Hindi news, हिंदी न्यूज़, Hindi Samachar, हिंदी समाचार, Latest Hindi News
X
  • देश
  • महाराष्ट्र
  • विदेश
  • खेल
  • मनोरंजन
  • नवभारत विशेष
  • वायरल
  • धर्म
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • करियर
  • टेक्नॉलजी
  • यूटिलिटी न्यूज़
  • फैक्ट चेक
  • हेल्थ
  • ऑटोमोबाइल
  • वीडियो

  • वेब स्टोरीज
  • फोटो
  • होम
  • विडियो
  • फटाफट खबरें

भूलकर भी न करें कौंच बीज का बिना साफ किए सेवन, आयुर्वेद में बताया शुद्ध करने का सही तरीका

Benefits of Kaunch seeds:

  • By दीपिका पाल
Updated On: Oct 01, 2025 | 04:42 PM

कौंच बीज का सीधा सेवन करना नुकसानदायक (सौ. सोशल मीडिया)

Follow Us
Close
Follow Us:

Benefits of Kaunch seeds: आयुर्वेद में कई औषधियां है जिसके सेवन से बड़ी से बड़ी बीमारियों का निदान हो जाता है। आयुर्वेद औषधियों को लेकर कहा जाता है कि इनका सेवन करने से भले ही इलाज धीमा होता है लेकिन बीमारी का सफाया तेजी से होता है। आज हम बात कर रहे है कौंच बीज की। आयुर्वेद में एक अत्यंत महत्वपूर्ण और बलवर्धक औषधि के रूप में माना जाता है। कहते है कि, आयुर्वेद में किसी भी औषधीय द्रव्य का सेवन करने से पहले उसकी शुद्धि करना आवश्यक होता है। अगर हम किसी बीज की सफाई कर लेते है तो, कड़वापन खत्म होता है और औषधीयपन जुड़ा होता है।

जानिए कौंच बीज की प्रकृति

यहां पर आयुर्वेद में बताया गया है कि, कौंच बीज स्वाभाविक रूप से तीव्र और उष्ण प्रकृति के होते हैं, जो सीधे सेवन करने पर शरीर में जलन, गर्मी या पाचन संबंधी विकार उत्पन्न कर सकते हैं। इसलिए इनके शोधन की प्रक्रिया आयुर्वेद में अत्यंत महत्व रखती है। इसके अलावा कहा जाता है कि, कौंच बीज की सतह पर एक महीन रोमयुक्त परत होती है, जो त्वचा के संपर्क में आने पर खुजली, जलन और एलर्जी पैदा कर सकती है। इन बीजों को विशेष आयुर्वेदिक विधियों से शुद्ध किया जाता है, जिससे उनके हानिकारक प्रभाव समाप्त हो जाते हैं और वे सुरक्षित औषधि बन जाते हैं।

कौंच बीज शोधन की प्रक्रिया

  • शोधन की पारंपरिक विधि में सबसे पहले कौंच बीजों को अच्छी तरह से धूप में सुखाया जाता है, फिर उनकी रोमयुक्त परत को सावधानीपूर्वक रगड़कर हटाया जाता है। इसके बाद शोधन के लिए तीन प्रमुख विधियां अपनाई जाती हैं।
  • पहली विधि में बीजों को गाय के दूध में डालकर धीमी आंच पर 3 से 6 घंटे तक पकाया जाता है, जब तक बीज मुलायम होकर छिलका अलग न कर दें। पकाने के बाद छिलका हटाकर बीजों को धोकर सुखाया जाता है और फिर चूर्ण बनाया जाता है।
  • दूसरी विधि में बीजों को दूध में डालकर लगभग 24 घंटे के लिए रखा जाता है, जिससे वे फूल जाते हैं और छिलका स्वतः अलग हो जाता है।
  • तीसरी विधि गोमूत्र में शोधन की है, जो खासतौर पर वात और स्नायु रोगों में उपयोगी मानी जाती है। इसमें बीजों को गोमूत्र में उबालकर शुद्ध किया जाता है।
  • शुद्ध कौंच बीजों को पीसकर चूर्ण बनाया जाता है, जो अब पूरी तरह विषरहित और औषधीय गुणों से भरपूर होता है। इसे आयुर्वेद में कौंच पाक, कौंच चूर्ण, और कौंच घृत के रूप में उपयोग किया जाता है।

ये भी पढ़ें-सावधान ! रातभर AC की हवा में क्या आप भी लेते हैं चैन की नींद, हो सकते है बीमार, जानिए नुकसान

कौंच बीज के फायदे

ये वीर्य वृद्धि, शुक्र धातु की पुष्टि, मानसिक तनाव और अनिद्रा में लाभकारी होते हैं। इसके अलावा कौंच बीज पार्किंसन जैसे तंत्रिका रोगों में भी सहायक साबित हुए हैं क्योंकि इसमें प्राकृतिक एल-डोपा पाया जाता है। स्नायु तंत्र को मजबूत कर शारीरिक कमजोरी दूर करने में भी यह अत्यंत उपयोगी है।

सम्बंधित ख़बरें

क्या आप जानते हैं पलाश के फूल और बीज में छिपा है सेहत और खूबसूरती का राज?

बिना दवा के तनाव और एंग्जायटी का इलाज! जानें क्या है बिब्लियोथेरेपी जो बदल सकती है आपका मूड

बच्चों में हाई बीपी के ये लक्षण कहीं आप भी तो नहीं कर रहे मिस? भविष्य में पड़ सकता है पछताना

बदलना चाहते है मुंह का स्वाद, घर पर इस आसान रेसिपी के साथ बनाएं एकदम खस्ता पुदीना कचौड़ी

आईएएनएस के अनुसार

Ayurveda tells the correct way to purify kaunch seeds

Get Latest   Hindi News ,  Maharashtra News ,  Entertainment News ,  Election News ,  Business News ,  Tech ,  Auto ,  Career and  Religion News  only on Navbharatlive.com

Published On: Oct 01, 2025 | 04:42 PM

Topics:  

  • Ayurvedic Herb
  • Health News
  • Healthy Tips
  • Lifestyle News

Popular Section

  • देश
  • विदेश
  • खेल
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • वेब स्टोरीज़

States

  • महाराष्ट्र
  • उत्तर प्रदेश
  • मध्यप्रदेश
  • दिल्ली NCR
  • बिहार

Maharashtra Cities

  • मुंबई
  • पुणे
  • नागपुर
  • ठाणे
  • नासिक
  • अकोला
  • वर्धा
  • चंद्रपुर

More

  • वायरल
  • करियर
  • ऑटो
  • टेक
  • धर्म
  • वीडियो

Follow Us On

Contact Us About Us Disclaimer Privacy Policy Terms & Conditions Author
Marathi News Epaper Hindi Epaper Marathi RSS Sitemap

© Copyright Navbharatlive 2026 All rights reserved.