ऑस्कर की रेस से फिल्म के बाहर होने पर हीरामंडी फेम ताहा शाह बदुशा को नहीं है दुख, बोले- यहां तक पहुंचना ही...

Taha Shah Badussha Reaction: फिल्म ‘पारो-द अनटोल्ड स्टोरी ऑफ ब्राइड स्लेवरी’ के ऑस्कर की रेस से बाहर होने पर ताहा शाह बदुशा निराश नहीं हैं। इसे वह एक बड़ी उपलब्धि मानते हैं।
Indian films At Oscars 2026
ताहा शाह बदुशा (फोटो-सोर्स,सोशल मीडिया)
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Indian films At Oscars 2026: अभिनेता ताहा शाह बदुशा अपनी फिल्म ‘पारो-द अनटोल्ड स्टोरी ऑफ ब्राइड स्लेवरी’ के 98वें ऑस्कर की कंटेंशन लिस्ट से बाहर होने पर बिल्कुल भी निराश नहीं हैं। उनका मानना है कि हजारों फिल्मों के बीच किसी छोटी फिल्म का ऑस्कर की एलिजिबिलिटी लिस्ट तक पहुंचना अपने आप में एक बड़ी कामयाबी है। ताहा कहते हैं कि ऐसे मौके फिल्ममेकर्स और कलाकारों को आगे बढ़ने की नई उम्मीद देते हैं।

ताहा शाह का मानना है कि भारतीय सिनेमा में ऐसी कई कहानियां हैं, जो वैश्विक मंच की हकदार हैं। उन्होंने कहा कि जब कोई छोटी और संवेदनशील फिल्म ऑस्कर जैसे मंच तक पहुंचती है, तो यह साबित होता है कि कंटेंट की ताकत भाषा और बजट से कहीं बड़ी होती है। भले ही ‘पारो’ आगे नहीं बढ़ पाई, लेकिन उसे जो अंतरराष्ट्रीय पहचान मिली, वह बेहद अहम है।

हीरामंडी भी ऑस्कर से कम नहीं थी

अपने करियर पर बात करते हुए ताहा शाह ने कहा कि उनके लिए ‘हीरामंडी: द डायमंड बाजार’ किसी ऑस्कर से कम नहीं थी। इस सीरीज ने न सिर्फ उनकी प्रोफेशनल लाइफ बदली, बल्कि उन्हें एक नई पहचान भी दिलाई। उन्होंने माना कि ऑस्कर तक पहुंचने की प्रक्रिया बेहद लंबी और खर्चीली होती है, जिसमें बहुत मेहनत और संसाधनों की जरूरत पड़ती है।

फिल्म का मकसद जागरूकता फैलाना था

‘पारो’ फिल्म भारत में दुल्हन तस्करी और जबरन शादी जैसे गंभीर मुद्दों को उजागर करती है। ताहा कहते हैं कि उन्होंने यह फिल्म किसी अवॉर्ड की सोच के साथ नहीं की थी। उनका उद्देश्य सिर्फ उन महिलाओं की आवाज बनना था, जिन्हें समाज में पहचान और मदद की जरूरत है। ऑस्कर की चर्चा ने फिल्म को और ज्यादा लोगों तक पहुंचाया।

कान्स फिल्म फेस्टिवल में मिली तालियों ने बढ़ाया हौसला

ताहा शाह ने कान्स फिल्म फेस्टिवल का जिक्र करते हुए कहा कि जब ‘पारो’ की स्क्रीनिंग के बाद तालियां बजीं, तब उन्हें एहसास हुआ कि उनकी मेहनत रंग ला रही है। उन्होंने माना कि संघर्ष के दौर में कई बार हार मानने का मन करता है, लेकिन ऐसी सराहना कलाकार को फिर से नई ऊर्जा देती है।

इसके साथ ही साल 2011 से 2026 तक के लंबे सफर पर ताहा कहते हैं कि वह फिल्मी बैकग्राउंड से नहीं आते। इंडस्ट्री में भरोसा बनाने में वक्त लगता है। किस्मत हमारे हाथ में नहीं, लेकिन मेहनत जरूर हमारे कंट्रोल में है और वह उसी पर भरोसा रखते हैं।

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