Fact Check : नाली के पानी से बनाई जा रही चाऊमीन? वायरल वीडियो की सच्चाई जानकर रह जाएंगे हैरान

Fake Viral Video : सोशल मीडिया पर नाली के पानी से बिरयानी बनाने का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो देखकर लोग भड़क गए हैं, लेकिन जांच में सामने आया कि यह क्लिप असली नहीं बल्कि AI से बना है।
The viral video showing a vendor using drain water in biryani is fake and has been created using AI technology.
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा वीडियो AI जनरेटेड है।
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Biryani Video Fact Check : सड़क किनारे मिलने वाले स्ट्रीट फूड के शौकीनों के लिए सोशल मीडिया पर इन दिनों एक ऐसा वीडियो वायरल हो रहा है, जिसे देखकर किसी का भी मन खाने से उठ जाए। इस वीडियो में एक शख्स को सड़क किनारे चाऊमीन बेचते हुए दिखाया गया है।

सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि वह अपनी बिरयानी की डेग को खुले नाले के पास रखता है और कटोरी से नाली का पानी भरकर सीधे चाऊमीन में डाल देता है। इसके बाद वह आराम से करछुल चलाकर उस पानी को चाऊमीन में मिलाता नजर आता है। वीडियो सामने आते ही सोशल मीडिया पर हंगामा मच गया और लोगों ने स्ट्रीट फूड की साफ-सफाई पर सवाल खड़े कर दिए।

सोशल मीडिया पर वीडियो हुआ वायरल

वीडियो इंस्टाग्राम, फेसबुक और X जैसे प्लेटफॉर्म पर तेजी से शेयर किया जा रहा है। कई यूजर्स इसे देखकर गुस्से में हैं और कह रहे हैं कि बाहर का खाना पूरी तरह असुरक्षित हो चुका है।

वायरल वीडियो का सच

पड़ताल की शुरुआत में हमें गौर से देखने पर कई चीजें अजीब लगती हैं- जैसे हाथों की बनावट ठीक नहीं दिखती, पानी का बहाव असली ग्रेविटी जैसा नहीं लगता और पूरी घटना बेहद अव्यावहारिक नजर आती है।

AI जनरेटेड टूल के सर्च रिजल्ट का स्क्रीनशॉट।
AI जनरेटेड टूल के सर्च रिजल्ट का स्क्रीनशॉट।

पड़ताल के अगले चरण में हमने वायरल वीडियो को AI डिटेक्ट टूल पर सर्च किया। सर्च करने पर हमें पर पता चला कि वायरल वीडियो पूरी तरह AI जनरेटेड है। AI डिटेक्ट टूल ने इस वीडियो 99% AI जनरेटेड बताया है।

वायरल वीडियो निकला AI जनरेटेड

हमारी जांच में सामने आया है कि यह वीडियो असली नहीं बल्कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से बनाया गया है। इसी अकाउंट से पहले भी चाऊमिन में नाली का पानी मिलाने जैसे कई वीडियो पोस्ट किए जा चुके हैं, जो सभी AI जनरेटेड पाए गए हैं।

जानकारों का कहना है कि ऐसे वीडियो सिर्फ लोगों को डराने और भ्रम फैलाने के लिए बनाए जाते हैं। इसलिए सोशल मीडिया पर दिखने वाले हर वीडियो पर आंख बंद करके भरोसा करना सही नहीं है। किसी भी वायरल कंटेंट को सच मानने से पहले उसकी जांच और तर्क जरूर करना चाहिए।

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