

Sawan Shivling Abhishek Rules : 30 जुलाई, बुधवार से सावन का महीना शुरू हो रहा है। सावन शुरू होते ही देशभर में कांवड़ यात्रा, शिवालयों में विशेष पूजा-अर्चना, रुद्राभिषेक और भगवान भोलेनाथ के जयकारों की गूंज सुनाई देने लगेगी।
हिंदू धर्म में सावन केवल एक महीना नहीं, बल्कि शिव आराधना का महापर्व माना जाता है। कहते हैं जो व्यक्ति पूरे सावन महीने शिवलिंग का अभिषेक और पूजन करता है, उस पर महादेव की विशेष कृपा बरसती है। चलिए जानते हैं सावन में शिवलिंग की पूजा कैसे करनी चाहिए और उस पर क्या चीजें चढ़ानी चाहिए।
शिवलिंग पूजा के लिए शुद्ध जल, गंगाजल, कच्चा दूध, दही, देसी घी, शहद, शक्कर, गन्ने का रस। आप चाहें तो सिर्फ जल से भी शिवलिंग का अभिषेक कर सकते हैं।
बेलपत्र कम से कम 3 या 11, धतूरा 1 या 2, भांग के पत्ते, शमी के पत्ते, आंकड़े के फूल, सफेद चंदन, भस्म और अक्षत। इसके अलावा धूप, दीप, फल या मिठाई।
शिवलिंग पर दूध चढ़ाते समय कभी भी तांबे के बर्तन का उपयोग न करें।
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शिवलिंग पर कभी भी हल्दी, सिंदूर या कुमकुम भी न लगाएं।
शिवलिंग पर तुलसी के पत्ते भी न चढ़ाएं।
शिवलिंग की कभी भी पूरी परिक्रमा न करें। जहां से शिवलिंग का जल बहकर बाहर निकलता है, उसे कभी लांघना नहीं चाहिए। इसी कारण से शिवलिंग की हमेशा आधी परिक्रमा की जाती है।