
बॉडी टायर्डनेस का खतरा (सौ.सोशल मीडिया)
Body Tiredness Problems: भागदौड़ से भरी जिंदगी में तनाव और थकान की समस्या परेशान कर देती है। इसके चलते शारीरिक और मानसिक रूप से थके महसूस करते है। अनहेल्दी लाइफस्टाइल के साथ थकान को दूर करने के लिए डॉक्टर्स पूरी नींद लेने की सलाह देते है। कई कारण ऐसे होते है जो नींद की कमी को बनाए रखते है और स्वास्थ्य के लिए सही नहीं होते है। कई बार पूरी नींद लेने के बाद भी थका महसूस होता है ऐसा क्यों होता है, चलिए जान लेते है।
1- पोषक तत्वों की कमी
सेहत को बेहतर बनाए रखने के लिए बैलेंस डाइट जरूरी होती है लेकिन आजकल हर किसी थाली से पोषक तत्व गायब है या इसकी कमी बनी हुई है। हमारे शरीर में आयरन की कमी होने से शरीर में हीमोग्लोबिन का लेवल घट जाता है। इससे बॉडी में सभी सेल्स तक ऑक्सीजन की सप्लाई ठीक तरह से नहीं होती और हम थका हुआ महसूस करते हैं। आप अगर अपनी डाइट को बैलेंस करते है तो यह आपके स्वस्थ शरीर के लिए जरूरी है। इसके लिए हमें अपनी डाइट में सभी पोषक तत्वों को शामिल रखना चाहिए।
2- तनाव शरीर में बढ़ाता है थकान
तनाव की वजह से थकान और चिड़चिड़ेपन की शिकायत होती है। तनाव हमारे शरीर के सभी अंगों को प्रभावित करने का काम करता है। पूरे शरीर के फंक्शन को कमजोर करने के लिए तनाव की समस्या जिम्मेदार होती है। इससे केवल शरीर ही नहीं दिमाग भी एंग्जाइटी और डिप्रेशन की समस्या से जूझता है। बॉडी हाई अलर्ट पर चली जाती है. इससे नींद में कमी आ जाती है और इंसान रिफ्रेश महसूस नहीं करता।
3- पानी की कमी से बढ़ती है समस्या
आपको बताते चलें कि, शरीर में पानी की कमी से शरीर में थकान हो जाती है। दरअसल, पानी शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स की मूवमेंट समेत ब्लड सर्कुलेशन के लिए भी जरूरी होता है। इसके लिए आपको 8-10 गिलास तक पानी पीना चाहिए।पानी शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स की मूवमेंट समेत ब्लड सर्कुलेशन के लिए भी जरूरी होता है इसलिए आपको समय-समय पर पानी पीना चाहिए।
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4- ब्ल्यू लाइट रेस से पड़ता है बुरा असर
अगर आप हर समय ऑफिस या घर में कंप्यूटर और मोबाइल का इस्तेमाल करते है तो इन डिवाइसेज से निकलने वाली ब्ल्यू लाइट रेस दिमाग को रेस्टलैस बनाने का काम करता है। इसलिए स्क्रीन टाइम हमें घटाना चाहिए। इनसे निकलने वाली लाइट ब्रेन को इंडीकेशन देती है कि अब भी दिन हो रहा है इसके चलते ब्रेन मेलाटॉनिन प्रोडक्शन को कम देता है, जिससे हमें सही समय से नींद नहीं आती है और दिमाग एक्टिव मोड में ही रहता है।






