ब्लड प्रेशर की समस्या (सौ.सोशल मीडिया)
Blood Pressure Chart : मौजूदा समय में ब्लड प्रेशर की समस्या बहुत ही तेजी से बढ़ रही है। गलत खानपान, तनाव, नींद की कमी और शारीरिक गतिविधि की कमी इसके प्रमुख कारण माने जाते हैं। हाई ब्लड प्रेशर यानी हाइपरटेंशन को “साइलेंट किलर” भी कहा जाता है, क्योंकि इसके लक्षण अक्सर शुरुआत में नजर नहीं आते, लेकिन यह दिल, किडनी और दिमाग पर बुरा असर डाल सकता है। ऐसे में आइए जानते है ब्लड प्रेशर क्या है और इससे जुड़ी तमाम बातें
हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार, ब्लड प्रेशर को “साइलेंट किलर” भी कहा जाता है, क्योंकि इसके लक्षण अक्सर शुरुआत में दिखाई नहीं देते। इसे समझना और सही समय पर कंट्रोल करना बहुत जरूरी है।
हाई ब्लड प्रेशर (हाइपरटेंशन) में धमनियों में खून का दबाव बढ़ जाता है, जिससे हृदय रोग जैसी समस्याएं हो सकती हैं। वहीं, बहुत कम ब्लड प्रेशर भी शरीर के लिए नुकसानदायक हो सकता है। सामान्य तौर पर 120/80 mmHg को सामान्य ब्लड प्रेशर माना जाता है।
सेहतमंद रहने के लिए ब्लड प्रेशर का संतुलित रहना बेहद जरूरी है, क्योंकि यही शरीर के सभी अंगों तक सही मात्रा में खून और ऑक्सीजन पहुंचाने में मदद करता है।
अगर ब्लड प्रेशर बहुत ज्यादा (हाई) हो जाए तो दिल, दिमाग, किडनी और आंखों को नुकसान पहुंच सकता है। और अगर बहुत कम (लो) हो जाए तो कमजोरी, चक्कर या बेहोशी की समस्या हो सकती है।
इसलिए स्वस्थ जीवन के लिए ब्लड प्रेशर का संतुलित रहना बेहद जरूरी है। नियमित जांच, सही खानपान, व्यायाम और तनाव कम रखना इसे नियंत्रित रखने में मदद करता है।
सामान्य रक्तचाप आम तौर पर 120/80 mmHg से कम (स्वस्थ वयस्कों के लिए) माना जाता है, लेकिन यह उम्र के साथ बढ़ सकता है। युवाओं में 115/75 से 120/80 mmHg और 60+ वर्ष के बुजुर्गों में 130/85 से 140/90 mmHg तक सामान्य हो सकता है।
18-40 वर्ष: 120/80 mmHg या इससे थोड़ा कम (जैसे 115/75 mmHg) आदर्श है।
40-60 वर्ष: 130/85 mmHg तक सामान्य माना जाता है।
60 वर्ष से अधिक (वरिष्ठ): 130/85 से 140/90 mmHg तक स्वीकार्य हो सकता है।
सही रीडिंग के लिए आराम की स्थिति में BP नापें। अगर बार-बार 130/80 से ऊपर आ रहा है, तो डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर है।
ब्लड प्रेशर का सामान्य स्तर पुरुष और महिला दोनों के लिए लगभग समान माना जाता है। फर्क ज़्यादा उम्र, जीवनशैली और स्वास्थ्य स्थिति से पड़ता है, न कि सिर्फ जेंडर से।
लगभग 120/80 mmHg माना जाता है।
120 से कम / 80 से कम – सामान्य
130/80 या अधिक – हाई BP
अंतर जेंडर से ज्यादा उम्र, वजन और जीवनशैली पर निर्भर करता है।
Normal: 120 से कम / 80 से कम
Elevated: 120–129 / 80 से कम
High BP (Stage 1): 130–139 / 80–89
High BP (Stage 2): 140 या अधिक / 90 या अधिक
Hypertensive Crisis: 180 से अधिक / 120 से अधिक
सामान्य तौर पर 120/80 mmHg को आदर्श माना जाता है।
हाई ब्लड प्रेशर कंट्रोल करने के लिए नमक कम का सेवन कम करें। ज्यादा नमक BP बढ़ा सकता है। कोशिश करें कि रोज़ाना नमक सीमित मात्रा में लें और पैकेज्ड/जंक फूड कम करें।
हाई ब्लड प्रेशर कंट्रोल करने के लिए हरी सब्जियों का सेवन ज्यादा करें। इसके लिए ताजे फल, साबुत अनाज आदि को ज्यादा से ज्यादा अपनी डाइट में शामिल करें।
हाई ब्लड प्रेशर कंट्रोल करने के लिए दालें, बीन्स, मेवे आदि को ज्यादा से ज्यादा अपनी डाइट में शामिल करें।
पोटैशियम से भरपूर भोजन (जैसे केला, नारियल पानी) फायदेमंद हो सकता है।
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तेज़ चाल से 30 मिनट चलना, योग या साइकलिंग BP कम करने में मदद कर सकता है।
गहरी सांस लेना, ध्यान (मेडिटेशन) और पर्याप्त नींद बहुत असरदार होते हैं।
अधिक वजन BP बढ़ा सकता है, इसलिए संतुलित डाइट और एक्टिव लाइफस्टाइल रखें।
ये दोनों BP और दिल की सेहत के लिए हानिकारक हैं।
शरीर को हाइड्रेट रखना जरूरी है।
अगर BP लगातार 130/80 से ऊपर आ रहा है, तो डॉक्टर से सलाह ज़रूर लें। प्राकृतिक उपाय मदद करते हैं, लेकिन जरूरत पड़ने पर दवा भी महत्वपूर्ण हो सकती है।