सुबह फल खाने के बाद पेट दर्द से परेशान व्यक्ति (सौ. एआई)
Morning Fruit Eating Risks: आज की भागदौड़ भरी जीवनशैली में पेट फूलना और गैस एक आम समस्या बन गई है। अक्सर लोग राहत के लिए फलों का सहारा लेते हैं लेकिन क्या आप जानते हैं कि संतरा, नींबू और अनानास जैसे हेल्दी फल भी आपकी एसिडिटी को कई गुना बढ़ा सकते हैं।
अक्सर माना जाता है कि फल पेट को ठंडक देते हैं लेकिन आयुर्वेद और आधुनिक विज्ञान दोनों ही कुछ फलों के प्रति आगाह करते हैं। जानकारी के अनुसार कुछ फलों में साइट्रिक एसिड की मात्रा इतनी अधिक होती है कि वे पाचन अग्नि को मंद कर देते हैं जिससे सीने में जलन और एसिड रिफ्लक्स की समस्या शुरू हो जाती है।
विटामिन-सी से भरपूर ये फल वैसे तो रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाते हैं लेकिन इनमें मौजूद साइट्रिक एसिड गैस्ट्रिक एसिड के उत्पादन को तेज कर देता है। खासकर सुबह खाली पेट इनका सेवन सीने में तेज जलन पैदा कर सकता है।
इसका गुण अम्ल और तीक्ष्ण होता है। इसमें मौजूद विशेष एंजाइम संवेदनशील आंतों की परत को परेशान कर सकते हैं जिससे पित्त में वृद्धि होती है और पेट में भारीपन महसूस होता है।
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खट्टा आम स्वभाव में भारी होता है। इसे पचाने के लिए हमारे शरीर को अतिरिक्त ऊर्जा लगानी पड़ती है। इसके अधिक सेवन से कफ और वात दोष बढ़ सकते हैं जो अंततः अपच का कारण बनते हैं।
अंगूर अगर मीठे न हों तो वे शरीर में पित्त बढ़ाते हैं। मंद पाचन वाले लोगों के लिए खट्टे अंगूर गैस और पेट फूलने की समस्या को न्योता देते हैं।
अमरूद खाते समय अक्सर लोग उसके बीजों पर ध्यान नहीं देते। बीज सहित अमरूद का सेवन पाचन में बाधा डाल सकता है और पेट फूलने की समस्या पैदा करता है। इसी तरह जामुन और बेरीज का अत्यधिक सेवन भी पित्त को बढ़ाकर पाचन तंत्र को कमजोर कर सकता है।
आयुर्वेद स्पष्ट करता है कि खट्टे और तीखे फल शरीर की अग्नि को प्रभावित करते हैं। यदि आप पहले से ही एसिडिटी या पेट दर्द से जूझ रहे हैं तो इन फलों का सेवन सीमित मात्रा में करें। फलों को हमेशा सही समय पर और अपनी शारीरिक प्रकृति को समझकर ही आहार में शामिल करना चाहिए ताकि वे औषधि की तरह काम करें न कि जहर की तरह।