'दरिंदों से हार गया', सिरसा जेल वार्डन ने लंबा-चौड़ा नोट लिख किया सुसाइड, DSP-LO पर लगाए गंभीर आरोप

Haryana Jail Warden Suicide: हरियाणा के सिरसा जिला जेल में तैनात वार्डन सुखदेव सिंह ने ड्यूटी टाइमिंग और वरिष्ठ अधिकारियों की ओर से कथित मानसिक उत्पीड़न से परेशान होकर आत्महत्या कर ली।
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वार्डन और सुसाइड लेटर, फोटो- सोशल मीडिया
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Haryana Sirsa Warden Suicide: हरियाणा के सिरसा जिले से एक विचलित करने वाला मामला सामने आया है, जहां एक जेल वार्डन ने कथित रूप से सिस्टम की कथित क्रूरता के आगे घुटने टेक दिए। वार्डन सुखदेव सिंह ने नए साल के दिन (1 जनवरी) जहरीला पदार्थ खाकर अपनी जान दे दी, और पीछे दो भावुक सुसाइड नोट छोड़े हैं जिनमें वरिष्ठ अधिकारियों पर उन्हें आत्महत्या के लिए मजबूर करने के आरोप लगाए गए हैं।

सुखदेव सिंह ने खुदकुशी करने से पहले अपने बेटे जसपाल सिंह को फोन किया था। उन्होंने फोन पर रुंधे गले से कहा कि वे अधिकारियों की प्रताड़ना से तंग आकर जहरीला पदार्थ खा रहे हैं और अब इन 'दरिंदों' से हार चुके हैं। उन्होंने अपने बेटे को बताया कि उनके बैग में जेल महानिदेशक और जेल सुपरिंटेंडेंट के नाम लिखे सुसाइड नोट रखे हैं। गुरुवार रात इलाज के दौरान अस्पताल में उनकी मृत्यु हो गई।

ड्यूटी का विवाद, 15 दिनों का 'मानसिक टॉर्चर'

सुसाइड नोट में सुखदेव सिंह ने अपनी व्यथा विस्तार से लिखी है। वे पिछले 7 साल से हरियाणा सिरसा जेल में तैनात थे। विवाद तब शुरू हुआ जब 14 दिसंबर को सुखदेव ने अपनी बीमारी के चलते पुलिस उप-सुप्रिटेंडेंट (सिक्योरिटी) से रात की ड्यूटी न लगाने का अनुरोध किया। आरोप है कि इस पर अधिकारी भड़क गए और उन्हें बुरा-भला कहने लगे। सुसाइड नोट के अनुसार, उन्हें पिछले 15 दिनों से लगातार परेशान किया जा रहा था और 31 दिसंबर को भी उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया।

दिल के मरीज थे सुखदेव, फिर भी मिली कठोर सजा

मृतक वार्डन के परिजनों ने बताया कि सुखदेव पिछले 6 साल से दिल की बीमारी से जूझ रहे थे और उनके दिल में दो स्टेंट लगे हुए थे। बीमारी के बावजूद, अधिकारियों ने उनकी एक न सुनी। सुखदेव ने लिखा कि नए साल की सुबह उन्होंने जेल सुपरिंटेंडेंट के सामने और पूरी गार्ड के सामने अपनी गलती न होने पर भी माफी मांगी, जिसे स्वीकार भी कर लिया गया था। इसके बावजूद, एलओ (LO) ने उन्हें ड्यूटी पर नहीं लिया और सजा के तौर पर सारा दिन धूप में खड़ा रखा गया, जिससे वे पूरी तरह टूट गए।

जातिसूचक गालियां और परिजनों का आक्रोश

मृतक के बेटे जसपाल ने मीडिया को बताया कि उनके पिता को न केवल मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया, बल्कि उन्हें जातिसूचक गालियां भी दी गईं। वर्तमान में सुखदेव का परिवार गहरे सदमे और गुस्से में है। उन्होंने सिरसा पुलिस पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई न करने का आरोप लगाया है और चेतावनी दी है कि जब तक आरोपी अधिकारियों (DSP और LO) के खिलाफ सख्त कदम नहीं उठाए जाते, तब तक वे शव को नहीं लेंगे। फिलहाल हुडा पुलिस चौकी मामले की तफ्तीश कर रही है और सुसाइड नोट के आधार पर तथ्यों की पड़ताल की जा रही है।

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