Tu Jhoothi Main Makkaar: 52 रिटेक्स फिर भी शिकन नहीं, रणबीर कपूर के धैर्य पर बोले बोनी कपूर

Ranbir Kapoor: रणबीर कपूर यूं तो बॉलीवुड के बेहतरीन एक्टर हैं, लेकिन फिल्म तू झूठी मैं मक्कार में एक सीन के लिए उन्हें 52 रिटेक्स देने पड़े थे, इस पर बोनी कपूर ने अपनी प्रतिक्रिया दी है।
Tu Jhoothi Main Makkaar: 52 रिटेक्स फिर भी शिकन नहीं, रणबीर कपूर के धैर्य पर बोले बोनी कपूर
रणबीर कपूर को क्यों लोग बताते हैं बेहतर कलाकार? बोनी कपूर ने खोला राज
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Boney Kapoor: रणबीर कपूर इस समय अपनी अपकमिंग फिल्म रामायण को लेकर सुर्खियों में बने हुए हैं। उन्हें बॉलीवुड के बेहतरीन कलाकारों में से एक समझा जाता है।  उनकी एक्टिंग भी काफी दमदार है, लेकिन तू झूठी मैं मक्कार फिल्म के समय उन्हें एक सीन के लिए 52 रिटेक्स देने पड़े थे, उसके बावजूद उनके चेहरे पर शिकन नहीं दिख रही थी। उनके धैर्य को लेकर अब बोनी कपूर की प्रतिक्रिया सामने आई है। 

बॉलीवुड एक्टर रणबीर कपूर के साथ फिल्म तू झूठी मैं मक्कार में बोनी कपूर ने उनके पिता का किरदार निभाया था। वह उनके साथ काम करते हुए नजर आए थे। एक इंटरव्यू के दौरान बोनी कपूर ने बताया कि रणबीर कपूर के अंदर बहुत धैर्य है और वह शूटिंग सेट पर बिल्कुल भी परेशान नहीं होते हैं और उनकी यही क्वालिटी उन्हें एक अच्छा कलाकार बनाती है। रणबीर कपूर के साथ काम कर चुके कई कलाकारों ने उनके द्वारा शूटिंग सेट पर किए जाने वाले व्यवहार को लेकर उनकी तारीफ की है। 

शिकायत नहीं करते रणबीर 

कोमल नाहटा से बात करते हुए बोनी कपूर ने बताया रणबीर कपूर उन कलाकारों में से एक हैं, जिन्हें शूटिंग सेट पर मैंने कभी चिड़चिड़ाते नहीं देखा। फिल्म तू झूठी मैं मक्कार के समय हम 16-16 घंटे लगातार शूटिंग कर रहे थे। दिल्ली में तापमान बहुत ज्यादा था। हम दिन की बजाए रात में शूटिंग कर रहे थे, ताकि ठंडे मौसम में शूटिंग पूरी हो सके, लेकिन उन्होंने एक सेकंड के लिए भी शिकायत नहीं की। 

बोनी कपूर ने बताया 52 रिटेक्स वाल किस्सा 

बातचीत के दौरान बोनी कपूर ने आगे यह भी बताया मुझे याद है एक सीन के लिए उन्हें 52 रीटेक्स देने पड़े थे। अलग-अलग कारणों की वजह से वह रिटेक्स पर रिटेक्स लिया गया था। लेकिन उन्होंने क्रू को पूरा सम्मान दिया था, यहां तक की 12-13 टेक्स के बाद मैं थोड़ा चिड़चिड़ा हो गया था, लेकिन वह मेरे पास आए और बोले जब तक डायरेक्टर संतुष्ट नहीं होता हमें अपना सब कुछ देते रहना होगा, यही हमारा काम है। उनका यही धैर्य और यही क्वालिटी उन्हें एक अच्छा कलाकार बनाती है। 

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