अहमदाबाद साइबर क्राइम : 10 दिनों तक किया डिजिटली अरेस्ट, फिर ठग लिए 79.34 लाख रुपये

अहमदाबाद साइबर अपराध शाखा ने देशभर में लोगों को 'डिजिटल अरेस्ट' के जरिए ठगने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस मामले में ताइवान के चार नागरिकों सहित कुल 17 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
2024 में बिहार में डिजिटल अरेस्ट के 301 मामले हुए दर्ज, वर्चुअल गिरफ्तारी के जरिए साइबर ठगों उड़ा लिए इतने करोड़ रुपये
डिजिटल अरेस्ट, एआई इमेज
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अहमदाबाद : अहमदाबाद साइबर अपराध शाखा ने देशभर में लोगों को 'डिजिटल अरेस्ट' के जरिए ठगने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस मामले में ताइवान के चार नागरिकों सहित कुल 17 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। गुजरात पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने सोमवार यानी 14 अक्टूबर को जानकारी देते हुए बताया कि यह गिरोह लोगों को ठगने के लिए एक अत्याधुनिक साइबर फ्रॉड तकनीक का इस्तेमाल कर रहा था, जिसे ‘डिजिटल अरेस्ट’ कहा जाता है।

डिजिटल अरेस्ट गिरोह का पर्दाफाश, ताइवान के 4 नागरिकों समेत 17 गिरफ्तार

संयुक्त आयुक्त शरद सिंघल के अनुसार, 'डिजिटल अरेस्ट' साइबर अपराध की एक नई किस्म है, जिसमें पीड़ित को यह विश्वास दिलाया जाता है कि वह मनी लॉन्ड्रिंग, ड्रग्स तस्करी या किसी अन्य अपराध में फंसा हुआ है और सरकारी एजेंसियां उस पर नजर रख रही हैं। इस अपराध में गिरोह पीड़ित को एकांतवास में रहने और केवल वीडियो कॉल के जरिए उनसे संपर्क में रहने के लिए विवश करता है। इसके बाद पीड़ित को डराकर उससे बड़ी रकम वसूली जाती है, जो वह विभिन्न बैंक खातों में हस्तांतरित करने के लिए मजबूर हो जाता है।

इस मामले में गिरोह ने एक वरिष्ठ नागरिक को 10 दिनों तक 'डिजिटली अरेस्ट' किया और उनसे 79.34 लाख रुपये ठग लिए। यह रकम 'आरबीआई से जुड़े एक मुद्दे' को सुलझाने के नाम पर वसूली गई थी। पीड़ित ने शिकायत में बताया कि उन्हें कुछ लोगों ने ट्राई, सीबीआई, और साइबर अपराध शाखा के अधिकारी बनकर फोन किया था और आरोप लगाया कि उनके बैंक खाते से अवैध लेनदेन हो रहा है।

शिकायत के बाद पुलिस ने गुजरात, दिल्ली, राजस्थान, कर्नाटक, ओडिशा और महाराष्ट्र में छापेमारी कर गिरोह के 17 सदस्यों को गिरफ्तार किया। इन 17 लोगों में ताइवान के 4 नागरिक भी शामिल हैं, जिनकी पहचान मू ची सुंग (42), चांग हू युन (33), वांग चुन वेई (26), और शेन वेई (35) के रूप में की गई है। बाकी आरोपी भारत के विभिन्न राज्यों से हैं, जिनमें गुजरात, महाराष्ट्र, झारखंड, ओडिशा और राजस्थान के लोग शामिल हैं।

सिंघल ने बताया कि ताइवान के आरोपी पिछले एक साल से भारत में सक्रिय थे और उन्होंने गिरोह के सदस्यों को पैसा ट्रांसफर करने के लिए मोबाइल ऐप और तकनीकी सहायता प्रदान की थी। गिरोह ने मोबाइल ऐप के माध्यम से ठगी की रकम को अन्य बैंक खातों और दुबई में क्रिप्टो खातों में स्थानांतरित किया। इसके बदले उन्हें हवाला के माध्यम से कमीशन भी मिलता था। पुलिस ने छापेमारी में 12.75 लाख रुपये नकद, 761 सिम कार्ड, 120 मोबाइल फोन, 96 चेक बुक, 92 डेबिट-क्रेडिट कार्ड और 42 बैंक पासबुक जब्त की हैं।

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