सावन में शिवलिंग की पूजा कैसे करें? जानें सही पूजन विधि, जरूरी सामग्री और महादेव को प्रसन्न करने के नियम

Shivling Puja Rituals And Regulations: सावन के पावन महीने में शिवलिंग की पूजा का विशेष महत्व माना जाता है। जानिए शिवलिंग पूजन की सही विधि, आवश्यक पूजन सामग्री और महत्वपूर्ण नियम।
Sawan Shivling Abhishek Rules
शिवलिंग की पूजा कैसे करें (सौ.AI)
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Sawan Shivling Abhishek Rules : 30 जुलाई, बुधवार से सावन का महीना शुरू हो रहा है। सावन शुरू होते ही देशभर में कांवड़ यात्रा, शिवालयों में विशेष पूजा-अर्चना, रुद्राभिषेक और भगवान भोलेनाथ के जयकारों की गूंज सुनाई देने लगेगी।

हिंदू धर्म में सावन केवल एक महीना नहीं, बल्कि शिव आराधना का महापर्व माना जाता है। कहते हैं जो व्यक्ति पूरे सावन महीने शिवलिंग का अभिषेक और पूजन करता है, उस पर महादेव की विशेष कृपा बरसती है। चलिए जानते हैं सावन में शिवलिंग की पूजा कैसे करनी चाहिए और उस पर क्या चीजें चढ़ानी चाहिए।

शिवलिंग पूजा के लिए क्या-क्या होनी चाहिए सामग्री

  • शिवलिंग का अभिषेक की सामग्री

शिवलिंग पूजा के लिए शुद्ध जल, गंगाजल, कच्चा दूध, दही, देसी घी, शहद, शक्कर, गन्ने का रस। आप चाहें तो सिर्फ जल से भी शिवलिंग का अभिषेक कर सकते हैं।

  • शिवलिंग पूजन सामग्री

बेलपत्र कम से कम 3 या 11, धतूरा 1 या 2, भांग के पत्ते, शमी के पत्ते, आंकड़े के फूल, सफेद चंदन, भस्म और अक्षत। इसके अलावा धूप, दीप, फल या मिठाई।

सावन में शिवलिंग की पूजा कैसे करें?

  • ज्योतिष एवं लोक मान्यता के अनुसार, सावन में शिवलिंग की पूजा के लिए वैसे तो सुबह का समय सबसे शुभ माना जाता है।
  • लेकिन अगर सुबह आपके पास समय नहीं है, तब आप शाम में भी शिवलिंग का अभिषेक कर सकते हैं।
  • सबसे पहले तांबे के लोटे से शिवलिंग पर जल और गंगाजल अर्पित करें।
  • इसके बाद आप चाहें तो पंचामृत (दूध, दही, घी, शहद, शक्कर) भी शिवलिंग पर चढ़ा सकते हैं।
  • अगर दूध, दही या फिर पंचामृत चढ़ा रहे हैं तो उसके बाद जल जरूर चढ़ाएं।
  • अभिषेक करते समय मन ही मन लगातार ॐ नमः शिवाय या महामृत्युंजय मंत्र का जाप करते रहें।
  • अगर घर पर शिवलिंग का अभिषेक कर रहे हैं तो शिवलिंग को साफ कपड़े से पोंछ लें।
  • फिर सफेद चंदन और भस्म से शिवलिंग पर त्रिपुंड लगाएं। फिर अक्षत अर्पित करें।
  • इसके बाद बेलपत्र, धतूरा, भांग, शमी पत्र, इत्र और आंकड़े के फूल इत्यादि सामग्री शिवलिंग पर अर्पित करें।
  • अगर सभी सामग्री नहीं है तो आप सिर्फ बेलपत्र भी चढ़ा सकते हैं।
  • फिर भोग लगाएं और धूप-दीपक जलाएं।
  • फिर शिवजी की आरती करें और जाने-अनजाने में हुई भूल की क्षमा मांगें।

शिवलिंग की पूजा के दौरान किन बातों का रखें ध्यान?

  • तांबे के बर्तन का उपयोग न करें

शिवलिंग पर दूध चढ़ाते समय कभी भी तांबे के बर्तन का उपयोग न करें।

  • हल्दी, सिंदूर या कुमकुम भी न करें उपयोग

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शिवलिंग पर कभी भी हल्दी, सिंदूर या कुमकुम भी न लगाएं।

  • तुलसी के पत्ते भी न चढ़ाएं

शिवलिंग पर तुलसी के पत्ते भी न चढ़ाएं।

  • पूरी परिक्रमा न करें

शिवलिंग की कभी भी पूरी परिक्रमा न करें। जहां से शिवलिंग का जल बहकर बाहर निकलता है, उसे कभी लांघना नहीं चाहिए। इसी कारण से शिवलिंग की हमेशा आधी परिक्रमा की जाती है।

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