस हो गया है। अगर समय रहते इसे कंट्रोल न किया जाए तो यह मानसिक और शारीरिक होनों रूप से बेहद नुकसानदायक हो सकती है।
स्ट्रेस को पूरी तरह खत्म करना मुश्किल है, लेकिन सही आदतों और सही अप्रोच के साथ इसे कंट्रोल जरूर किया जा सकता है। अपनी लाइफ स्टाइल में छोटे-मोटे बदलाव करके अपने मेंटल और फिजिकल हेल्थ को दुरूस्त किया जा सकता है।
टाइम मैनेजमेंट
स्ट्रेस से पहले अपने पूरे दिन के टाइम को मैनेज करना जरूरी है। आप अपने 24 घंटे को कैसे उपयोग करें ताकि बिना किसी तनाव के सभी काम के ए समय निकाला जा सकें। इसके लिए हर रोज रात को सेने से पहले एक To-Do List तैयार करें। जरूरी काम को पहले करें और मल्टी टास्किंग से बचें। मल्टी टास्किंग से स्ट्रेस बढ़ता है।
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सांसो पर दें ध्यान
सुबह उठते ही अगर आफका हाथ सीधे फोन के नोटिफिकेशन पर जाता है, तो इसे तुरंत बंद कर दीजिए और सुबह उठते ही ताजी हवा में सांसों पर फोकस कीजिए। 1-2 मिनट तक धीमी सांस लें और छोड़ें।
बॉडी टैपिंग करके इससे पूरे शरीर में एनर्जी आएगी और आलस दूर भागेगा। साथ ही इससे ब्लड सर्कुलेशन भी अच्छा होता है।
मेडिटेशन बन सकता है गेम चेंजर
आपका दिन स्ट्रेस भरा रहता है या फिर कई चीजों को लेकर आप तनाव में आ जाते हैं या फिर ओवरथिंक करते हैं, तो आपको रोजाना कुछ मिनट मेडिटेशन करना चाहिए। इसकी शुरुआत आप बस 5 मिनट मौन रहकर कर सकते हैं। रीढ़ की हड्डी को सीधा करके, आंखों को बंद करें और बैठ जाएं। धीरे-धीरे सांस लें, होल्ड करें और छोड़ दें। इससे मन में चलने वाली उथल-पुथल शांत होगी और आप हल्का महसूस करेंगे। कुछ दिनों में आप बदलाव महसूस करेंगे।
मेडिटेशन (सौ. सोशल मीडिया)
खुलकर बात करना
अपनी समस्याओं को किसी अपने से साझा करने से मन हल्का होता है औऱ समस्या आधी हो जाती है। वर्कलोड के लिए अपने सीनियर या अपने कलीग से बात करें, उनसे मदद लें। पॉजिटिव कम्युनिकेशन से वर्कलोड को आसान बनाया जा सकता है।
हेल्दी ईटिंग
गलत खानपान और नींद की कमी स्ट्रेस को कई गुना तक बढ़ा देते है। आयुर्वेद में भोजन को औषधि कहा गया है। कहते जैसा खाए अन्न, वैसा होगा मन। इसलिए जंक फूड से दूरी बनाकर रखें और पोषक से भरपूर भोजन करें।
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अपने लिए समय निकालें
ऑफिस, दोस्त और घर से इतर खुद के लिए भी समय निकालें। इस मी टाइम में आप म्युजिक सुन सकते है, खाली पांव घास पर चल सकते हैं, कुकिंग कर सकते हैं, किताबें पढ़ सकते हैं।
इन सबके अलावा दिन के अंत में पूरे दिन के लिए धन्यवाद करना, पॉजिटिव सोचना, काम और घर को अलग रखना भी जरूरी है। साथ ही योगा, व्यायाम, वॉकिंग व रनिंग को भी अपनी दिनचर्या में शामिल करें।
