

India Condemns Kabul Attack: अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में एक भीषण मानवीय त्रासदी सामने आई है। पाकिस्तान द्वारा काबुल के एक अस्पताल पर किए गए हवाई हमले में करीब 400 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई है। इस हमले पर भारत सरकार ने अत्यंत सख्त रुख अपनाते हुए इसकी कड़ी निंदा की है और इसे 'अमानवीय' व 'कायरतापूर्ण' कृत्य करार दिया है।
तालिबान अधिकारियों और स्थानीय मीडिया के अनुसार, यह हमला सोमवार (16 मार्च) की रात करीब 9 बजे काबुल स्थित 2,000 बेड वाले 'ओमिद नशा मुक्ति अस्पताल' को निशाना बनाकर किया गया। हमले के वक्त अस्पताल मरीजों से भरा हुआ था। तालिबान के उपप्रवक्ता मुल्ला हमदुल्ला फितरत ने बताया कि इस हवाई हमले में अस्पताल का बड़ा हिस्सा मलबे में तब्दील हो गया है जिससे मरने वालों की संख्या 400 के पार पहुंच गई है जबकि 250 से ज्यादा लोग गंभीर रूप से घायल हैं।
भारत के विदेश मंत्रालय ने मंगलवार को एक आधिकारिक बयान जारी कर इस हमले की तीव्र भर्त्सना की। नई दिल्ली ने स्पष्ट रूप से कहा कि निहत्थे नागरिकों और मरीजों पर की गई इस हिंसा को किसी भी तरह से 'सैन्य कार्रवाई' नहीं ठहराया जा सकता। भारत ने पाकिस्तान पर आरोप लगाया कि वह अपनी आंतरिक विफलताओं और कमियों को छिपाने के लिए बार-बार सीमा पार हिंसा और निर्दोषों के नरसंहार का सहारा ले रहा है।
भारत ने इस बात पर भी गहरा दुख और रोष जताया कि यह हमला रमजान जैसे पवित्र महीने के दौरान किया गया है। विदेश मंत्रालय के बयान के अनुसार, 'रमजान के महीने में अस्पताल और मरीजों को जानबूझकर निशाना बनाना न केवल अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन है, बल्कि यह किसी भी नैतिकता के खिलाफ है'। भारत ने जोर देकर कहा कि कोई भी धर्म या कानून अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थानों पर हमले की अनुमति नहीं देता।
भारत सरकार ने इस एयरस्ट्राइक को अफगानिस्तान की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता पर सीधा हमला बताया है। नई दिल्ली ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की है कि वे इस बर्बरता के लिए जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय करें और अफगानिस्तान में नागरिकों पर हो रहे इन हमलों को तुरंत रुकवाएं। भारत ने इस कठिन समय में अफगानिस्तान के लोगों के साथ खड़े रहने और उनके प्रति अपना अटूट समर्थन दोहराया है।