Infant Sleep Requirement: घर में नन्हे मेहमान के आते ही माता-पिता की दुनिया बदल जाती है खासकर उनकी नींद। बच्चा रात भर जागता है और दिन में सोता है जिससे पेरेंट्स अक्सर तनाव में आ जाते हैं। लेकिन क्या यह सामान्य है विज्ञान कहता है कि शिशुओं का स्लीप साइकल बड़ों से बिल्कुल अलग होता है।
नवजात शिशु का पालन-पोषण चुनौतियों से भरा होता है और सबसे बड़ी उलझन होती है उनकी नींद। कई बार माता-पिता इस बात को लेकर घबरा जाते हैं कि उनका बच्चा दिन भर सोता रहता है या रात में बार-बार जागता है। बाल रोग विशेषज्ञों और हालिया वैज्ञानिक शोधों ने इस गुत्थी को सुलझाया है जो हर नए माता-पिता के लिए राहत की खबर है।
कितने घंटे है नॉर्मल
वैज्ञानिक शोध के अनुसार एक नवजात शिशु (0-3 महीने) औसतन 14 से 17 घंटे तक सोता है। कुछ स्वस्थ बच्चे 18 से 19 घंटे की नींद भी ले सकते हैं। खास बात यह है कि यह नींद एक बार में नहीं बल्कि छोटे-छोटे टुकड़ों में बंटी होती है। आमतौर पर बच्चा 30 मिनट से लेकर 3 घंटे तक सोता है और फिर भूख लगने पर जाग जाता है।
सम्बंधित ख़बरें
Black Pepper Benefits: गर्मी के मौसम में काली मिर्च खाएं या नहीं? ज़रूर जानिए इसके फायदे और नुकसान
Yoga Tips: मन को शांत रखने और तनाव दूर भगाने के लिए रोज करें ये 3 योगासन, मानसिक शांति और पॉजिटिव
Pregnancy Health Tips: गर्भावस्था में हाई बीपी को न करें नजरअंदाज, मां और बच्चे दोनों पर पड़ सकता है बुरा असर
Monsoon Haircare Tips: बारिश में भीगने के बाद सिर में होती है खुजली? अपनाएं ये 5 आसान उपाय
क्यों टूटती है बार-बार नींद
इसके पीछे एक सीधा शारीरिक कारण है नवजात का पेट बहुत छोटा होता है। उसे हर 2 से 3 घंटे में पोषण की जरूरत होती है। यही वजह है कि वे चाहकर भी बड़ों की तरह 8 घंटे की साउंड स्लीप नहीं ले पाते। शुरुआती दो महीनों तक शिशु को दिन और रात के अंतर का अहसास नहीं होता इसलिए उनका स्लीप पैटर्न अनियमित रहता है।
यह भी पढ़ें:- सावधान! अगर आप भी नहीं करते ब्रेकफास्ट, तो आज ही जान लें खाली पेट रहने के ये नतीजे
नींद क्यों है जरूरी
रिसर्च बताते हैं कि नींद के दौरान ही शिशु के मस्तिष्क का सबसे तेज विकास होता है। नींद में शरीर जरूरी ग्रोथ हार्मोन रिलीज करता है जो कोशिकाओं की मरम्मत और शारीरिक विकास में मदद करते हैं। यह वह समय होता है जब बच्चे का दिमाग दिन भर के अनुभवों और जानकारियों को व्यवस्थित कर रहा होता है।
पेरेंट्स के लिए जरूरी टिप्स
- दिन में घर में सामान्य रोशनी और हल्की हलचल रखें जबकि रात को शांति और अंधेरा। इससे बच्चे को धीरे-धीरे दिन-रात का अंतर समझ आने लगेगा।
- 4 से 6 महीने की उम्र तक पहुंचते-पहुंचते ज्यादातर बच्चे रात में 6-8 घंटे लगातार सोना शुरू कर देते हैं।
अगर आपका बच्चा दूध पीने के लिए भी नहीं जाग रहा बहुत ज्यादा सुस्त दिख रहा है या उसके सोने के पैटर्न में अचानक कोई बड़ा बदलाव आया है तो बिना देरी किए बाल रोग विशेषज्ञ से सलाह लें।
















