Autism Awareness: ऑटिज्म क्या है? जानिए इसके लक्षण, कारण और उपचार के तरीके
Autism In Hindi: ऑटिज्म डिसऑर्डर एक न्यूरो डेवलपमेंटल कंडीशन है, जो बच्चे के बातचीत करने, दूसरों से जुड़ने और उनके व्यवहार को प्रभावित करती है। परिवार के सहयोग से इससे निपटा जा सकता है।
- Written By: रीता राय सागर
ऑटिज्म (फोटो.सोशल मीडिया)
What Is Autism: दुनियाभर में लाखों बच्चे ऑटिज्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर (ASD) से जूझ रहे हैं। यह एक न्यूरोडेवलपमेंटल कंडीशन है, जो बच्चों को बुरी तरह प्रभावित करती है। कई बार माता-पिता बच्चे में शुरुआती दौर में ऑटिज्म की पहचान नहीं कर पाते हैं।
शुरूआत में ऑटिज्म की पहचान करना कई बार मुश्किल होता है, क्योंकि यह बचपन से ही होने वाली एक बीमारी है और इसके लक्षण थोड़े-थोड़े बचपन से ही मिलते-जुलते होते हैं। यही कारण है कि ऑटिज्म की पहचान कई बार बचपन में नहीं हो पाती है और जब तक इसकी पहचान होती है, तब तक इसके लक्षणों को कंट्रोल करना मुश्किल हो जाता है।
क्या है ऑटिज्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर (Autism Spectrum Disorder)
Autism Spectrum Disorder एक ऐसी न्यूरोलॉजिकल स्थिति है, जो बच्चों के दिमाग के विकास को प्रभावित करती है। इसके कारण बच्चे के व्यवहार, बोलने की क्षमता और दूसरों के साथ जुड़ने के तरीके व उके व्यवहार में देखने को मिलता है। हर बच्चे में इसके लक्षण अलग-अलग हो सकते हैं, इसलिए इसे स्पेक्ट्रम कहा जाता है। ये एक जटिल न्यूरोडेवलपमेंटल स्थिति है, जिसमें हर बच्चे के लक्षण अलग-अलग हो सकते हैं।
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ऑटिज्म के लक्षण (Symptoms Of Autism)
- ऑटिज्म से पीड़ित बच्चे अक्सर आंखों में आंखें डालकर बात नहीं करते, जिससे लगता है कि वे सामने वाले को नजरअंदाज कर रहे हैं।
- माता-पिता या परिवार के सदस्यों के साथ भी भावनात्मक जुड़ाव कम दिख सकता है।
- दूसरे बच्चों के साथ खेलना या दोस्त बनाना मुश्किल होता है।
- कई बार वे अपना नाम बुलाए जाने पर भी रिएक्शन नहीं देते हैं, जिससे सुनने की समस्या (Hearing Problem) का भ्रम हो सकता है।
- कई बार बच्चा देर से बोलना शुरू करता है या बिल्कुल नहीं बोलता।
- कुछ बच्चे शब्द बोलते हैं, लेकिन उनका सही इस्तेमाल नहीं कर पाते।
- इकोलालिया यानी एक ही शब्द या वाक्य को बार-बार दोहराना आम है।
- इशारों, जैसे हाथ हिलाना, इशारा करना या सिर हिलाना का भी सही उपयोग नहीं कर पाते हैं।
- बच्चा एक ही गतिविधि को बार-बार करता है, जैसे खिलौनों को एक लाइन में लगाना।
- अचानक रूटीन बदलने पर गुस्सा या बेचैनी दिखाना।
- हाथ हिलाना, गोल-गोल घूमना या शरीर को झुलाना जैसे व्यवहार दिख सकते हैं।
- किसी खास चीज़ या विषय में अत्यधिक रुचि।
ऑटिज्म (फोटो.सोशल मीडिया)
परिवार की भूमिका
माता-पिता और परिवार का सहयोग बच्चे के विकास में सबसे बड़ी भूमिका निभाता है। बच्चे के साथ ज्यादा समय बिताना, उससे बातचीत करना, उसकी गतिविधियों में शामिल होना और सकारात्मक माहौल देना बेहद जरूरी है। साथ ही, माता-पिता को खुद भी जागरूक रहना चाहिए और किसी भी संदेह की स्थिति में विशेषज्ञ से सलाह लेने में देर नहीं करनी चाहिए।
ऑटिज्म और मोबाइल (Autism And Mobile)
आजकल एक आम सवाल यह है कि क्या टीवी, मोबाइल या अन्य स्क्रीन देखने से बच्चों में ऑटिज्म बढ़ रहा है। डॉक्टर बताते हैं कि स्क्रीन टाइम सीधे तौर पर ऑटिज्म का कारण नहीं है। लेकिन बहुत ज्यादा स्क्रीन देखने से बच्चों की भाषा और सामाजिक कौशल के विकास पर नकारात्मक असर पड़ सकता है। इससे बच्चे कम बातचीत करते हैं और लोगों से जुड़ने में कठिनाई महसूस कर सकते हैं, जो ऑटिज्म जैसे लक्षणों को बढ़ा सकता है।
ऑटिज्म (फोटो.सोशल मीडिया)
बच्चों के लिए कितना स्क्रीन टाइम है सेफ
कम से कम 5 साल तक बच्चों को मोबाइल या टीवी स्क्रीन से दूर ही रखना चाहिए। 0 से 5 साल तक उम्र में बच्चा जितना बाहर खेलने, कूदने और दूसरों के साथ बातचीत करने में अपना समय बिताए। 2 साल से कम उम्र के बच्चों को मोबाइल या किसी भी स्क्रिन का इस्तेमाल नहीं करने देना चाहिए। 2 से 5 साल की उम्र के बच्चों को 1 दिन में 1 घंटा मोबाइल चलाना सुरक्षित है।
ऑटिज्म का उपचार (Treatment Of Autism)
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बिहेवियर थेरेपी
इस थेरेपी की मदद से कम्युनिकेशन, व्यवहार कौशल और बोलचाल की मदद से रोगी के व्यवहार में बदलाव लाया जा सकता है।
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लैंग्वेज और स्पीच थेरेपी
इस थेरेपी का उपयोग तब होता है जब बच्चे या पेशेंट को कुछ भी बोलने में दिक्कत होती है।
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ऑक्यूपेशनल थेरेपी
ऑक्यूपेशनल थेरेपी (ओटी) की मदद से आवश्यक या बुनियादी कौशल सिखाए जाते हैं। लिखने की कला, मोटर स्किल और खुद की देखभाल करने का कौशल।
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दवाइयां
आमतौर पर ऑटिज्म के इलाज के लिए कोई विशेष दवा नहीं है। हालांकि, ऑटिज्म के कारण उत्पन्न होने वाली समस्याओं के इलाज के लिए कुछ दवाएं उपलब्ध हैं, जिनका इस्तेमाल डॉक्टरी परामर्श के बाद ही किया जाना चाहिए। इन दवाओं से लक्षणों में आराम मिलता है, लेकिन यह अकेला व्यक्ति को ऑटिज्म से ठीक नहीं कर सकता है। इसके लिए दवा, थेरेपी, फैमिली सपोर्ट के साथ-साथ, डॉक्टर के निर्देश का पालन करना भी जरूरी है।
