भोपाल में किसानों का भारी बवाल! कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के घर के बाहर जुटे प्रदर्शनकारी, मचा हड़कंप

भोपाल में उग्र हुआ किसान आंदोलन! बैरिकेड्स तोड़ केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के घर पहुंचे प्रदर्शनकारी। मौके पर भारी पुलिस बल तैनात, स्थिति तनावपूर्ण।
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कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के घर के बाहर जुटे प्रदर्शनकारी
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Bhopal Kisan Andolan: अपनी विभिन्न मांगों को लेकर उग्र प्रदर्शन कर रहे किसानों का जत्था अब केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के निवास के बाहर जुट गया है। कृषि मंत्री के बंगले के बाहर किसानों के अचानक जमावड़े और विरोध-प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासन में हड़कंप मच गया है। सुरक्षा के लिहाज से मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल और रैपिड एक्शन फोर्स को तैनात किया गया है।

धरना स्थल से आगे बढ़े आक्रोशित किसान लगातार नारेबाजी कर रहे हैं, वहीं पुलिस बल स्थिति को नियंत्रण में रखने और प्रदर्शनकारियों को बैरिकेड्स के पीछे रोकने के लिए पूरी मशक्कत कर रहा है।

किसान आंदोलन को मिला जेन-जी का समर्थन

भोपाल में जारी किसान आंदोलन को युवाओं का भी समर्थन मिल रहा है। बड़ी संख्या में जेन-जी प्रदर्शन में शामिल होकर किसानों के साथ अपनी एकजुटता दिखा रही है। वहीं, किसानों ने सरकार को ‘सद्बुद्धि’ देने की कामना के साथ हवन भी किया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि खेती की लागत और महंगाई लगातार बढ़ रही है, लेकिन उनकी उपज का उचित मूल्य नहीं मिल रहा। उनका आरोप है कि फसलों के वाजिब दाम नहीं मिलने से किसान आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं।

सीएम मोहन यादव ने गठित की कमेटी

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए राज्य सरकार ने मंत्रियों की एक समिति गठित की है। समिति के सदस्य किसान प्रतिनिधियों से संवाद कर उनकी मांगों और सुझावों पर चर्चा करेंगे। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों के सकारात्मक सुझावों का स्वागत करती है, लेकिन आंदोलन के दौरान आम जनता को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसका भी ध्यान रखा जाना चाहिए।

वहीं, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रदेशभर से आए हजारों किसान अपनी जायज मांगों को लेकर शांतिपूर्ण ढंग से आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन सरकार उनकी आवाज सुनने के बजाय उदासीन बनी हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि किसानों की समस्याओं का समाधान संवाद से होना चाहिए, न कि उनकी अनदेखी करके।

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