
कांपते हुए हाथ की तस्वीर (सौ. फ्रीपिक)
Health Tips: अक्सर लोग हाथों में होने वाले कंपन को कमजोरी या थकान मानकर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार अगर आपके हाथ अक्सर कांपते हैं तो यह आपके नर्वस सिस्टम और पोषण की कमी से जुड़ा संकेत हो सकता है। विशेष रूप से विटामिन B12 की कमी इसके लिए सबसे ज्यादा जिम्मेदार मानी जाती है।
हाथों में होने वाली हल्की सी थरथराहट या कंपन को मेडिकल भाषा में ट्रेमर कहा जाता है। हालांकि यह पार्किंसंस जैसी गंभीर बीमारियों का शुरुआती लक्षण हो सकता है लेकिन कई मामलों में इसके पीछे की असली वजह हमारे खान-पान में पोषक तत्वों की भारी कमी होती है। विशेषज्ञों का मानना है कि हमारा नर्वस सिस्टम कुछ खास विटामिन और मिनरल्स पर निर्भर करता है जिसकी कमी शरीर में शॉर्ट सर्किट जैसी स्थिति पैदा कर देती है।
हाथ कांपने की सबसे बड़ी वजह विटामिन B12 की कमी को माना जाता है। यह विटामिन हमारी नसों के ऊपर माइलिन नामक एक सुरक्षा परत बनाने में मदद करता है। जब शरीर में B12 कम होता है तो यह परत कमजोर हो जाती है जिससे नसों के सिग्नल दिमाग तक ठीक से नहीं पहुंच पाते। इसी वजह से हाथों में कंपन, झुनझुनी और सुन्नपन महसूस होने लगता है।
सिर्फ B12 ही नहीं बल्कि मैग्नीशियम की कमी भी मांसपेशियों में ऐंठन और कंपन पैदा कर सकती है। मैग्नीशियम मांसपेशियों को आराम देने का काम करता है। वहीं विटामिन B6 दिमाग के उन रसायनों (न्यूरोट्रांसमीटर्स) को संतुलित रखता है जो हमारे शरीर की गतिविधियों को कंट्रोल करते हैं। यदि ये दोनों तत्व कम हो जाएं तो हाथों पर नियंत्रण रखना मुश्किल हो जाता है।
प्रतीकात्मक तस्वीर (सौ. एआई)
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अगर कंपन के साथ-साथ आपको थकान, याददाश्त में कमी या चलने में दिक्कत महसूस हो रही है तो तुरंत ब्लड टेस्ट करवाना चाहिए।
डाइट में बदलाव: अपनी खुराक में अंडे, दूध, पनीर, हरी सब्जियां, नट्स और साबुत अनाज शामिल करें।
शाकाहारियों के लिए चुनौती: विटामिन B12 मुख्य रूप से मांसाहारी भोजन में पाया जाता है इसलिए शाकाहारी लोगों को फोर्टिफाइड फूड्स या डॉक्टर की सलाह पर सप्लीमेंट्स लेने की जरूरत पड़ सकती है।
स्ट्रेस मैनेजमेंट: कई बार तनाव और अधिक कैफीन (चाय-कॉफी) का सेवन भी इस समस्या को बढ़ा देता है।
हाथों का कांपना कोई साधारण बात नहीं है। शरीर के इन साइलेंट संकेतों को समय रहते पहचानें और सही पोषण से अपनी नसों को स्वस्थ रखें। अगर आपको भी इस तरह की समस्या रहती है तो अपनी डाइट में बदलाव करें और ज्यादा समस्या होने पर डॉक्टर से सलाह अवश्य लें।
डिस्क्लेमर: इस लेख में दिए गए सुझाव केवल सामान्य जानकारी के लिए हैं। किसी भी स्वास्थ्य समस्या के लिए डॉक्टर से सलाह जरूर लें। नवभारत किसी भी प्रकार के दावे की पुष्टि नहीं करता है।






