Face Pack For Pigmentation: झाइयों और पिगमेंटेशन को कम करने में मदद करेंगे ये 5 होममेड फेस पैक
Homemade Face Pack: पिगमेंटेशन के चलते स्किन टोन प्रभावित होने लगती है। कोलेजन की कमी से त्वचा में मेलानिन का प्रभाव बढ़ने लगता है। पिगमेंटेशन को दूर करने के लिए होममेड फेस मास्क कारगर है।
- Written By: रीता राय सागर
फेसपैक (फोटो.सोशल मीडिया)
Face Pack For Pigmentation: सूर्य की हानिकारक किरणों के बढ़ते प्रभाव से स्किन संबधी समस्याएं बढ़ती जा रही हैं। धूप के संपर्क में अधिक रहने से स्किन में पिगमेंटेशन की समस्या बढ़ जाती है।
ऐसे में गालों, होठों के आसपास और आंखों के नजदीक बढ़ने वाली झाईयों को दूर करने के लिए कई ब्यूटी प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल किया जाता है, जिससे त्वचा पर साइड इफे्क्ट का खतरा बना रहता है। ऐसे में पिगमेंटेशन को दूर करने के लिए कुछ होममेड फेसपैक लगाए जा सकते हैं।
चेहरे पर पिगमेंटेशन का कारण
पिगमेंटेशन से स्किन टोन प्रभावित होने लगती है। कोलेजन की कमी से त्वचा में मेलेनिन का प्रभाव बढ़ने लगता है। दरअसल, ये मेलानोसाइट्स नाम की त्वचा कोशिकाओं के कारण बढ़ने वाला एक प्रकार का पिगमेंट है। कॉस्मेटिक विशेषज्ञ के अनुसार, स्किन सेल्स एक्टिव हो जाते हैं, जिससे मेलानिन प्रोडक्शन बढ़ जाता है। इससे चेहरे पर काले धब्बे नज़र आने लगते हैं, जिसे हाइपरपिगमेंटेशन कहते हैं। इसका प्रभाव ज्यादातर माथे, गालों या नाक पर देखा जा सकता है।
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ये 5 तरह के फेस पैक देंगे पिगमेंटेशन से राहत
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एलोवेरा जेल
चेहरे पर एलोवेरा जेल लगाने से स्किन को कई फायदे मिलते है। इसमें मौजूद एलोसिन कंपाउड मेलेनिन को बढ़ने से रोकता है। क्लिनिकल एंड एक्सपेरीमेंटल डर्मेटोलॉजी की रिपोर्ट के अनुसार एलोसिन की मदद से 34 प्रतिशत तक पिगमेंटेशन को कम किया जा सकता है। जेल को चेहरे पर लगाने से ठंडक भी मिलती है।
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कच्चे आलू
काले घेरों को दूर करने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले आलू में कैटेकोलेज़ की मात्रा पाई जाती है, जो त्वचा की रंगत को हल्का करने वाला एक एंजाइम है। इसे टुकड़ों में काटकर चेहरे पर रगड़ने और इसके रस को कॉटन की मदद से चेहरे पर लगाने से फायदा मिलता है। इससे चेहरे पर बढ़ने वाली पिगमेंटेशन की समस्या हल होने लगती है।
फेसपैक (फोटो.सोशल मीडिया)
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नींबू का रस और शहद
विटामिन सी से भरपूर नींबू का रस स्किन के ग्लो को बनाए रखने में मदद करता है। नींबू त्वचा को विटामिन सी देता है, तो वहीं शहद में एंटी इंफ्लेमेटरी गुण पाए जाते हैं। इससे स्किन में नमी बनी रहती है और स्मूदनेस बढ़ती है। नींबू के रस को शहद में बराबर मात्रा में मिलाएँ। अब पिगमेंटेशन वाली जगह पर लगाएं और 15 मिनट बाद धो दें।
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हल्दी और दूध
हल्दी में एंटी इंफ्लेमेटरी गुण पाए जाते हैं और त्वचा की रंगत साफ करने वाले गुण पाए जाते है। द जर्नल ऑफ़ द अमेरिकन एकेडमी ऑफ़ डर्मेटोलॉजी के अनुसार हल्दी के अर्क से युक्त एक फॉर्मूलेशन ने चार सप्ताह में हाइपरपिग्मेंटेड को 14 से 16 प्रतिशत तक कम कर दिया। इससे स्किन को एक्सफोलिएट करने में भी मदद मिलती है। इसके लिए हल्दी पाउडर को दूध के साथ मिलाकर पेस्ट बना लें और इसे चेहरे पर लगाएँ।
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ओटमील फेसपैक (फोटो.सोशल मीडिया)
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दही और ओटमील
दही में लैक्टिक एसिड होता है, जिससे डेड स्किन सेल्स की समस्या हल होने लगती है। ओटमील और दही को मिलाकर लगाने से पिगमेंटेशन को कम करने और त्वचा की बनावट को बेहतर बनाने में मदद मिलती हैं। दही और बारीक पिसे हुए ओटमील को मिलाकर पेस्ट बनाएँ और इसे चेहरे पर लगाएँ। इसे 20 मिनट तक चेहरे पर लगा रहने दें और फिर धोकर एक अच्छा मॉइश्चराइजर लगाएं।
