

Car Start Stop Mistakes: अक्सर जब सड़क पर गाड़ी खराब होती है तो हम मैन्युफैक्चरिंग डिफेक्ट या टेक्निकल फॉल्ट को दोष देते हैं। लेकिन एक्सपर्ट्स का मानना है कि ज्यादातर मामलों में असली वजह हमारी गलत ड्राइविंग आदतें होती हैं। खासकर गाड़ी को स्टार्ट और बंद करते समय की गई छोटी-छोटी गलतियां इंजन, गियरबॉक्स, बैटरी, सेंसर्स और टर्बोचार्जर जैसे महंगे पार्ट्स को नुकसान पहुंचा सकती हैं। अगर आप चाहते हैं कि आपकी कार सालों तक बिना बड़ी मरम्मत के चलती रहे, तो इन बातों को नजरअंदाज न करें।
कार स्टार्ट करने से पहले यह सुनिश्चित करें कि हेडलाइट, एसी और अन्य इलेक्ट्रिकल सिस्टम बंद हों। अगर ये ऑन रहते हैं, तो स्टार्ट के समय बैटरी पर अचानक अतिरिक्त लोड पड़ता है। इससे वोल्टेज ड्रॉप हो सकती है, जो गाड़ी के सेंसर्स और इलेक्ट्रॉनिक मॉड्यूल को प्रभावित कर सकती है। लगातार ऐसा होने पर बैटरी की लाइफ भी कम हो जाती है।
कई लोग सुबह पहली बार गाड़ी स्टार्ट करते ही एक्सीलेरेटर दबा देते हैं। यह आदत इंजन के लिए नुकसानदेह है। जब इंजन स्टार्ट होता है, तो इंजन ऑयल को सभी हिस्सों तक पहुंचने में कम से कम 20-30 सेकंड लगते हैं। अगर इस दौरान रेस दी जाए तो इंजन के अंदर घर्षण बढ़ सकता है। इससे परफॉर्मेंस और माइलेज दोनों प्रभावित हो सकते हैं। बेहतर है कि स्टार्ट के बाद कुछ सेकंड इंजन को आइडल पर चलने दें।
बहुत से लोग कार रोकते ही झटके से इंजन बंद कर देते हैं। खासकर बिना क्लच दबाए या न्यूट्रल किए गाड़ी बंद करना इंजन और गियरबॉक्स पर दबाव डालता है। टर्बो इंजन वाली कारों में यह गलती ज्यादा महंगी साबित हो सकती है। अचानक इंजन बंद करने से टर्बोचार्जर में लुब्रिकेशन रुक जाता है, जिससे टर्बो जाम होने का खतरा बढ़ जाता है। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि टर्बो कार को बंद करने से पहले कुछ सेकंड आइडल पर चलने दें, ताकि सिस्टम सामान्य रूप से ठंडा हो सके।
कार की सही देखभाल सिर्फ समय पर सर्विस कराने से नहीं होती, बल्कि रोजमर्रा की सही आदतों से भी होती है। स्टार्ट और स्टॉप के दौरान थोड़ी सी समझदारी अपनाकर आप हजारों रुपये की मरम्मत से बच सकते हैं। याद रखें, गाड़ी मशीन है लेकिन उसकी लंबी उम्र आपके व्यवहार पर निर्भर करती है।